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  • सुधार के संकेतः जीएसटी के 18-12% वाले स्लैब का हो सकता है विलय, 28% से बाहर होंगी कई वस्तुएं
    PUBLISHED : Nov 22 , 8:08 AM


  • केंद्र सरकार जीएसटी को लेकर उपभोक्ताओं को और राहत देने की तैयारी कर रही है। उसकी मंशा जीएसटी के 18 और 12 फीसदी स्लैब को विलय करने की है। इसके अलावा 28 फीसदी वाले स्लैब में से भी कई वस्तुओं को बाहर किए जाने पर विचार चल रहा है।

    केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन ने इन सुधारों के संकेत दिए हैं। हालांकि ये बदलाव कब किए जाएंगे इसके बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है। वहीं, जीएसटी परिषद में मंत्रियों की समिति के अध्यक्ष और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी कर सुधारों की बात स्वीकार की। कहा, अभी सबसे जरूरी जीएसटी से जुड़े सभी पहलुओं को सही और समुचित तरीके से लागू कराना है। इस दिशा में हर उस पहलू पर कदम उठाया जा रहा है, जो सुधार से जुड़ा हुआ है। फिलहाल केंद्र ने बजट की तैयारी शुरू कर दी है और राज्यों को भी इस दिशा में काम करना है।

    सीमेंट पर जीएसटी घटाएंगे
    अरविंद सुब्रमणियन के मुताबिक, भविष्य में सीमेंट और अन्य जरूरी वस्तुओं को सबसे ऊंची कर दर (28 फीसदी) से बाहर कर दिया जाएगा। सरकारी खजाने की सेहत ठीक करने के लिए अभी इसे 28 फीसदी की दर में रखा गया है।

    रियल एस्टेट दायरे में आएगा
    सुब्रमणियन ने कहा, जीएसटी परिषद की पिछली बैठक के एजेंडे में भूमि और रियल एस्टेट भी शामिल थे, लेकिन इन पर बात नहीं हो सकी थी। उम्मीद है कि भूमि, रियल एस्टेट और प्राकृतिक गैस को भी जल्द ही जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है।

    अहितकर उत्पादों पर ही उच्च कर
    सरकार की मंशा सिर्फ अहितकर उत्पादों पर ही जीएसटी की उच्च दर (28 फीसदी) लागू करने की है। तम्बाकू-गुटखा जैसे अहितकर उत्पादों पर जीएसटी की पूर्व उच्च दरें लागू रहेंगी। फिलहाल इस स्लैब में एसी-फ्रिज जैसे लग्जरी उत्पाद भी शामिल हैं।

    सुधारों के संकेत
    जीएसटी परिषद में मंत्रियों की समिति के अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मार्च के बाद राजस्व के आकलन और राज्यों के मुआ‌वजे का मुद्दा देखा जाएगा। तब तक जीएसटी लागू हुए नौ माह हो जाएंगे जिससे सुधारों की समीक्षा व अन्य सुधारवादी कदम उठाए जा सकते हैं।

  • डेंगू के इलाज का बिल 18 लाख रुपये: हरियाणा सरकार ने दिए मामले की जांच के आदेश
    PUBLISHED : Nov 22 , 7:57 AM


  • हरियाणा सरकार ने गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में डेंगू से जान गंवाने वाली सात साल की बच्ची के परिवार से अस्पताल के भारी-भरकम बिल वसूलने के आरोपों की जांच के आदेश दे दिए हैं। हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने बताया कि आरोपों पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि एक सीनियर अफसर मामले की जांच करेंगे। उन्हें मामले की जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट आते ही दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्य में किसी भी अस्पताल को लोगों के स्वास्थ्य और भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

    फोर्टिस का बयान-
    गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल ने कहा कि डेंगू पीडि़त सात साल की बच्ची के इलाज में कोई चिकित्सकीय लापरवाही नहीं बरती गयी, अधिक बिल नहीं वसूला गया। बच्ची के परिवार को उसकी गंभीर हालत के बारे में हर स्तर पर जानकारी दी गयी, परिवार को रोजाना बिल के बारे में अवगत कराते रहे।

    इससे पहले मंगलवार को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हरियाणा सरकार से तत्काल जांच शुरू करने को कहा था। स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि इस मामले में की जाने वाली कार्रवाई पर दो सप्ताह में रिपोर्ट दी जाए।
    उन्होंने पत्र में लिखा, मैं आपसे आग्रह करती हूं कि पूरे घटनाक्रम की तत्काल जांच शुरू कराएं। सूदन ने कहा कि अस्पताल द्वारा किये गये इलाज और वसूली गयी राशि का ब्योरा जानना जरूरी है। अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराये गये विवरण पर तार्किकता के संबंध में विशेषज्ञों की राय ली जानी चाहिए।

    उन्होंने लिखा, अस्पताल की ओर से अधिक बिल वसूले जाने, लापरवाही करने या कदाचार का कोई भी मामला होने पर तत्काल अनुकरणीय कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम जनता को भरोसा दिलाया जा सके और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की साख बनाकर रखी जा सके। 

    मामला गुड़गांव के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफएमआरआई) में सितंबर में सात साल की बच्ची को डेंगू के इलाज के लिए भर्ती कराने से जुड़ा है जिसमें बच्ची की मौत हो गयी थी और अस्पताल ने बच्ची के परिवार से करीब 16 लाख रुपये का बिल वसूला था।

    अस्पताल ने सोमवार को दावा किया था कि अस्पताल छोड़ते समय परिवार को करीब 20 पन्नों का बिल दिया गया था और पूरी तरह समझाया गया था।

  • महिला अपराधों की रोकथाम के लिये संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करें
    PUBLISHED : Nov 22 , 7:39 AM

  • साईबर अपराधों से निपटने के लिये जिला स्तर पर व्यवस्था करें
    अपराधों पर नियंत्रण के लिये संभागवार रणनीति बनायें
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आई.जी.-डी.आई.जी. कान्फ्रेंस में दिये निर्देश
     

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिला अपराधों की रोकथाम के लिये संवेदनशीलता और तत्परता से कठोर कार्रवाई करें, जिससे अपराधियों में डर पैदा हो। अपराधों पर नियंत्रण के लिये संभागवार रणनीति बनायी जाये। साईबर अपराधों से निपटने के लिये जिला स्तर पर सुदृढ़ व्यवस्था करें। चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी रोकने के लिये जागरूकता अभियान चलायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ पुलिस मुख्यालय में आई.जी.-डी.आई.जी. कान्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में पुलिस हर चुनौती का सामना करने में खरी उतरी है। इसकी उपलब्धियाँ गर्व करने के लायक हैं। कानून व्यवस्था ऐसा क्षेत्र है जिसमें लगातार नई चुनौतियाँ सामने आती रहती हैं। जिस तेजी से तकनीक का विकास हो रहा है, उसी क्रम में अपराध के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। साईबर क्राईम एक नई चुनौती के रूप में समाज में पनप रहा है। हमें इसे सख्ती से रोकना होगा। इसके लिये महिला छात्रावास, कॉलेज, स्कूल, कोचिंग सेंटर जैसे स्थानों पर लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जाये। श्री चौहान ने कहा कि बीट स्तर तक की टीम लगातार गश्त करें। क्षेत्र में पुलिस की प्रभावी उपस्थिति रहे। संसाधनों का उचित उपयोग कर लोगों में सुरक्षा का विश्वास पैदा करें।

    जनता को हेल्पलाईन नंबर और ई-कॉप जैसी सुविधा की व्यापक जानकारी दें

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि जनता को हेल्पलाईन नंबर और ई-कॉप जैसी सुविधा की व्यापक जानकारी दें। छात्राओं को आत्मरक्षा के लिये प्रशिक्षण दें और जागरूक बनायें। पुलिस बल के अलावा ग्राम तथा नगर सुरक्षा समितियों, एन.सी.सी., एन.एस.एस., शौर्या बल, तेजस्विनी समूह और स्व-सहायता समूहों की मदद लें। सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित करें। स्कूली बसों में ड्राईवर-कंडक्टरों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाये तथा स्कूली बसों में महिला कंडक्टर होने के नियम का सख्ती से पालन करायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली बसों में सीसीटीव्ही कैमरे समय-सीमा में लगाये जायें। सभी महिला छात्रावासों में रसोईया और सफाईकर्मी महिलाएं हों। महिला छात्रावासों के प्रवेश वाले रास्ते पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाये जायें। आगामी विधानसभा सत्र में जनसुरक्षा विधेयक लाया जाये।

    मादक पदार्थो की रोकथाम की विशेष रणनीति बनायें

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि साम्प्रदायिक घटनाओं को रोकने के लिये कई जिलों ने अच्छा काम किया है। इस तरह के मामलों में लगातार सतर्कता बनाये रखें। पुलिस विभाग की अलग-अलग शाखाओं और अन्य विभागों में समन्वय को और बेहतर बनायें। पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था के लिये बीस वर्ष की सेवा तथा पचास वर्ष की आयु वाले निष्क्रिय और गलत रिकार्ड वाले अमले की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रकरण बनायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रेत उत्खनन नीति में परिवर्तन किये हैं। इससे लोगों को जरूरत के अनुसार सहजता से रेत मिलेगी तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग रेत के अवैध उत्खनन को रोकने की कार्रवाई जारी रखें। मादक पदार्थो की रोकथाम की विशेष रणनीति बनायें। बड़े अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करें। खरगौन-बड़वानी जिले में अवैध कारोबार में लिप्त सिकलीगरों को रोजगार से लगाने की योजना बनायें।

    हर जिले में साईबर सुरक्षा के लिये विशेष सेल

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि साईबर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनायें। हर जिले में साईबर सुरक्षा के लिये विशेष सेल बनायें। सी.एम. हेल्पलाईन के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करें। इलेक्ट्रानिक मीडिया में आने वाले भ्रामक विज्ञापनों पर कानूनी प्रावधान के तहत कार्रवाई करें। एन.एस.ए. तथा जिलाबदर की प्रभावी कार्रवाई करें। सूदखोरी को रोकने के लिये सख्त कानूनी कार्रवाई करें। आदिवासी क्षेत्रों में बेटियों की गुमशुदगी के प्रकरणों में विशेष ध्यान देकर कार्रवाई करें। गौ-वंश की अवैध निकासी रोकने के लिये कार्रवाई करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था और शांति का वातावरण रखने के लिये पुलिस विभाग बेहतर कार्रवाई जारी रखे।

    पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला ने बताया कि अगले वर्ष की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुये अपराधों पर नियंत्रण की कार्य-योजना बनाई गई है। अगले तीन वर्षों में प्रत्येक थाने में दो-दो महिला आरक्षकों की पदस्थापना की जायेगी। थानों में महिला रेस्ट रूम की व्यवस्था भी की जायेगी। गौवंश की अवैध निकासी को रोकने के लिये प्रदेश की सीमा से आने-जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्टेटेस्टिकल डाटा - 2017 का विमोचन किया। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा प्रदेश के आई.जी.-डी.आई.जी. उपस्थित थे।
    एस.जे.

  • महिला अपराधों के संबंध में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
    PUBLISHED : Nov 21 , 8:24 AM

  • दोषियों के ड्राईविंग लायसेंस निरस्त होंगे
    मुख्यमंत्री ने लिया महिला सुरक्षा के उपायों का जायजा

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति अपराध की शिकायतों का तत्काल संज्ञान लिया जाये, तुरंत परीक्षण कराकर एफआईआर दर्ज की जाये और जरूरी होने पर समय पर मेडिकल परीक्षण भी कराया जाये। महिला अपराधों में दोषी पाये गये अपराधी के ड्राईविंग लायसेंस भी निरस्त करने की कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाने के लिये कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को संवेदनशील क्षेत्रों का संयुक्त भ्रमण करने के निर्देश दिये।

    मुख्यमंत्री आज यहाँ मंत्रालय में जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिये किये गये उपायों की जानकारी ले रहे थे। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों को कड़ी सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाये। सुरक्षा के उपायों के प्रति समाज के सभी वर्गों में जागरूकता बढ़ाई जाये। स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, कोचिंग सेंटर एवं बाल सम्प्रेषण गृहों आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित किये जायें। इन क्षेत्रों में सघन गश्त की जाये। कलेक्टर कम से कम माह में एक बार पुलिस अधीक्षक, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक करें।

    पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला ने बताया कि सभी संवेदनशील स्थानों में महिला सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित किये जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज और छात्रावासों में सीसीटीव्ही कैमरे एवं चौकीदार की व्यवस्था तथा स्कूल बसों में सीसीटीव्ही कैमरे और साथ में महिला शिक्षिका का होना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 31 दिसम्बर तक लोक परिवहन की बसों में भी सीसीटीव्ही कैमरे लगाना तय किया गया है।
    चौधरी

  • भावांतर भुगतान योजना पर पूरे देश की निगाहें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
    PUBLISHED : Nov 21 , 8:19 AM
  • भावांतर भुगतान योजना पर पूरे देश की निगाहें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
    1,35,000 किसानों को 22 नवम्बर को होगा भावांतर राशि का भुगतान
    मुख्यमंत्री की जिला कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा विस्तृत चर्चा

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भावांतर भुगतान योजना किसानों के हित संरक्षण की अद्भुत योजना है। इस पर पूरे देश की निगाहें हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि किसानों की उपज के भावांतर की सही राशि किसानों के खातों में पहुंचाना सुनिश्चित करें। इस योजना के अंतर्गत पहला भुगतान एक लाख 35 हजार से ज्यादा किसानों को 22 नवम्बर को एक साथ होगा।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों से भावांतर भुगतान योजना के संबंध में विस्तृत चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि पूरी सतर्कता के साथ भावांतर भुगतान की सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी कर ली जायें ताकि किसानों को उनकी उपज की सही राशि का समय पर भुगतान मिल सके। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जिन किसानों ने इस योजना के अंतर्गत 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच अपनी उपज बेची है, उन्हें 22 नवम्बर को उनके खातों में सीधे भुगतान होगा। उन्होंने कहा कि जो किसान पंजीयन नहीं करा पाये थे, उन्हें 15 से 22 नवम्बर तक पंजीयन की सुविधा दी गई है।

    श्री चौहान ने होशंगाबाद, हरदा, भोपाल, देवास, सीहोर एवं नरसिंहपुर जिले में उड़द के कम भाव आने पर कलेक्टरों से कहा कि वे कृषि उपज मण्डियों का भ्रमण कर इसका जायजा लें। आवश्यक होने पर बोली निरस्त करें, जिससे किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिलना सुनिश्चित हो। उन्होंने पोर्टल पर जानकारी अपलोड और सत्यापन करने के निर्देश दिये ताकि समय पर भुगतान किया जा सके। श्री चौहान ने खरीफ फसल की बीमा राशि किसानों को मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसमें कोई कमी नहीं रहे। यह योजना किसानों के लिये संजीवनी की भांति है। इसके अंतर्गत लगभग आठ हजार करोड़ रूपये किसानों को भुगतान होगा।

    प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बताया गया कि भावांतर भुगतान योजना क्रियान्वित होने से मण्डियों में आवक बढ़ी है। साथ ही अन्य प्रदेशों से मध्यप्रदेश के किसानों को उनकी उपज का ज्यादा दाम भी मिल रहा है। खरीदी की पूरी चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी मण्डियों में मॉडल रेट भी प्रदर्शित किये गये हैं। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना एवं अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
    चौधरी

  • बांदीपोर एनकाउंटर: मारे गए 6 आतंकियों के पास थे एके-47 समेत कई हथियार
    PUBLISHED : Nov 19 , 9:56 AM


  • जम्मू कश्मीर के बांदीपोर, हाजिन में हुए एनकाउंटर में सेना और सुरक्षाबलों ने छह आतंकियों को मार गिराया है। छह आतंकियों में से एक मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी का भांजा भी शामिल है। हालांकि सेना की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। एनकाउंटर में इंडियन एयरफोर्स का गरूड़ कमांडो भी शहीद हो गया और दो जवान घायल हुए हैं। फिलहाल इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा रोक दी गई है।

    ग्रेनेड से लेकर हैंड ग्रेनेड तक
    इस ऑपरेशन में जो आतंकी मारे गए हैं उनके नाम हैं लश्कर का डिविजनल कमांडर अबु उमर, अबु किताल, अबु माविया, अबु जरगाम, अबु उमर और ओसामा जानी। जानी को ही लखवी का भांजा बताया जा रहा है। आतंकियों के पास से जो हथियार मिले हैं, उनसे साफ होता है कि वे आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए ही आए थे। सेना को आतंकियों के पास से छह एके-47, 22 मैगजीन, 565 राउंड, एक यूबीजीएल, तीन ग्रेनेड्स, 10 हैंडग्रेनेड्स, एक आईकॉम सेट, दो कंपास जैसी चीजें शामिल हैं।
     
    सर्च ऑपरेशन के दौरान मिली आतंकियों की जानकारी
    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सेना के जवानों को इलाके के चंदरगीर गांव में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने बताया कि सर्च ऑपरेशन शुरू होने के बाद आतंकियों की तरफ से गोलीबारी की गई, जिसके बाद सेना के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए छह आतंकियों को ढेर कर दिया।

  • खुशखबरी: पिछले साल के मुकाबले कन्फर्म ट्रेन टिकट मिलने की संभावना बढ़ी
    PUBLISHED : Nov 19 , 9:35 AM


  • नई दिल्ली: त्योहारों के दौरान कन्फर्म ट्रेन टिकट मिलना मुश्किल होता है लेकिन रेलवे द्वारा इस बार दिवाली के दौरान विशेष तथा नई ट्रेनों को चलाने जैसे प्रबंध के कारण प्रतीक्षा सूची के टिकट ‘कन्फर्म’ होने की दर पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ी है. यह बात परामर्श सेवा कंपनी "रेलयात्री" के अध्ययन में सामने आई है. ऐप के जरिये रेल संबंधी तथा अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली Railyatri.in के अध्ययन से यह भी पता चलता है कि स्लीपर श्रेणी में पिछले वर्ष की तुलना में इस साल औसतन प्रतीक्षा सूची नीचे आई है.

    अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली के अवकाशों के समय देहरादून-हावड़ा दून एक्सप्रेस, पुणे-जम्मू तवी झेलम एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट पक्की होने की दर वर्ष 2016 में क्रमश: 38.50 प्रतिशत और 52.00 प्रतिशत थी. इसके मुकाबले 2017 में इनमें कन्फर्मेशन दर बढ़कर क्रमश: 60.40 प्रतिशत और 64. 90 प्रतिशत हो गई. इसी तरह, छत्रपति टर्मिनस से हावड़ा सुपरफाट मेल (गया के रास्ते) में टिकट पक्की होने की दर 2016 में 40.0 प्रतिशत के मुकाबले 2017 में दिवाली के दौरान 50.40 प्रतिशत हो गई है. इसी प्रकार, पुणे-जम्मूतवी झोल एक्सप्रेस, पुणे-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और बैंगलोर-दानापुर संघमित्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में भी टिकट पक्की होने की स्थिति सुधरी.

    अध्ययन के अनुसार रेलवे में टिकट निरस्त कराने की दर पिछले दो साल से 18 प्रतिशत है. इसका मतलब है कि शेष प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को पक्की टिकट मिली. वर्ष 2015 में प्रतीक्षा सूची के टिकटों के निरस्तीकरण की दर 25.5 प्रतिशत थी जो 2016 और 2017 में 18 प्रतिशत पर बरकरार है.

    रेल यात्री के सह संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनीष राठी ने कहा, ‘‘हर साल दीवाली एवं अन्य त्यौहारों के दौरान रेल टिकट की भारी मांग होती है और कई यात्री को पक्की टिकट नहीं मिल पाती. हालांकि आंकड़ों से पता चलता है कि कुछ ही लोगों को अपने टिकट निरस्त करने पड़े.’’ अध्ययन में यह भी कहा गया है स्लीपर श्रेणी में पिछले वर्ष की तुलना में इस साल औसतन प्रतीक्षा सूची नीचे आई है. इसके अनुसार अवकाश के दौरान , ‘‘कोटा-पटना एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी में 2016 में औसतन प्रतीक्षा सूची 813 थी जो 2017 में घटकर 735 पर आ गई. वहीं भागलपुर-मुंबई लोकमान्य तिलक सुपर फास्ट एक्सप्रेस में प्रतीक्षा सूची 2017 में घटकर 727 पर आ गई जो 2016 में 736 थी. इसी प्रकार, अहमदाबाद-हरिद्वार योग एक्सप्रेस, यंशवंतपुर-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसे ट्रेनों में भी प्रतीक्षा सूची घटी है.’’

    राठी का कहना है कि इसका एक प्रमुख कारण रेलवे द्वारा दिवाली के समय 29 विशेष ट्रेनें तथा कुछ नई ट्रेनों को चलाना है.’’ रेल यात्री ऐप को उपयोग करने वालों की संख्या करीब 50 लाख है. अध्ययन में ऐप उपयोग करने वालों से प्राप्त आंकड़ों तथा अन्य स्रोतों से ली गई जानकारी का उपयोग किया गया है.

  • खेलों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
    PUBLISHED : Nov 19 , 9:30 AM

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती स्पर्धा के पुरस्कार वितरित

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इन्दौर में चार दिवसीय राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती स्पर्धा के समापन समारोह में कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिये राज्य सरकार द्वारा हर संभव सहायता भी उपलब्ध करायी जायेगी।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिये लगातार कारगर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती स्पर्धा में पदक जीतने वाले श्री रवि बारोड़ और सुश्री रानी राणा को एक-एक लाख रूपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाएगी तथा नौकरी देने पर भी विचार किया जायेगा।

    श्री चौहान ने राष्ट्रीय स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहलवानों को पुरस्कार वितरित किये। उन्होंने ओलम्पियन श्री सुशील पहलवान, सुश्री साक्षी मलिक, राष्ट्रीय स्पर्धा में पदक जीतने वाले श्री रवि बारोड़ और सुश्री रानी राणा का स्वागत किया। मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष डॉ.मोहन यादव ने स्पर्धा के लिये राज्य सरकार द्वारा दिये गये सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, इन्दौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, मध्यप्रदेश ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष तथा विधायक श्री रमेश मेंदोला, मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष तथा विधायक डॉ. मोहन यादव, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया मौजूद थे।
    के. के.जोशी

  • युवा उद्यमियों के सहयोग से म.प्र. को स्टार्टअप कंपनियों का हब बनायेंगे : मुख्यमंत्री श्री चौहान
    PUBLISHED : Nov 19 , 9:24 AM

  • स्टार्टअप कंपनियाँ चलाने वाले उद्यमियों ने सुनाये अनुभव
    सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम सम्मेलन का समापन

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि युवा उद्यमियों के सहयोग से मध्यप्रदेश को स्टार्टअप कंपनियों का हब बनाया जायेगा। उन्होंने युवा उद्यमियों का आव्हान किया कि वे अपने बिजनेस आइडिया को मरने न दें। सरकार नवाचारी विचार और प्रयासों को वेंचर केपिटल फंड के माध्यम से प्रोत्साहित करेगी।

    श्री चौहान आज यहाँ दो दिवसीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं स्व-रोजगार सम्मेलन में स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन केन्द्र पर आधारित सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    श्री चौहान ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी शक्ति और प्रतिभा को पहचाने। सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमियों के सहयोग से मध्यप्रदेश में लघु उद्योगों का विस्तार किया जायेगा। इससे रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। उन्होंने युवाओं से कहा कि राम भक्त हनुमान की तरह अपनी शक्ति पहचानो। रोजगार सृजन सरकार की पहली प्राथमिकता है लेकिन यह काम युवा उद्यमियों के सहयोग से ही संभव होगा।

    श्री चौहान ने कहा कि युवा उद्यमियों के सहयोग से मध्यप्रदेश का नया इतिहास लिखा जायेगा। युवाओं के प्रदेश मध्यप्रदेश का स्वर्णिम भविष्य भी युवा जनशक्ति और सरकार मिलकर बनायेगी।

    श्री चौहान ने संबंधित अधिकारियों को युवा उद्यमियों के लिये एक हेल्पलाइन बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके जरिये उन्हें सभी प्रारंभिक जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वेंचर केपिटल फंड के महत्व और संचालन की जानकारी देने की व्यवस्था की जायेगी।

    मुम्बई में स्टार्टअप कंपनी स्थापित करने वाली श्रेया मिश्रा ने अपनी कंपनी की प्रगति यात्रा और अनुभव सुनाते हुए युवा उद्यमियों से कहा कि नये विचार के लिये आलोचना झेलने को भी तैयार रहे। मुम्बई में ऑनलाइन फैशन कंपनी फ्लाईरोब डॉट काम का संचालन कर रही श्रेया मिश्रा ने कंपनी बनाने के प्रारंभिक विचार, फंड की व्यवस्था और कंपनी में निवेश, मार्गदर्शन, बाजार की रुचि, लोगों की पसंद के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्टार्टअप कंपनियों को बढ़ावा देने के लिये स्थापित वेंचर केपिटल फंड की सराहना करते हुए कहा कि इससे उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

    वेंचर केपिटल फंड के प्रबंध संचालक श्री संदीप कड़वे और इन्क्यूवेशन केंद्र हैदराबाद के श्री अजय जैन ने उद्यमियों के सवालों के जबाव दिये और उनका मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग राज्य मंत्री श्री संजय पाठक, प्रमुख सचिव एमएसएमई श्री वी. एल. कान्ता राव एवं उद्योग समूहों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे।

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों की कंपनी द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर युवा उद्यमियों को सहयोग देगी।
    ए.एस.

  • प्यू रिसर्च: भारतीय राजनीति में पीएम मोदी अब भी सबसे लोकप्रिय हस्ती
    PUBLISHED : Nov 16 , 8:28 AM


  • एक अमेरिकी थिंक टैंक ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ के सर्वेक्षण के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय राजनीति में जलवा अब भी बरकरार है। सर्वे में बताया गया कि मोदी अब भी देश में सबसे लोकप्रिय हस्ती हैं। इस सर्वे में भारत के करीब 2,464 लोगों को शामिल किया गया था।

    21 फरवरी से 10 मार्च तक का सर्वे
    इस साल 21 फरवरी से 10 मार्च के बीच किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 88 प्रतिशत के आंकड़े के साथ मोदी को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी (58 प्रतिशत) पर 30 अंकों, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (57 प्रतिशत) पर 31 अंकों जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (39 प्रतिशत) पर 49 अंकों की बढ़त मिली हुई है।
    प्यू ने अपने सर्वे में कहा कि जनता द्वारा मोदी का  सकारात्मक आकलन भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती संतुष्टि से प्रेरित है। हर दस में से आठ लोगों ने कहा कि आर्थिक दशाएं अच्छी हैं। ऐसा महसूस करने वाले लोगों में 2014 के चुनाव के ठीक पहले से 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    सभी राज्यों में लोकप्रिय
    सर्वे में कहा गया कि अर्थव्यवस्था को बहुत अच्छा (30 प्रतिशत) बताने वाले वयस्कों के आंकड़े में पिछले तीन साल में तीन गुनी वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर हर 10 में से सात भारतीय देश में चल रही चीजों को लेकर संतुष्ट  हैं। भारत की दिशा को लेकर सकारात्मक आकलन में वर्ष 2014 से करीब दोगुनी वृद्धि हुई है। प्यू के अनुसार, दक्षिणी भारतीय राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिमी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ में हर 10 में से नौ भारतीय नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में है। इसी तरह पूर्वी राज्यों बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी राज्यों दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में प्रत्येक 10 में से आठ नागरिक मोदी को पसंद करता है।

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