चीन का आरोप: भारत ने सिक्किम बॉर्डर पर पंचशील सिद्धांत का उल्लंघन किया
चीन का आरोप: भारत ने सिक्किम बॉर्डर पर पंचशील सिद्धांत का उल्लंघन किया
PUBLISHED : Jul 06 , 8:43 AMBookmark and Share



सिक्किम गतिरोध को लेकर अपना रूख और कड़ा करते हुए चीन ने भारत पर पंचशील सिद्धांतों को 'कुचल देने' का आरोप लगाया। चीन ने कहा कि नई दिल्ली जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी अपने सैनिक वापस बुलाकर अपनी गलतियां सुधारे। चीन ने कहा है कि भारत जनता को यह कहकर गुमराह कर रहा है कि 'सिक्किम गलियारा' के पास चीनी जवान सड़क निमार्ण कर रहे हैं जो पूर्वोत्तर के राज्यों में भारत की पहुंच के लिए खतरा बन सकता है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेन शुआंग ने संवाददाताओं से कहा, 'मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत का कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का उल्लंन है। जैसा कि हम जानते हैं कि 1950 के दशक में चीन, भारत और म्यांमार ने सह—अस्तित्व के पांच सिद्धांत जिसे 'पंचशील' कहा जाता है, दिए थे। यह सबको हैरान कर गया कि भारतीय पक्ष ने दूसरे देश की सीमा में गैरकानूनी ढंग से दाखिल होकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों को आगे बढ़ाने वाले मौलिक नियमों को कुचलने का काम किया है, जिन्हें खुद उसने प्रस्तावित किया था।'

जेंग शुआंग ने कहा, '1890 की चीन—ब्रिटिश संधि की अवमानना करते हुए भारतीय पक्ष ने कहा कि डोक ला तीन देशों के तिराहे के क्षेत्र में स्थित है, यह जनता को गुमराह करना है।' जेंग ने इस बात पर जोर दिया, '1890 की संधि कहती है कि सिक्किम क्षेत्र की सीमा पूर्वी पहाडि़यों से शुरू होती है और सड़क निर्माण का कार्य गिपमोची पर्वत से करीब 2000 मीटर दूर हुआ है।  इसका चीन, भारत और भूटान के बीच तिराहे से कुछ लेना—देना नहीं है।'
 
जेंग ने चीन द्वारा सड़क निमार्ण का बचाव करते हुये कहा, 'भारतीय पक्ष दरअसल यह कह कर जनता को भ्रमित कर रही है कि यह घटना तीनों देशों की सीमा के मिलन बिंदू की है। भारत और भूटान चीन द्वारा सड़क बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। भारत ने सड़क निमार्ण पर चिंता व्यक्त करते हुए आशंका जताई थी कि इससे उसके पूर्वोत्तर राज्यों से संपर्क काटने में चीनी सैनिक कामयाब हो सकते हैं।

डोकलाम में भूटान के साथ कोई विवाद नहीं: चीन

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने भूटान के विरोध के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए मीडिया से कहा, 'हम जोर देकर कह रहे हैं कि डोकलाम प्राचीन काल से चीन का है। यह बिना किसी विवाद के चीन के प्रभावशाली क्षेत्राधिकार के तहत था। चीन और भूटान के बीच करीब 24 दौर की सीमा वार्ता हुई थी। वैसे दोनों देशों के बीच सीमा अब तक चिन्हित नहीं है लेकिन हमारी सीमा पर मूलभूत सर्वसम्मति है और हम दोनों के बीच कोई विवाद नहीं है कि डोकलाम चीन का है।'