राष्ट्रपति चुनाव:पार्टियों ने बनाई रणनीति,किस पार्टी के पास कितने वोट
राष्ट्रपति चुनाव:पार्टियों ने बनाई रणनीति,किस पार्टी के पास कितने वोट
PUBLISHED : Jul 17 , 8:52 AMBookmark and Share



आज राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होना है। एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और कांग्रेस की मीरा कुमार के बीच मुकाबला कड़ा है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होनी है। हमारे पास पार्टी संबंधित कुछ आंकड़े हैं जो बताते हैं कि रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी है। बीते दिनों सभी पार्टियों ने विधायकों के साथ राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा की और उन्हें वोट देने की ट्रेनिंग दी।
बीजेपी- 4,42,117
कांग्रेस- 1,61,478
टीएमसी- 63, 847
टीडीपी- 31,116
शिव सेना- 25, 893
समाजवादी पार्टी- 26,060
सीपीएम- 27,069
बीएसपी- 8,200
जेडीयू- 20, 935
आरजेडी- 18,796
डीएमके- 18, 352
एनसीपी- 15, 857
चुनाव आयोग ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्किर सहित 55 सांसद आज राष्ट्रपति चुनाव में संसद भवन की बजाय अपने राज्य विधानसभाओं में मतदान करेंगे। पांच विधायक अपना मत संसद भवन में और चार अन्य विधायक अपना मत ऐसी राज्य विधानसभाओं में डालेंगे जहां से वे निवार्चित नहीं हुए हैं।
 
राष्ट्रपति चुनाव के नियमों के मुताबिक सांसद या विधायक आयोग से यह कह सकते हैं कि एक अपवाद के तौर पर वह उन्हें किसी अन्य स्थान पर मतदान करने की इजाजत दे। चुनाव आयोग के दस्तावेज के मुताबिक उसने 14 राज्यसभा और 41 लोकसभा सदस्यों को कल संसद भवन की बजाय राज्य विधानसभाओं में मत डालने की इजाजत दी है। इनमें पर्किर, आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हैं जिन्होंने संसद की अपनी सदस्यता नहीं छोड़ी है। पर्किर जहां राज्यसभा के सदस्य हैं, आदित्यनाथ और मौर्य लोकसभा सदस्य हैं।
भारत के अगले राष्ट्रपति के लिये आज होने वाले चुनाव में राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार आमने-सामने हैं लेकिन आंकड़ों में कोविंद का पलड़ा भारी दिख रहा है। मतों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी जहां विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाई जायेंगी।

इन चुनावों में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के सदस्य मतदाता होते हैं। इस चुनाव में राजग का पक्ष भारी लग रहा है लेकिन विपक्ष अपने उम्मीदवार के समर्थन में कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद और लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने देश भर में घूम घूम कर अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में लोगों से मत देने को कहा।

इन चुनावों में कुल 4896 मतदाता—4120 विधायक और 776 सांसद — अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये पात्र हैं। राज्यों की विधान परिषद के सदस्य विधान पार्षद इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते। लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है वहीं एंग्लो—इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है। राज्यसभा के भी 12 नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं।

यह चुनाव क्योंकि गोपनीय मतपत्र के जरिये होता है इसलिये पार्टियां अपने सदस्यों को किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में मत डालने के लिये व्हिप जारी नहीं कर सकतीं। भाजपा के नेतत्व वाले राजग के पास शिवसेना को मिलाकर कुल 5,37,683 वोट हैं और उसे करीब 12000 और मतों की जरूरत है। हालांकि बीजद, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन के वादे और अन्नाद्रमुक के एक धड़े से समर्थन की संभावना राष्ट्रपति चुनावों में वोटों की कमी के अंतर को पूरा कर सकती है।