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  • देश के ​14वें राष्‍ट्रपति बने रामनाथ कोविंद, सभी का आभार जताया
    PUBLISHED : Jul 25 , 12:29 PM


  • देश के 14वें राष्‍ट्रपति के तौर पर रामनाथ कोविंद ने संसद के सेंट्रल हॉल में 12.15 बजे शपथ ली. जस्टिस जेएस खेहर ने रामनाथ कोविंद को राष्‍ट्रपति पद की शपथ दिलाई. इसके बाद महामहिम राष्‍ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी गई. राष्‍ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद ने अपने पहले संबोधन में सभी का आभार व्‍यक्‍त किया. उन्‍होंने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है. हम बहुत अलग है, फिर भी एक है और एकजुट हैं. उन्‍होंने कहा कि देश के आम नागरिक ऊर्जा के मुख्‍य स्रोत हैं. देश का हर नागरिक राष्‍ट्र निर्माता है.
    राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत की उपलब्धियां ही सदी की दिशा तय करेंगी. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है. किसान, महिलाएं और पर्यावरण रक्षक सभी राष्‍ट्र निर्माता हैं. हमारी हमेशा ही बेहतर करने की कोशिश होनी चाहिए. हमें दीनदयाल और गांधी जी के सपनों को साकार करना होगा. एक-दूसरे के विचारों का सम्‍मान करना ही लोकतंत्र की खूबी है. पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में भारत की अहम भूमिका है. अपने पुराने समय को याद करते हुए उन्‍होंने कहा कि मैं मिटटी के घर में पला- बढ़ा हूं.
    दूसरी तरफ राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के कानपुर स्थित परौंख गांव में जश्‍न का माहौल बना हुआ है. शपथ ग्रहण से पहले रामनाथ कोविंद ने प्रेसिडेंट हाउस में राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की.
    ज़ी न्यूज़ डेस्क

  • 2021 तक 117 अरब डालर हो सकता है भारत-अफ्रीका व्यापार
    PUBLISHED : Jul 24 , 8:59 AM


  • नई दिल्ली: एक रिपोर्ट के अनुसार मजबूत होते आर्थिक संबंधों व व्यापार अवसरों के चलते भारत का अफ्रीकी देशों के साथ कारोबार 2020-21 तक बढ़कर 117 अरब डालर हो सकता है. उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है.
    इसके अनुसार अफ्रीकी महाद्वीप को भारतीय निर्यात 2020-21 में बढ़कर 70 अरब डालर हो सकता है जो कि 2015 में 24 अरब डालर था. इसी तरह अफ्रीका से आयात भी 2021-22 तक बढ़कर 47 अरब डालर होने की उम्मीद है जो कि 2015-16 में 27 अरब डालर था.
    पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष गोपाल जीवराजका ने कहा, भारत ने पांच साल की अवधि में अफ्रीका में विकास परियोजनाओं के लिए 10 अरब डालर की ऋण सुविधा के जरिए अफ्रीकी देशों में अपनी उपस्थिति मजबूत की है. उन्होंने कहा आने वाले वर्षों में अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार में व्यापार बढ़ाने के साथ साथ उत्पादों के विविधिकरण तथा विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए.
    एजेंसी

  • जाते-जाते मोदी सरकार को नसीहत दे गए प्रणब मुखर्जी, कहा -अध्यादेश लाने से बचें
    PUBLISHED : Jul 24 , 8:53 AM


  • नई दिल्ली: निवर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कहा कि सरकार को कोई कानून लाने के लिए अध्यादेश के विकल्प से बचना चाहिए और सिर्फ अपरिहार्य परिस्थितियों में ही इसका इस्तेमाल होना चाहिए. संसद भवन के केंद्रीय सभागार में आयोजित विदाई समारोह में राष्ट्रपति ने कहा, "मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि अध्यादेश का इस्तेमाल सिर्फ अपरिहार्य परिस्थितियों में ही करना चाहिए और वित्त मामलों में अध्यादेश का प्रावधान नहीं होना चाहिए." गौरतलब है कि देश की मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार शत्रु संपत्ति अध्यादेश पांच बार ला चुकी है, क्योंकि विपक्ष को इसके कुछ प्रावधानों पर आपत्ति है.

    इससे पहले रविवार को संसद के सेंट्रल हॉल में देश के सांसदों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को औपचारिक विदाई दी. इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सम्मान में विदाई भोज दिया था. रविवार को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संसद के दोनों सदनों के सदस्य उपस्थित थे.

    25 जुलाई को राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हो रहे प्रणब मुखर्जी ने जोर देकर कहा कि अध्यादेश का रास्ता सिर्फ ऐसे मामलों में चुनना चाहिए, जब विधेयक संसद में पेश किया जा चुका हो या संसद की किसी समिति ने उस पर चर्चा की हो.

    मुखर्जी ने कहा, "अगर कोई मुद्दा बेहद अहम लग रहा हो तो संबंधित समिति को परिस्थिति से अवगत कराना चाहिए और समिति से तय समयसीमा के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहना चाहिए."

    उल्लेखनीय है कि अध्यादेश जारी किए जाने के छह महीने तक इसकी वैधता बनी रहती है और उसके बाद यह स्वत: रद्द हो जाता है. सरकार को इसके बाद या तो इसकी जगह कानून पारित करना होता है या फिर से अध्यादेश जारी करना होता है.
     अन्य कई अध्यादेशों पर सरकार की किरकिरी हो चुकी है. भूमि अध्यादेश पर जमकर बवाल हुआ था जिसके बाद सरकार ने उसे वापस ले लिया था.

  • ICC महिला विश्व कपः भारतीय कप्तान मिताली राज ने इसे बताई हार की वजह
    PUBLISHED : Jul 24 , 8:48 AM

  • आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया बेहद करीबी फाइनल मुकाबले में हार गई। इंग्लैंड ने भारत को 9 रन से हराकर विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया। इस मैच में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट कप्तान मिताली राज ने कहा उन्हें यहां तक पहुंचने पर गर्व है। मिताली ने कहा कि इस विश्व कप में टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन करते हुए दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई, उससे भारत में महिला क्रिकेट की स्थिति बेहतर होगी और खिलाड़ियों को वाजिब तवज्जो मिलेगी।

    आपको बता दें कि रविवार को लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर खेले गए फाइनल मैच में इंग्लैंड टीम ने भारत को नौ रनों से हरा दिया. मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में मिताली ने कहा कि हां, मुझे टीम पर गर्व है। इंग्लैंड के लिए यह आसान नहीं था, लेकिन उन्हें अपना जज्बा बनाए रखने का श्रेय जाता है। मैच में ऐसा भी समय था, जब हम बराबरी पर थे, लेकिन हम घबरा गए, जिससे यह हार हुई।'

    मिताली राज ने कहा कि मुझे लड़कियों पर काफी गर्व है। किसी भी टीम के लिए उन्होंने मैच को आसान नहीं होने दिया। हमने टूर्नामेंट में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। टीम के सभी यंगस्टर्स ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। वहीं भविष्य की योजनाओं पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं निश्चित रूप से कुछ साल और खेलूंगी, लेकिन मैं अपने आपको अगला विश्वकप खेलते हुए नहीं देखती हूं।'

    मिताली ने मैदान में मौजूद समर्थकों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, 'मैं यहां महिला क्रिकेट का समर्थन करने आए सभी प्रशंसकों को धन्यवाद देती हूं। यह सभी महिला क्रिकेटरों के हौसले के लिए बड़ी बात है। निश्चित रूप से यह अनुभव खिलाड़ियों की मदद करेगा। अब हमारे घरों में महिला क्रिकेट को लेकर अलग नजरिया है।'

    वहीं, इंग्लैंड की कप्तान हीथर नाइट ने जीत पर खुशी जताई। उनका कहना है कि जीतने के बाद वह अपनी मुस्कान छुपा नहीं पा रही हैं। उन्होंने साथ ही अपनी टीम की तारीफ की, जिसने दवाब की स्थिति में बिखरने की बजाए अपने आप को संभाले रखा और भारत से जीत छीन ली।

    गौरतलब है कि इंग्लैंड ने लॉर्ड्स मैदान पर भारत के सामने 229 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे भारतीय टीम हासिल नहीं कर पाई और 48.4 ओवरों में 219 रन ही बना सकी।

  • जियो का धमाका! आज लॉन्च हो सकता है 500 रुपये का 4जी फीचर फोन, ये हो सकते हैं फीचर्स
    PUBLISHED : Jul 21 , 8:21 AM


  • भारतीय टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने पिछले साल मुफ्त में 4जी डाटा देकर पूरी इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था। अब कंपनी 4जी फीचर फोन लॉन्च कर सकती है। बताया जा रहा है कि इसकी कीमत तकरीबन 500 रुपये के आसपास हो सकती है।

    रिलांयस कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व में गुरुवार को होने वाली कंपनी की एजीएम बैठक में कई बड़े ऐलान किए जा सकते हैं। यह बैठक कल (21 जुलाई) सुबह 11 बजे शुरू होगी।
    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जियो 4जी VoLte फोन बिना टचस्क्रीन के एक फीचर फोन होगा। इसमें इंटरनेट टीदरिंग, वीडियो कॉलिंग आदि जैसे फीचर्स होंगे। बताया जा रहा है कि यह फोन 2.4 इंच के डिस्प्ले के साथ लॉन्च हो सकता है।

    फोन में 512 एमबी रैम, 4जीबी इंटरनल स्टोरेज  आदि होगा। वहीं रियर कैमरा 2 एमपी और फ्रंट कैमरा वीजीए हो सकता है। रिपोर्ट की मानें तो कंपनी फोन में 2000 एमएएच की बैटरी हो सकती है।
    मीडिया में आई रिपोर्ट में बताया गया है कि जियो  4जी फीचर फोन में रेडियो, ब्लूटूथ आदि जैसे फीचर्स भी हो सकते हैं। इसके अलावा भी कई अहम फीचर्स के होने की बात की जा रही है।

  • सेना के जवानों को बहनों की राखियां मिलने पर होगा अपार हर्ष
    PUBLISHED : Jul 21 , 8:16 AM

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रक्षा रथ को किया रवाना


    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर बहनों की राखियां और शुभकामना संदेश जब सरहद पर तैनात जवानों को मिलेगे, तब उनका मनोबल और आत्मबल कई गुना बढ़ जायेगा। इस भावनात्मक प्रयास के लिये नव दुनिया परिवार बधाई का पात्र है। श्री चौहान ने यह बात आज मुख्यमंत्री निवास में नवदुनिया की पहल पर भारत रक्षा पर्व के अंतर्गत रक्षा रथ की फ्लैग ऑफ सेरेमनी में कही। इस अवसर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह भी मौजूद थीं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम अपने घरों में चैन से सोते हैं क्योंकि देश की सीमाओं पर हमारे जवान मुस्तैद रहते हैं। हमारे जवान सीमाओं की रक्षा के लिये होली, दीपावली और रक्षा बंधन आदि त्यौहार भी घर पर नहीं मनाते हैं। सदैव जान हथेली पर लेकर देश भक्ति के जज्बे के साथ सरहद की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन पर्व पर जब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की हजारों बहनों की राखियां और शुभकामना संदेश लेकर नवदुनिया का रक्षा रथ उनके पास पहुंचेगा, तब जवानों को अपार हर्ष होगा, भावनात्मक प्रसन्नता की अनुभूति होगी। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि विधान से रक्षा रथ को रवाना किया।

    इस अवसर पर बताया गया कि नवदुनिया द्वारा भारत रक्षा पर्व के अंतर्गत रक्षा रथ के माध्यम से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भ्रमण कर बहनों से राखियां, ग्रीटिंग कार्ड और मैसेज का संकलन किया जा रहा है। संकलित सामग्री सेना के माध्यम से सीमा पर तैनात जवानों को उपलब्ध करवाई जायेगी।

    इस अवसर नवदुनिया के संपादक श्री सुनील शुक्ला, स्टेट ब्यूरो हेड श्री धनंजय प्रताप सिंह, श्री राजीव सोनी, हेड श्री विनित कौशिक सहित मॉडल स्कूल के एन.सी.सी.के छात्र एवं नव दुनिया के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।
    अजय वर्मा

  • मध्यप्रदेश करेगा दूसरी कृषि क्रांति-मुख्यमंत्री श्री चौहान
    PUBLISHED : Jul 21 , 8:13 AM
  • मध्यप्रदेश करेगा दूसरी कृषि क्रांति-मुख्यमंत्री श्री चौहान
    प्याज खरीदी और नीलामी में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
    अब तक 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज खरीदी, डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों को हुआ लाभ

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब दूसरी कृषि क्रांति करेगा। इसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा और उनकी समस्या का स्थायी समाधान होगा। देश को भी नई दिशा मिलेगी। आज यहाँ मंत्रालय में प्याज खरीदी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्याज खरीदी और नीलामी की मानिटरिंग के लिये उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी, बिक्री और नीलामी की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

    श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी की पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। उच्च-स्तरीय निगरानी समिति अगले तीन महीने तक इस व्यवस्था के संचालन की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि प्याज खरीदी की जाँच भी की जायेगी। इसके लिये जिन केन्द्रों से शिकायत मिलेगी, वहाँ विशेष जाँच दल भेजकर जाँच करायी जायेगी।

    बैठक में बताया गया कि अब तक 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत प्याज की नीलामी की जा चुकी है। भारत सरकार ने प्याज की खरीदी की मात्रा को देखते हुए 20 प्रतिशत प्याज खराब होने के संभावना जतायी थी जबकि अभी केवल 5 प्रतिशत प्याज खराब हुआ है। राशन दुकानों से गरीबों को प्याज उपलब्ध करवाने की सुचारु व्यवस्था अत्याधिक सफल रही है। जल्दी ही प्याज के शेष स्टॉक का निराकरण किया जायेगा। प्याज खरीदी के माध्यम से 1 लाख 54 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि खरीदी और नीलामी की प्रक्रिया की जाँच करते समय किसानों को भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होना चाहिये।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी से जुड़ा जो सरकारी अमला सरकार की मंशा और तय प्रक्रिया के अनुरूप कार्य कर रहा है, उसे पूरा संरक्षण दिया जायेगा। अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रावाई होगी। बैठक में बताया गया कि प्याज खरीदी की व्यवस्था से प्याज उत्पादक किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिल गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है। श्री चौहान ने कृषि लागत मूल्य निर्धारण आयोग की जल्दी स्थापना कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिये।

    बैठक में कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    ए.एस./एस.जे.

  • रामनाथ कोविंद की जीत से भाजपा ने नया सियासी समीकरण साधा
    PUBLISHED : Jul 21 , 8:09 AM


  • यूपी के दलित समुदाय से आने वाले रामनाथ कोविंद को देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचाकर भाजपा ने 2019 के आम चुनाव के लिए सामाजिक समीकरणों की जमीन भी तैयार कर ली है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति कोविंद अब भले ही भाजपा के सक्रिय नेता न रहे हों, लेकिन वह परोक्ष रूप से भाजपा के सबसे बड़े दलित चेहरा बन गए हैं। भाजपा की चुनावी रणनीति में दलित व पिछड़ा समीकरण सबसे ऊपर है। दोनों सर्वोच्च पदों पर दलित व पिछड़ा वर्ग के नेता उसकी नई पहचान बनते जा रहे हैं।

    हालांकि भाजपा पहले भी छह साल सत्ता में रही है, लेकिन उस दौरान वह अपनी शहरी और अगड़े वर्ग की पार्टी की छवि से बाहर नहीं निकल पाई। मगर मोदी व शाह की रणनीति से अब स्थितियां बदल गई हैं। हरियाणा, यूपी से लेकर ओडिशा (निकाय चुनाव), असम व मणिपुर तक भाजपा की चुनावी सफलता में जो सामाजिक समीकरण बने थे वे कोविंद के राष्ट्रपति बनने से और मजबूत होंगे।

    दलितों में भाजपा को लेकर झिझक दूर होगी।  भाजपा ने अपनी रणनीति में एक और बदलाव किया है। पार्टी में दलित व पिछड़े नेता अब दलित व पिछड़ा मोर्चा की अगुआई तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पार्टी की मुख्यधारा का नेतृत्व करेंगे। इसी के तहत गुजरात समेत छह राज्यों के चुनाव में पार्टी तीन सीएम पिछड़े वर्ग से बना सकती है।

    महामहिम कोविंद जीतते ही भावुक हुए

    रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति होंगे। राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को तीन लाख 34 हजार 730 मत मूल्य के अंतर से पराजित किया। कोविंद को 65.65 फीसदी मत मिले जबकि मीरा कुमार को 34.35 फीसदी मत ही हासिल हो सके। राष्ट्रपति निर्वाचित होने के ठीक बाद रामनाथ कोविंद अपने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए।

    कोविंद भाजपा के पहले सदस्य हैं जो राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। कोविंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज देश में कितने ही रामनाथ होंगे जो भीग रहे होंगे, कोई खेती कर रहा होगा। वे उन सबसे कहना चाहते हैं कि परौंख गांव का ये रामनाथ उनका प्रतिनिधि बनकर जा रहा है। कोविंद ने बड़ी साफगोई से स्वीकार किया है कि इस सर्वोच्च पद के बारे में न तो उन्होंने कभी सोचा था और न ही उनका यह लक्ष्य था।

    देश व समाज सेवा का भाव उन्हें यहां तक ले आया है और वे इसे इस सेवा भाव का फल ही मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘जिस पद का गौरव डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृष्णन, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसे लोगों ने बढ़ाया है, उस पद पर रहना उनके लिए गौरव की बात है। यह मेरे लिए भावुक क्षण है।’
     
    यूपी से सबसे अधिक वोट :   कोविंद को सबसे अधिक वोट उत्तर प्रदेश और सबसे कम वोट पश्चिम बंगाल से मिले। भाजपाशासित उत्तर प्रदेश में कोविंद को 355 वोट (69,680 मूल्य) मिले वहीं कुमार को 65 (13,520) वोट मिले। बिहार में कोविंद को कुल 239 वैध वोट में से 130 वोट मिले, जबकि मीरा को यहां 109 वोट मिले।

  • एमआधार (mAadhaar) ऐप लॉन्च, अभी केवल एंड्रॉयड फोन पर ही उपलब्ध
    PUBLISHED : Jul 19 , 9:07 AM


  • नई दिल्ली: डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के अपने उद्देश्य से सरकार ने एमआधार ऐप लॉन्च किया है. mAadhaar मोबाइल ऐप है जोकि अभी केवल एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर काम करेगा. इस ऐप को डाउनलोड करने और रजिस्टर करने के बाद आपको अपने साथ पेपर-फॉर्मेट में या किसी और प्रकार से आधार कार्ड या संख्या लेकर चलने की जरूरत नहीं है.

    जानें इससे जुड़ी  पांच खास बातें

        इस ऐप को यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने विकसित किया है. इस ऐप में आपका नाम, जन्मतिथि, लिंग और पता के साथ यूजर की तस्वीर और आधार नंबर लिंक होगा.

        आधार वेरिफाइड अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया है, #mAadhaar लॉन्च कर दिया गया है. एंड्रॉयड पर चलने वाला यह ऐप गूगल प्ले पर उपलब्ध है.

        वैसे बता दें कि यह अभी बीटा वर्जन में है. पर्सनल डाटा सुरक्षित रहे इसके लिए बायोमीट्रिक लॉकिंग फीचर दिया गया है. एक बार ऐप को लॉक कर दिया तो यह तब तक अनलॉक नहीं होगा जब तक इसे यूजर खुद अनलॉक नहीं करता.

        TOTP की सुविधा भी सुरक्षा के लिहाज से दी गई है. TOTP यानी Time-based One-Time Password जेनरेट होगा. यूजर्स अपने प्रोफाइल को अपडेट भी कर सकेंगे लेकिन सफलतापूर्वक इस बाबत का निवेदन स्वीकार कर लेने के बाद.

        वैसे इस ऐप को यूज करने के लिए आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर होना सबसे पहली शर्त है. यदि नंबर पंजीकृत नहीं है तो करीबी आधार एनरोलमेंट सेंटर में जाकर इसे जुड़वाएं.

  • अब मप्र सरकार अपनी योजनाओं में आधार अनिवार्य करेगी
    PUBLISHED : Jul 19 , 8:56 AM

  • सभी विभागों को निर्देश जारी हुये

    डॉ नवीन जोशी
    भोपाल।
    अब मप्र सरकार अपनी सभी योजनाओं में हितग्राहियों से आधार नम्बर लिया जाना अनिवार्य करने जा रही है। इसके लिये वित्त विभाग ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिये हैं। यह कार्यवाही भारत सरकार के केबिनेट सचिवालय द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश पर की जा रही है।
    राज्य के सभी विभागों से कहा गया वे भारत सरकार एवं राज्य सरकार की योजना एवं कार्यक्रम की सूची बनायें। योजना में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रासंफर यानी डीबीटी लागू करने का आकलन किया जाये जिसमें उद्देश्य लक्षित हितग्राही, योजना क्रियान्वयन और फण्डफ्लो सम्मिलित हो। आधार कानून 2016 के तहत राज्य की संचित निधि से पोषित योजनाओं में आधार सीडिंग हेतु अधिसूचना जारी करने की कार्यवाही की जाये। केंद्र सरकार एवं राज्य की संचित निधि से हितग्राही मूलक पोषित योजनाओं के वर्तमान हितग्राहियों को डिजिटाईजेशन किया जाये, उनकी आधार सीडिंग एवं उपलब्ध डाटाबेस का आधार आधारित सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जाये एवं विभागीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों के लिये ऐसी प्रक्रिया/साफ्टवेयर तैयार किया जाये जिसके द्वारा नवीन जोड़े जाने वाले हितग्राही को योजना में सम्मिलित करते समय/आवेदन के साथ ही आधार सीडिंग की जा सके एवं मोबाईल नंबर दर्ज किया जा सके। वस्तु वितरण में आधार के माध्यम से हितग्राहियों का सत्यापन किया जाये।
    सभी विभागों से यह भी कहा गया है कि प्रत्येक विभाग की योजनाओं में डीबीटी के क्रियान्वयन के लिये विभाग द्वारा एक टीम का गठन किया जाये जिसमें तकनीकी नोडल अधिकारी, एक गैर तकनीकी नोडल अधिकारी तथा एक वित्त नोडल अधिकारी नामांकित किया जाये और इससे संचालनालय कोष एवं लेखा को अवगत कराया जाये।

    अब कंपनियों के डायरेक्टर वीडियो कान्फे्रन्सिंग से भी बोर्ड की बैठकों में भाग ले सकेंगे
    भोपाल।
    अब कंपनियों के डायरेक्टर वीडियो कान्फे्रन्सिंग से भी बोर्ड की बैठकों में भाग ले सकेंगे। इस संबंध में भारत सरकार ने कंपनी अधिनियम 2013 के तहत बने नियमों में संशोधन कर उसे सोमवार से प्रभावशील कर दिया है। नवीन संशोधन में कहा गया है कि कोई निदेशक जो इलेक्ट्रानिक मोड के माध्यम से बैठक में भाग लेना चाहता है, वह कैलेण्डर वर्ष के प्रारंभ में ही ऐसी भागीदारी के विषय में सूचित कर सकता है और ऐसी घोषणा एक वर्ष के लिये विधि मान्य होगी। परन्तु ऐसी घोषणा से उसे वैयक्तिक रुप से बैठक में भाग लेने से नहीं रोका जायेगा, जिसके लिये संबंधित निदेशक कंपनी को वैयक्तिक रुप से भाग लेने के उसके आशय की अग्रिम सूचना देगा। सरकार ने एक नया प्रावधान यह भी किया है कि अब कंपनी बोर्ड की बैठक में बहुमत से लिये गये निर्णय के मसौदे के कार्यवृत्त की पुष्टि होने तक कंपनी द्वारा संरक्षित रखा जायेगा।
    डॉ नवीन जोशी

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