*कर्मचारियों को आनंद का पाठ पढ़ाएगी सरकार*
*कर्मचारियों को आनंद का पाठ पढ़ाएगी सरकार*
PUBLISHED : Jul 17 , 9:24 AMBookmark and Share



भोपाल।* राज्य सरकार शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को आनंद का कोर्स कराएंगे। इसके लिए एक पाठ्यक्रम बनाया गया है। *'ए लाईफ ऑफ हैप्पीनेस एण्ड फुलफिलमेंट'* नामक इस पाठ्यक्रम को डॉ. राज रघुनाथन ने तैयार किया है। इस कोर्स को इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैदराबाद भी उपलब्ध करा रहा है। यह ऑनलाइन पाठ्यक्रम होगा। इस कोर्स का नि:शुल्क अथवा सशुल्क दोनों तरह से अध्ययन किया जा सकेगा।
शासकीय कर्मचारी को कोर्स की फीस का विभाग द्वारा अधिकतम बीस हजार रुपये भुगतान किया जाएगा। हालांकि कार्यक्रम की फीस इससे अधिक हो तो उसका भुगतान संबंधित सेवक को स्वत: करना होगा। कोर्स पूरा करने के बाद प्रमाण पत्र के आधार पर जो लोक सेवक राज्य आनंद संस्थान को प्रमाण पत्र भेजेंगे उनको संस्थान में आनंदक-रिसोर्स पर्सन के रूप में पंजीकृत किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार संपर्क कर उन्हेें स्वयं सेवक के रूप में कार्य करने का अवसर दिया जाएगा।
वर्तमान में यह कोर्स अंग्रेजी भाषा  में उपलब्ध है। राज्य आनंद संस्थान द्वारा इसका अनुवाद किया जा रहा है। 3 माह के बाद इसका हिंदी संस्करण भी वेबसाइट पर उपलब्ध हो सकेगा।यह समस्त कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा डिपार्टमेंट आफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने शासकीय अधिकारियों के लिए मान्य किया हैं। यह सुविधा ऐसे नियमित एवं अनुबंध पर कार्य कर चुके अधिकारी एवं कर्मचारियों को मिल सकेगी, जो अपनी नौकरी के दौरान  तीन वर्ष की निरंतर सेवा दे चुके हो।
आनंद विभाग द्वारा इन संस्थाओं से पृथक से एमओयू किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कार्यक्रम की जानकारी और उनका कैलेण्डर एक सितंबर, 2017 से उपलब्ध होगा। जिसके बाद इस पाठ्यक्रम में भाग लेने के लिए अधिकारी-कर्मचारी को राज्य आनंद संस्थान के माध्यम से पंजीकृत होना होगा।

*यह संस्थाएं कराएगी कोर्स*

     *संस्थान का नाम*
1    द आर्ट ऑफ लीविंग फाउण्डेशन बैंगलोर-
        *कार्यक्रम का नाम*
बिल्डींग कम्पेटेंसेस फार पर्सनल एक्सलेंस इन पब्लिक गवर्नेंस।

     *संस्थान का नाम*
2     आईसी सेंटर फार अवर्नेंस (आईसीसीजी) पंजगंज-
        *कार्यक्रम का नाम*
    इथीक्स इन पब्लिक सर्विस

     *संस्थान का नाम*
3    ईशा (फांउडेशन) योगा सेंटर कोयम्बटूर -
        *कार्यक्रम का नाम*
इन्नेर इंजीनियरिंग लीडरशीप प्रोग्राम।


*इनका कहना है*
दफ्तर और आम जीवन शैली में आनंद (हेप्पनिंग) का माहौल बने, लोगों की लाइफ स्टाइल खुशनुमा हो इस उद्देश्य को ध्यान मेें रखते हुए यह कोर्स तैयार किया गया है।  इसे शासकीय कर्मचारी से लेकर एक आम आदमी तक कर सकता है। इस कोर्स का हिंदी पाठ्क्रम भी तैयार किया जा रहा है। जिसे जल्द ही आन-लाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रवीण गंगराडे, संचालक राज्य आनंद संस्थान
डा.नवीन जोशी