मुश्किल में लालू: 2006 रेलवे होटल टेंडर मामले में 12 स्थानों पर CBI छापा, पत्नी और बेटे पर केस दर्ज
मुश्किल में लालू: 2006 रेलवे होटल टेंडर मामले में 12 स्थानों पर CBI छापा, पत्नी और बेटे पर केस दर्ज
PUBLISHED : Jul 07 , 8:53 AMBookmark and Share



लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। चारा घोटाला, जमीन विवाद के बाद अब वे होटल टेंडर के मामले में फंसते नजर आ रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबरों के मुताबिक सीबीआई ने लालू यादव के 12 ठिकानों पर शुक्रवार सुबह 7 बजे से छापेमारी शुरू की और केस भी दर्ज किया गया है। दिल्ली, पटना, रांची, पुरी, गुरुग्राम में 12 ठिकानों पर जमकर छापेमारी हो रही है।
दरअसल 2006 के दौरान लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेलमंत्री थे और उन पर आरोप है कि तब उन्होंने रेलवे के होटल टेंडर निजी कंपनी को दिए थे। रेल मंत्री के तौर पर निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया था। सीबीआई ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, एक व्यक्ति, एक निजी मार्केटिंग कंपनी के दो निदेशक और एक अन्य कंपनी के दो निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आपको बता दें कि आयकर विभाग ने बेनामी ट्रांजैक्शन ऐक्ट के तहत लालू की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर पहले ही केस दर्ज कर चुकी है।  होटल टेंडर मामले को लेकर सीबीआई की  छापेमारी चल रह रही है।  मामले में लालू यादव के बेटे, पत्नी और बेटी के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। आपको बता दें कि  पहले से ही लालू यादव और उनके परिवार पर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं।

कानून के तहत कार्रवाईः भाजपा

लालू यादव के ठिकानों पर कार्रवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि ये कार्रवाई कानून के हिसाब से हो रही है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ये बाते कही है।

 

चारा घोटाले में आज होना है पेश

आज लालू यादव को चारा घोटाले में भी सीबीआई कोर्ट में पेश होना है। 1996 में पशुओं के चारा के नाम पर 950 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से फर्जीवाड़ा करके निकाल लिये जाने का मामला उजागर हुआ था।  इसमें 44 से अधिक मामले दर्ज किये गये थे।  इन्हीं में झारखंड में देवघर व डोरंडा का मामला भी शामिल हैं।  इससे पहले वह 6 जून को चारा घोटाले के एक मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की पटना के सीबीआई कोर्ट में पेशी हुई थी।

22 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
इससे पहले 16 मई को लालू यादव के दिल्ली-गुरुग्राम स्थित 22 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। ये छापेमारी भी जमीन सौदों को लेकर की गई थी। आरोप है कि 1 हजार करोड़ का बेनामी जमीन का सौद किया गया।