सिहंस्थ के श्रमिकों पर भी भविष्य निधि लागू होगा
सिहंस्थ के श्रमिकों पर भी भविष्य निधि लागू होगा
PUBLISHED : Feb 21 , 9:16 PMBookmark and Share


इन्दौर। दैनिक वेतनभोगी और अंश कालिक श्रमिकों को भविष्य निधि के दायरे में लाने के साथ सिहंस्थ के निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को भी भविष्य निधि योजनाओं का लाभ दिलाने के प्रयास जारी हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के इन्दौर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में क्षेत्रीय सलाहकार समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय मेहरा ने बताया कि विभिन्न विभागों द्वारा दिये जाने वाले बड़े ठेकों के लिये पी.एफ कोड अनिवार्य करने की कार्रवाई भी जारी है तथा इसके लिये संबंधित विभागों जैसे लोक निर्माण विभाग, नगर निगम सहित सभी विभागों को पत्र लिखे गये हैं। श्री मेहरा ने बताया कि बंद पड़ी मिलों के श्रमिकों की भविष्य निधि की राशि की वसूली के लिये भी शासकीय परिसमापक (ऑफिसियल लिक्वीडेटर) को पत्र लिखा है।

श्री मेहरा ने बताया कि भविष्य निधि सदस्य नियोक्ताओं के हस्ताक्षर के बिना भी राशि निकाल सकेंगे। इसके लिये सदस्यों के के.वाय.सी. आधार लिंक करना होगा। इसके साथ ही शीघ्र ही दावों के निपटान की प्रक्रिया ऑनलाईन शुरू की जा रही है। श्री मेहरा ने दावों के निपटान की जानकारी देते हुये बताया कि अभी तीन दिनों में दावों का निपटान किया जा रहा है। भविष्य निधि संगठन को ई-गवर्नेंस के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। बैठक में श्रम आयुक्त के.सी. गुप्ता ने बताया कि श्रम विभाग में प्रदेश के करीब 4700 बिल्डर और ठेकेदार पंजीकृत हैं जिनकी सूची भविष्य निधि कार्यालय को उपलब्ध कराई जा रही हैं। क्षेत्रीय सलाहकार समिति की बैठक में भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री सुल्तान सिंह शेखावत, इंटक म.प्र. के महामंत्री कृपाशंकर वर्मा, नियोक्ता प्रतिनिधि आलोक दवे, क्षेत्रीय आयुक्त गजाला अली खान और पी.सी. गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किये। बैठक में इन्दौर के अलावा भोपाल, सागर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर स्थित भविष्य निधि कार्यालय के प्रभारी अधिकारी भी मौजूद थे।