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  • देश के ​14वें राष्‍ट्रपति बने रामनाथ कोविंद, सभी का आभार जताया
    PUBLISHED : Jul 25 , 12:29 PM


  • देश के 14वें राष्‍ट्रपति के तौर पर रामनाथ कोविंद ने संसद के सेंट्रल हॉल में 12.15 बजे शपथ ली. जस्टिस जेएस खेहर ने रामनाथ कोविंद को राष्‍ट्रपति पद की शपथ दिलाई. इसके बाद महामहिम राष्‍ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी गई. राष्‍ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद ने अपने पहले संबोधन में सभी का आभार व्‍यक्‍त किया. उन्‍होंने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है. हम बहुत अलग है, फिर भी एक है और एकजुट हैं. उन्‍होंने कहा कि देश के आम नागरिक ऊर्जा के मुख्‍य स्रोत हैं. देश का हर नागरिक राष्‍ट्र निर्माता है.
    राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत की उपलब्धियां ही सदी की दिशा तय करेंगी. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है. किसान, महिलाएं और पर्यावरण रक्षक सभी राष्‍ट्र निर्माता हैं. हमारी हमेशा ही बेहतर करने की कोशिश होनी चाहिए. हमें दीनदयाल और गांधी जी के सपनों को साकार करना होगा. एक-दूसरे के विचारों का सम्‍मान करना ही लोकतंत्र की खूबी है. पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में भारत की अहम भूमिका है. अपने पुराने समय को याद करते हुए उन्‍होंने कहा कि मैं मिटटी के घर में पला- बढ़ा हूं.
    दूसरी तरफ राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के कानपुर स्थित परौंख गांव में जश्‍न का माहौल बना हुआ है. शपथ ग्रहण से पहले रामनाथ कोविंद ने प्रेसिडेंट हाउस में राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की.
    ज़ी न्यूज़ डेस्क

  • ICC महिला विश्व कपः भारतीय कप्तान मिताली राज ने इसे बताई हार की वजह
    PUBLISHED : Jul 24 , 8:48 AM

  • आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया बेहद करीबी फाइनल मुकाबले में हार गई। इंग्लैंड ने भारत को 9 रन से हराकर विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया। इस मैच में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट कप्तान मिताली राज ने कहा उन्हें यहां तक पहुंचने पर गर्व है। मिताली ने कहा कि इस विश्व कप में टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन करते हुए दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई, उससे भारत में महिला क्रिकेट की स्थिति बेहतर होगी और खिलाड़ियों को वाजिब तवज्जो मिलेगी।

    आपको बता दें कि रविवार को लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर खेले गए फाइनल मैच में इंग्लैंड टीम ने भारत को नौ रनों से हरा दिया. मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में मिताली ने कहा कि हां, मुझे टीम पर गर्व है। इंग्लैंड के लिए यह आसान नहीं था, लेकिन उन्हें अपना जज्बा बनाए रखने का श्रेय जाता है। मैच में ऐसा भी समय था, जब हम बराबरी पर थे, लेकिन हम घबरा गए, जिससे यह हार हुई।'

    मिताली राज ने कहा कि मुझे लड़कियों पर काफी गर्व है। किसी भी टीम के लिए उन्होंने मैच को आसान नहीं होने दिया। हमने टूर्नामेंट में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। टीम के सभी यंगस्टर्स ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। वहीं भविष्य की योजनाओं पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं निश्चित रूप से कुछ साल और खेलूंगी, लेकिन मैं अपने आपको अगला विश्वकप खेलते हुए नहीं देखती हूं।'

    मिताली ने मैदान में मौजूद समर्थकों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, 'मैं यहां महिला क्रिकेट का समर्थन करने आए सभी प्रशंसकों को धन्यवाद देती हूं। यह सभी महिला क्रिकेटरों के हौसले के लिए बड़ी बात है। निश्चित रूप से यह अनुभव खिलाड़ियों की मदद करेगा। अब हमारे घरों में महिला क्रिकेट को लेकर अलग नजरिया है।'

    वहीं, इंग्लैंड की कप्तान हीथर नाइट ने जीत पर खुशी जताई। उनका कहना है कि जीतने के बाद वह अपनी मुस्कान छुपा नहीं पा रही हैं। उन्होंने साथ ही अपनी टीम की तारीफ की, जिसने दवाब की स्थिति में बिखरने की बजाए अपने आप को संभाले रखा और भारत से जीत छीन ली।

    गौरतलब है कि इंग्लैंड ने लॉर्ड्स मैदान पर भारत के सामने 229 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे भारतीय टीम हासिल नहीं कर पाई और 48.4 ओवरों में 219 रन ही बना सकी।

  • रामनाथ कोविंद की जीत से भाजपा ने नया सियासी समीकरण साधा
    PUBLISHED : Jul 21 , 8:09 AM


  • यूपी के दलित समुदाय से आने वाले रामनाथ कोविंद को देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचाकर भाजपा ने 2019 के आम चुनाव के लिए सामाजिक समीकरणों की जमीन भी तैयार कर ली है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति कोविंद अब भले ही भाजपा के सक्रिय नेता न रहे हों, लेकिन वह परोक्ष रूप से भाजपा के सबसे बड़े दलित चेहरा बन गए हैं। भाजपा की चुनावी रणनीति में दलित व पिछड़ा समीकरण सबसे ऊपर है। दोनों सर्वोच्च पदों पर दलित व पिछड़ा वर्ग के नेता उसकी नई पहचान बनते जा रहे हैं।

    हालांकि भाजपा पहले भी छह साल सत्ता में रही है, लेकिन उस दौरान वह अपनी शहरी और अगड़े वर्ग की पार्टी की छवि से बाहर नहीं निकल पाई। मगर मोदी व शाह की रणनीति से अब स्थितियां बदल गई हैं। हरियाणा, यूपी से लेकर ओडिशा (निकाय चुनाव), असम व मणिपुर तक भाजपा की चुनावी सफलता में जो सामाजिक समीकरण बने थे वे कोविंद के राष्ट्रपति बनने से और मजबूत होंगे।

    दलितों में भाजपा को लेकर झिझक दूर होगी।  भाजपा ने अपनी रणनीति में एक और बदलाव किया है। पार्टी में दलित व पिछड़े नेता अब दलित व पिछड़ा मोर्चा की अगुआई तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पार्टी की मुख्यधारा का नेतृत्व करेंगे। इसी के तहत गुजरात समेत छह राज्यों के चुनाव में पार्टी तीन सीएम पिछड़े वर्ग से बना सकती है।

    महामहिम कोविंद जीतते ही भावुक हुए

    रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति होंगे। राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को तीन लाख 34 हजार 730 मत मूल्य के अंतर से पराजित किया। कोविंद को 65.65 फीसदी मत मिले जबकि मीरा कुमार को 34.35 फीसदी मत ही हासिल हो सके। राष्ट्रपति निर्वाचित होने के ठीक बाद रामनाथ कोविंद अपने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए।

    कोविंद भाजपा के पहले सदस्य हैं जो राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। कोविंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज देश में कितने ही रामनाथ होंगे जो भीग रहे होंगे, कोई खेती कर रहा होगा। वे उन सबसे कहना चाहते हैं कि परौंख गांव का ये रामनाथ उनका प्रतिनिधि बनकर जा रहा है। कोविंद ने बड़ी साफगोई से स्वीकार किया है कि इस सर्वोच्च पद के बारे में न तो उन्होंने कभी सोचा था और न ही उनका यह लक्ष्य था।

    देश व समाज सेवा का भाव उन्हें यहां तक ले आया है और वे इसे इस सेवा भाव का फल ही मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘जिस पद का गौरव डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृष्णन, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसे लोगों ने बढ़ाया है, उस पद पर रहना उनके लिए गौरव की बात है। यह मेरे लिए भावुक क्षण है।’
     
    यूपी से सबसे अधिक वोट :   कोविंद को सबसे अधिक वोट उत्तर प्रदेश और सबसे कम वोट पश्चिम बंगाल से मिले। भाजपाशासित उत्तर प्रदेश में कोविंद को 355 वोट (69,680 मूल्य) मिले वहीं कुमार को 65 (13,520) वोट मिले। बिहार में कोविंद को कुल 239 वैध वोट में से 130 वोट मिले, जबकि मीरा को यहां 109 वोट मिले।

  • एमआधार (mAadhaar) ऐप लॉन्च, अभी केवल एंड्रॉयड फोन पर ही उपलब्ध
    PUBLISHED : Jul 19 , 9:07 AM


  • नई दिल्ली: डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के अपने उद्देश्य से सरकार ने एमआधार ऐप लॉन्च किया है. mAadhaar मोबाइल ऐप है जोकि अभी केवल एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर काम करेगा. इस ऐप को डाउनलोड करने और रजिस्टर करने के बाद आपको अपने साथ पेपर-फॉर्मेट में या किसी और प्रकार से आधार कार्ड या संख्या लेकर चलने की जरूरत नहीं है.

    जानें इससे जुड़ी  पांच खास बातें

        इस ऐप को यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने विकसित किया है. इस ऐप में आपका नाम, जन्मतिथि, लिंग और पता के साथ यूजर की तस्वीर और आधार नंबर लिंक होगा.

        आधार वेरिफाइड अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया है, #mAadhaar लॉन्च कर दिया गया है. एंड्रॉयड पर चलने वाला यह ऐप गूगल प्ले पर उपलब्ध है.

        वैसे बता दें कि यह अभी बीटा वर्जन में है. पर्सनल डाटा सुरक्षित रहे इसके लिए बायोमीट्रिक लॉकिंग फीचर दिया गया है. एक बार ऐप को लॉक कर दिया तो यह तब तक अनलॉक नहीं होगा जब तक इसे यूजर खुद अनलॉक नहीं करता.

        TOTP की सुविधा भी सुरक्षा के लिहाज से दी गई है. TOTP यानी Time-based One-Time Password जेनरेट होगा. यूजर्स अपने प्रोफाइल को अपडेट भी कर सकेंगे लेकिन सफलतापूर्वक इस बाबत का निवेदन स्वीकार कर लेने के बाद.

        वैसे इस ऐप को यूज करने के लिए आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर होना सबसे पहली शर्त है. यदि नंबर पंजीकृत नहीं है तो करीबी आधार एनरोलमेंट सेंटर में जाकर इसे जुड़वाएं.

  • दस हजार पटवारियों की भर्ती होगी
    PUBLISHED : Jul 18 , 8:21 AM

  • टेबलेट लेने पटवारियों को मिलेगी आवश्यक धनराशि
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया फसल गिरदावरी मोबाइल एप का शुभारंभ

    किसानों के हित के लिये इस वर्ष से फसल गिरदावरी संबंधी जानकारी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संग्रहीत की जायेगी। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पटवारियों को उनके मोबाइल पर ही ग्राम के समस्त भूमि स्वामियों के सभी खसरों की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। लगायी गयी फसल की जानकारी ग्राम से ही भरी जा सकेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने समन्वय भवन में मोबाइल एप का शुभारंभ किया।

    श्री चौहान ने कहा कि राजस्व अमले की कमी पूरी करने के लिये जल्दी ही 10 हजार पटवारियों, 550 तलसीलदारों और 940 नायब तहसीलदारों की भर्ती की जायेगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने राजस्व विभाग प्रमुख को पटवारियों की विभागीय पदोन्नति के संबंध में भी विचार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिये युद्ध स्तर पर काम करने की जरूरत है।

    मुख्यमंत्री ने पटवारियों को सूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग करने के लिये टेब खरीदने के लिये उनके खाते में आवश्यक राशि देने की घोषणा की। श्री चौहान ने कहा कि सरकार पूरी तरह से लोगों के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि बोनी के समय के आँकडों का शुद्ध रेकार्ड उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिये हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं। किसानों को समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर के आधार पर आदर्श दर से भुगतान करने का नवाचारी प्रयोग भी किया जायेगा।

    मोबाइल एप से होने वाले लाभों की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि राजस्व विभाग का यह क्रांतिकारी कदम भविष्य में बदलाव लायेगा। पारंपरिक बस्ते से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने एप संचालन के लिये एनआईसी का उपयोग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों को राजस्व विभाग और इसके अमले से बहुत अपेक्षाएँ हैं।

    क्या है फसल गिरदावरी

    फसल गिरदावरी प्रतिवर्ष की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह वर्ष में दो बार खरीफ और रबी सीजन की बुवाई के बाद की जाती है। इसे भू-अभिलेखों में दर्ज किया जाता है। यह कृषि सांख्यिकी एकत्रित करने की प्रक्रिया है। इसके आधार पर फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन संबंधी अनुमान की जानकारी तैयार की जाती है।

    कृषि वर्ष 1 जुलाई से प्रारंभ होकर 30 जून को समाप्त होता है। प्रथम खरीफ की फसलों तथा द्वितीय रबी की फसलों के आधार पर चालू वर्ष के खसरे में बोए गए क्षेत्रफल की फसल गिरदावरी के आधार पर दर्ज की जाती है। गिरदावरी जितनी सही और समय पर होगी, कृषि सांख्यिकी पूरी तरह से विश्वसनीय रहेगी।

    क्यों जरूरी है गिरदावरी

    फसल गिरदावरी के आधार पर ही खरीफ और रबी फसलों के बोए गए रकबे के आँकड़े प्राप्त होते हैं। उस आधार पर प्रमुख फसलों के उत्पादन व उत्पादकता अनुमान तथा राज्य एवं देश की कृषि दर निर्धारित की जाती है।

    फसल गिरदावरी कार्य से ही फसल पूर्वानुमान लगाया जाता है, जिससे फसल गिरदावरी को राजस्व खसरे के रकबे के आधार पर सांख्यिकी कार्य के लिये जानकारी शासन को प्रेषित की जाती है। यह जानकारी कई मामलों जैसे फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई, बैंक ऋण, योजनाओं के लाभ लेने आदि में महत्वपूर्ण होती है।

    मोबाईल एप्लीकेशन

    इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पटवारियों को उनके मोबाइल पर ही ग्राम के समस्त भूमि स्वामियों के सभी खसरों की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। जैसे ही भरी गयी जानकारी अपलोड की जायेगी, कृषक को उससे संबंधित खसरों में फसल गिरदावरी के अंतर्गत कौन सी जानकारी दर्ज की गयी है, यह सूचना एस.एम.एस. के माध्यम से भेजी जायेगी। इसमें एक पासकोड भी होगा।

    यदि कृषक, पटवारी द्वारा भरी गयी जानकारी से सहमत है, तो वह पासकोड पटवारी को बतायेगा। जब पटवारी द्वारा यह पासकोड एप्लीकेशन में डाला जायेगा तभी जानकारी को अंतिम माना जायेगा।

    यदि किसी कृषक के पास कोई मोबाइल नंबर नहीं है तो वह अपने पड़ोसी का नंबर भी एस.एम.एस. प्राप्त करने में उपयोग कर सकेगा। फसल की जानकारी के साथ ही अन्य पड़त भूमि, भूमि में लगे वृक्ष, मकान आदि की जानकारी भी एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जा सकेगी।

    प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पांडे ने मोबाइल एप के बारे में जानकरी दी। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी उपस्थित थे। आयुक्त भू-अभिलेख श्री एन. के. अग्रवाल ने आभार माना।
    ए.एस
       

  • राष्ट्रपति चुनाव:पार्टियों ने बनाई रणनीति,किस पार्टी के पास कितने वोट
    PUBLISHED : Jul 17 , 8:52 AM


  • आज राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होना है। एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और कांग्रेस की मीरा कुमार के बीच मुकाबला कड़ा है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होनी है। हमारे पास पार्टी संबंधित कुछ आंकड़े हैं जो बताते हैं कि रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी है। बीते दिनों सभी पार्टियों ने विधायकों के साथ राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा की और उन्हें वोट देने की ट्रेनिंग दी।
    बीजेपी- 4,42,117
    कांग्रेस- 1,61,478
    टीएमसी- 63, 847
    टीडीपी- 31,116
    शिव सेना- 25, 893
    समाजवादी पार्टी- 26,060
    सीपीएम- 27,069
    बीएसपी- 8,200
    जेडीयू- 20, 935
    आरजेडी- 18,796
    डीएमके- 18, 352
    एनसीपी- 15, 857
    चुनाव आयोग ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्किर सहित 55 सांसद आज राष्ट्रपति चुनाव में संसद भवन की बजाय अपने राज्य विधानसभाओं में मतदान करेंगे। पांच विधायक अपना मत संसद भवन में और चार अन्य विधायक अपना मत ऐसी राज्य विधानसभाओं में डालेंगे जहां से वे निवार्चित नहीं हुए हैं।
     
    राष्ट्रपति चुनाव के नियमों के मुताबिक सांसद या विधायक आयोग से यह कह सकते हैं कि एक अपवाद के तौर पर वह उन्हें किसी अन्य स्थान पर मतदान करने की इजाजत दे। चुनाव आयोग के दस्तावेज के मुताबिक उसने 14 राज्यसभा और 41 लोकसभा सदस्यों को कल संसद भवन की बजाय राज्य विधानसभाओं में मत डालने की इजाजत दी है। इनमें पर्किर, आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हैं जिन्होंने संसद की अपनी सदस्यता नहीं छोड़ी है। पर्किर जहां राज्यसभा के सदस्य हैं, आदित्यनाथ और मौर्य लोकसभा सदस्य हैं।
    भारत के अगले राष्ट्रपति के लिये आज होने वाले चुनाव में राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार आमने-सामने हैं लेकिन आंकड़ों में कोविंद का पलड़ा भारी दिख रहा है। मतों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी जहां विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाई जायेंगी।

    इन चुनावों में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के सदस्य मतदाता होते हैं। इस चुनाव में राजग का पक्ष भारी लग रहा है लेकिन विपक्ष अपने उम्मीदवार के समर्थन में कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद और लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने देश भर में घूम घूम कर अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में लोगों से मत देने को कहा।

    इन चुनावों में कुल 4896 मतदाता—4120 विधायक और 776 सांसद — अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये पात्र हैं। राज्यों की विधान परिषद के सदस्य विधान पार्षद इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते। लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है वहीं एंग्लो—इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है। राज्यसभा के भी 12 नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं।

    यह चुनाव क्योंकि गोपनीय मतपत्र के जरिये होता है इसलिये पार्टियां अपने सदस्यों को किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में मत डालने के लिये व्हिप जारी नहीं कर सकतीं। भाजपा के नेतत्व वाले राजग के पास शिवसेना को मिलाकर कुल 5,37,683 वोट हैं और उसे करीब 12000 और मतों की जरूरत है। हालांकि बीजद, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन के वादे और अन्नाद्रमुक के एक धड़े से समर्थन की संभावना राष्ट्रपति चुनावों में वोटों की कमी के अंतर को पूरा कर सकती है।

  • तेजस्वी विवाद: लालू-नीतीश को समझाने की कोशिशें तेज, राहुल, सोनिया के साथ दोनों नेताओं के शुभचिंतक भी आगे आए
    PUBLISHED : Jul 16 , 9:40 AM


  • बिहार में ताजा विवाद के बाद सत्तारूढ़ महागठबंधन में पड़ रही दरार को पाटने की कोशिशें तेज हो गई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित नीतीश-लालू के शुभचिंतक भी बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नजदीकी जदयू सूत्रों ने स्वीकार किया है कि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की ओर से आरोपों पर सफाई न देने के चलते महागठबंधन में तनाव बढ़ा है। तेजस्वी यादव के खिलाफ एफआइआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने पार्टी के एक सम्मेलन में यह स्पष्ट किया था कि उप मुख्यमंत्री को उन पर लगे आरोपों पर सफाई देनी होगी।

    जदयू की ओर से उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के लिए दबाव बनाए जाने के बाद राजद नेता लालू यादव और तेजस्वी दोनों ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बाद महागठबंधन के दोनों मुख्य दलों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। अब कांग्रेस नेतृत्व के अलावा लालू यादव और नीतीश कुमार के व्यक्तिगत मित्रों की ओर से राजद नेताओं को समझाया गया है कि वह तेजस्वी को नीतीश कुमार के पास भेजें और वे सफाई पेश करें। तेजस्वी यदि ऐसा नहीं करते और राजद की ओर से धमकाने के बयान जारी रहे तो सरकार और गठबंधन खतरे में पड़ सकता है।

    सूत्रों का कहना है कि इसके लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन यह जितनी जल्दी होगा, आशंकाएं उतनी जल्द समाप्त होंगी। यह पूछे जाने पर कि क्या तेजस्वी से इस्तीफा लिया जाएगा? मुख्यमंत्री के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार ने कभी भी यह नहीं कहा कि तेजस्वी इस्तीफा दें। लेकिन तेजस्वी यदि इस्तीफा देते हैं तो उससे नीतीश कुमार की छवि और मजबूत होगी, जिसका फायदा गठबंधन को भी होगा।

    नीतीश कुमार भले ही इस्तीफा स्वीकार करें या नहीं। दावा यह भी किया जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में इन कोशिशों का नतीजा सामने आ जाएगा। दोनों में से कोई नहीं चाहता कि गठबंधन टूटे और सरकार गिरे। साथ ही सरकार जाने या गठबंधन टूटने से दोनों को नुकसान होगा, जिसका सीधा लाभ भाजपा को होगा।

  • सर्वदलीय बैठकः भारत-चीन गतिरोध और कश्मीर सुरक्षा को लेकर विपक्ष से चर्चा करेगी सरकार
    PUBLISHED : Jul 14 , 8:46 AM


  • चीन और भारत के बीच चल रहे गतिरोध और जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा हालात को लेकर केंद्र सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है। ये बैठक आज शाम गृहमंत्री राजनाथ सिंह पर आवास पर बुलाई गई है। बैठक में सरकार इन मुद्दों पर विपक्ष से चर्चा करेगी और सरकार की रणनीति से विपक्षी दलों को अवगत कराएगी।

    राजनाथ सिंह के आवास पर होने वाली इस सर्वदलीय बैठक में सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह के अलावा सभी बड़े मंत्री मौजूद रहेंगे। इस बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चीन के साथ जारी सीमा विवाद पर सरकार का पक्ष विपक्ष दलों के सामने रखेंगी। जबकि गृहमंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर के ताज़ा हालात पर बात करेंगे।

    संसद में मुद्दा उठा सकता है विपक्ष

    सूत्रों ने बताया कि सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले सरकार चीन और कश्मीर मुद्दे से निपटने के बारे में आमसहमति बनाना चाहती है। बता दें कि हाल में भारत ने चिंता व्यक्त की है कि भारत-तिब्बत से सटे सिक्किम क्षेत्र में डोकाला में चीन यथास्थिति को बदलने का प्रयास कर रहा है। डोकाला में भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को सड़क निर्माण करने से रोक दिया था। यह क्षेत्र भूटान-भारत-तिब्बत तिराहे पर आता है और चीन इसपर दावेदारी कर रहा है।

    इस बैठक को संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्ष के साथ बेहतर तालमेल बनाने को लेकर सरकार की कोशिश माना जा रहा है। सरकार जानती है कि विपक्ष कश्मीर और चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा, इसीलिए पीएम मोदी ने राजनाथ और सुषमा के जरिए विपक्ष को भरोसे में लेने की कोशिश की है।  

    वहीं, जम्मू-कश्मीर के पुलावामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग में पिछले साल 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से ही तनाव का माहौल है। सोमवार को अनंतनाग में ही में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों के बस पर हमला कर सात श्रद्धालुओं की हत्या कर दी थी।

    भारत ने ठुकराया चीन का प्रस्ताव
    चीन के कश्मीर में सकारात्मक भूमिका निभाने संबंधी बयान को भारत ने कोई तवज्जो नहीं दी है। चीन का प्रस्ताव ठुकराते हुए भारत ने कहा कि मामले के मूल में सीमा पार से भारत में फैलाया जा रहा आतंकवाद है। इससे पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को खतरा उत्पन्न हो गया है।
    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा, भारत की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट है। द्विपक्षीय ढांचे में जम्मू कश्मीर समेत सभी मुद्दों पर पाकिस्तान से बातचीत करने के भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। बता दें कि चीन ने बुधवार को कहा था कि कश्मीर हालात ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। वह कश्मीर पर भारत व पाकिस्तान के संबंधों को सुधारने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। लेकिन, चीन ने सोमवार को कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले पर कुछ नहीं कहा।

  • आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों के प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाएगी
    PUBLISHED : Jul 13 , 8:37 AM

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में आईटीआई के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ रोजगार भी जरूरी है। आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि की जा रही है ताकि प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। राज्य सरकार द्वारा भी प्रशिक्षणार्थीयों के प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरोजगार के लिये ऋण की गारंटी राज्य सरकार देगी और 15 प्रतिशत सब्सिडी भी देगी तथा पांच साल तक पांच प्रतिशत ब्याज भी राज्य सरकार अदा करेगी।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में 3 करोड़ 2 लाख रूपये लागत के अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण नवनिर्मित सिविल हॉस्पिटल भवन, 3 करोड़ 50 लाख रूपये लागत से नवनिर्मित आईटीआई भवन एवं 4 करोड़ 77 लाख रूपये लागत से नवनिर्मित शासकीय आवासों का लोकार्पण किया।

    किसानों को उपज का वाजिब मूल्य दिलाया जाएगा

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अकोदिया मंडी में विशाल आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाया जाएगा। इससे किसानों की माली हालत मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों को छठा वेतनमान देने का निर्णय लिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हितों का ध्यान भी सरकार रखेगी। श्री चौहान ने कहा कि समाज के हर वर्ग का कल्याण करना सरकार का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हर हाल में शांति का टापू बनाए रखना है। श्री चौहान ने कहा कि जब तक मेरी सांसें चलेंगी, तब तक जनता जनार्दन की सेवा करता रहूंगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि प्रदेश के विकास में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने लोगों को संकल्प दिलाया कि हम सब मिलकर साथ चलें, मध्यप्रदेश को शांति का टापू बनाए रखें और प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाएं।

    श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में अब जितनी भी भर्तियां होगी, उनमें 50 फ़ीसदी पदों पर महिलाओं की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धरती पर कोई भी आवासहीन बगैर जमीन के नहीं रहेगा। प्रदेश में 25 दिसंबर से आवासहीनों को पट्टे वितरित करने का अभियान प्रारंभ होगा। सभी आवासहीनों को जमीन का मालिक बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले 2 साल में 15 लाख मकान बनाकर गरीबों को दिए जाएंगे। प्रदेश में 15 अगस्त से किसानों को उनके खाते की नकल उनके घर जाकर देने का अभियान चलाया जाएगा। अविवादित नामांतरण का एक भी केस लंबित नहीं रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक माह में सभी अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों की बिजली के बिलों की समस्या का समाधान भी किया जाएगा। जितनी अवधि की फसलें होंगी, उतनी अवधि का अस्थायी विद्युत कनेक्शन देने का प्रयास भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले दस-ग्यारह सालों में सिंचाई का क्षेत्र काफी बढ़ा है। आज 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। इस साल प्याज का बंपर उत्पादन हुआ है। सरकार ने आठ रुपए किलो प्याज की खरीदी की है। अकेले शाजापुर जिले में एक लाख 22 हजार मेट्रिक टन प्याज आठ रूपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया है। किसानों की मंडियों में भुगतान संबंधी समस्याओं का निराकरण भी सरकार कर रही है। अब मंडियों में जितनी राशि उपलब्ध होगी, उतना नगद भुगतान किया जावेगा और बाकी राशि आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में अगले दिन तक जमा हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार मूंग, उड़द और अरहर समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। सोयाबीन भी समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अकोदिया मंडी और शुजालपुर मंडी को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अन्य समस्याओं का समाधान भी शीघ्र किया जायेगा। श्री चौहान ने काले हिरण की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि सरकार इसके लिये एक प्रोजेक्ट बना रही है। जल्द ही इस समस्या का समाधान भी कर लिया जाएगा।

    प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले उत्कृष्ट प्रेरकों को सम्मानित भी किया।

    शुजालपुर से सारंगपुर टू-लेन सड़क का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर जिले में अकोदिया में 110 करोड़ रूपये लागत से निर्मित शुजालपुर से सारंगपुर टू-लेन सड़क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महाराणा प्रताप एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान का लोकार्पण किया।

    इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संयोजक, स्वच्छ भारत अभियान श्री माखनसिंह चौहान, सांसद श्री नंदकुमारसिंह चौहान, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल, विधायक श्री जसवंतसिंह हाड़ा, श्री मुरलीधर पाटीदार, श्री अरूण भीमावद, श्री इन्दरसिंह परमार, श्री नरेन्द्रसिंह बैस, सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
    आनंद मोहन गुप्ता/महेश दुबे

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    PUBLISHED : Jul 12 , 8:19 AM
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    जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए। वे सभी हिजबुल मुजाहिद्दीन के बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन आतंकियों के नाम दाउद और जावेद बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबल के जवान इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, इसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

    जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के रेडोरा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ मंगलवार रात से ही चल रही थी। यहां पर सुरक्षा बलों को 2 से 3 आतंकियों के छुपे होने की खबर मिली थी। जिसके  बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान में जुट गए। पुलिस ने आस पास के घरों को खाली करा लिया था।

    एनकाउंटर की यह घटना जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की बस पर किए गए हमले के एक दिन बाद सामने आई है। सोमवार (10 जुलाई) को अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए आतंकी हमले में सात लोगों को मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए। मारे गए ज्यादा लोग गुजरात के थे। यह हमला अनंतनाग जिले के श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर रात को 8 बजकर 10 मिनट के करीब हुआ था।

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