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  • मुख्यमंत्री श्री चौहान से नीति आयोग के सदस्य श्री रमेशचन्द्र की मुलाकात
    PUBLISHED : Sep 19 , 8:04 AM

  • भावान्तर भुगतान योजना की प्रशंसा


    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहाँ मंत्रालय में नीति आयोग के सदस्य श्री रमेश चन्द्र ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य सरकार की भावान्तर भुगतान योजना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह योजना नीति आयोग की प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिये राज्य सरकार ने यह योजना लागू की है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह योजना सुनिश्चित करेगी कि किसानों को समर्थन मूल्य से कम मूल्य नहीं मिले। यदि बाजार मूल्य समर्थन मूल्य से कम होगा, तो अंतर की राशि किसान के खाते में जमा करने की पारदर्शी व्यवस्था इस योजना में की गई है। श्री चौहान ने बताया कि कृषि से होने वाली आय को दोगुना करने के लिये प्रदेश में कान्ट्रेक्ट फार्मिंग एक समाधान है, जो छोटे किसानों के लिये लाभकारी होगा। प्रदेश में इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान कर्ज माफी के बजाय उपज का उचित मूल्य चाहते हैं। प्रदेश में उचित मूल्य की प्रत्याशा में किसानों द्वारा भण्डारण करने पर अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। किसानों की आय को दोगुना करने के लिये पशुपालन, मछली पालन, कृषि, वानिकी तथा अन्य गतिविधियों को कृषि से जोड़ा जा रहा है।

    नीति आयोग के सदस्य श्री रमेशचन्द्र ने कहा कि भावान्तर भुगतान योजना का फायदा सभी किसानों को मिलेगा, जबकि कर्ज-माफी का फायदा केवल पच्चीस प्रतिशत किसानों को मिलता है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने कीर्तिमान स्थापित किये हैं। अब कृषि विपणन, कान्ट्रेक्ट फार्मिंग और पशुधन विकास, डेयरी उत्पादन के क्षेत्र में नवाचार करें और प्रदेश, देश का नेतृत्व करे।

    इस अवसर पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री चेतन्य काश्यप, नीति आयोग के सलाहकार श्री अनिल श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिवद्वय श्री अशोक वर्णवाल और श्री एस.के. मिश्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।
    एस.जे.

  • प्रद्युम्न मर्डरः 10 दिन बाद आज से खुलेगा रेयान इंटरनेशनल स्कूल, पिता वरुण की अपील सीबीआई जांच शुरू होने तक न खुले स्कूल
    PUBLISHED : Sep 18 , 7:31 AM


  • दिल्ली से सटे गुरुग्राम का रेयान इंटरनेशनल स्कूल आज खुल जाएगा। प्रशासन ने इसे आज से खोलने का आदेश दिया है। वहीं इसी स्कूल में हत्या का शिकार हुए सात साल के मासूम प्रद्युम्न ठाकुर के पिता वरुण चंद्र ठाकुर ने इस पर आपत्ति दर्ज की है। उनका कहना है कि अगर स्कूल खुला तो वहां मौजूद साक्ष्य और न्याय संबंधी सारे सबूत खत्म हो जाएंगे। उन्होंने अपील की है कि जब तक सीबीआई प्रारंभिक जांच नहीं कर लेती तब तक स्कूल को बंद रखा जाए। 

    प्रद्युम्म के पिता की अपील
    वरुण के वकील सुशील टेकरीवाल ने कहा, रेयान स्कूल खुलने से वहां मौजूद साक्ष्य और न्याय संबंधी सबूत नष्ट हो जाएंगे। इसके खत्म होने से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच सीधे तौर पर प्रभावित होगी। लिहाजा, स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद रखा जाना चाहिए जब तक कि सीबीआई अपनी प्रारंभिक जांच पूरी नहीं कर लेती.' टेकरीवाल ने कहा कि यह आशंका रविवार को प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने व्यक्त की है।
    आज से खुल सकता स्कूल

    गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह का कहना है कि प्रबंधन की पूरी कोशिश है कि सोमवार से स्कूल दोबारा खुल जाएगा। वहीं, अगले तीन महीने के लिए चार्ज भी संभाल लिया जाएगा। बता दें कि शुक्रवार को सरकार ने रेयान स्कूल का प्रबंधन तीन महीने के लिए अपने हाथ में ले लिया है। सिंह ने यह भी बताया कि सेफ्टी गाइडलाइंस के पालन को लेकर स्कूलों की मीटिंग बुलाई गई है। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि ऐसी घटनाएं अब दोबारा न हों।
    मां का शक सही निकला

    प्रद्युम्न की हत्या मामले में आखिरकार मां ज्योति ठाकुर का शक सही निकला। स्‍कूल प्रबंधन और पुलिस के तमाम दावों के बीच प्रद्युम्न की मां लगातार इस बात पर अडिंग रही कि मेरे बाबू को अशोक ने नहीं मारा है। इसके पीछे जरूर कोई बड़ी चाल है। एसआइटी की रिपोर्ट आने के बाद स्‍कूल प्रबंधन के दावों की पोल खुल चुकी है। जांच में यह तो तय हो गया है कि हत्‍या के पीछे एक बड़ा राज छिपा है।

    बच्चे के पिता वरुण ठाकुर पहले से ही यह कह रहे हैं कि उनके बच्चे की हत्या योजना बनाकर की गई। बच्चे को बाथरूम में ले जाया गया था। वहां पर हत्यारोपी बस हेल्पर अशोक के अलावा और भी कोई था। एक लड़की ने वरुण को यह बताया भी है कि बाथरूम में अशोक के अलावा भी कोई था।

    यह कौन था यह पुलिस पता नहीं लगा पाई है। तीन दिन की पुलिस रिमांड में भी यह बात सामने नहीं आई कि मासूम की हत्या में और कौन था। छात्र की मां ज्योति ठाकुर ने मंगलवार को भी यही कहा कि उसके बेटे की दो आंख उसकी दुश्मन बन गई।

    क्‍या कहती है एसआइटी की रिपोर्ट

    रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह है कि उसमें दावा किया गया है जघन्य हत्या के मामले में किसी एक अन्य शख्स की भी भूमिका संभावित है, जो इस वारदात को अंजाम देने के बाद शौचालय की टूटी खिड़की के रास्ते से भाग गया। रिपोर्ट में साफ है कि स्‍कूल प्रबंधन ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की। ऐसे में शक की सुई स्‍कूल प्रबंधन पर जाना लाजमी है।

    8 सितंबर को प्रद्युम्न की हत्या कर दी गई थी
    उल्लेखनीय है कि कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न की आठ सितंबर को टॉयलेट में गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई थी. बस के एक कंडक्टर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार (42) को इस हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है. पुलिस का कहना है कि अशोक ने बच्चे का यौन शोषण करने की कोशिश की, जिसमें विफल रहने पर उसने बच्चे की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी.

    प्रद्युम्न के पिता 8 सितंबर की सुबह बेटे को स्कूल पहुंचाकर घर लौटे और एक घंटा बाद ही उसे स्कूल के टॉयलेट में खून से लथपथ, मृत पाया गया था. इस घटना के बाद समूचे देश में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा राष्ट्रीय मुद्दा बन गई है. हरियाणा सहित कई राज्यों में चल रहे रेयान स्कूल के बाहर अभिभावकों और आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन किया था।

  • अब ग्राम पंचायतें देंगी रेत उत्खनन की अनुमति
    PUBLISHED : Sep 15 , 9:20 AM

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा सिलवानी में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि के स्वीकृति पत्र वितरित

    मध्यप्रदेश में रेत खनन का कार्य अब ग्राम पंचायतों के माध्यम से करवाया जाएगा। ग्राम पंचायतें तय करेंगी कि उनकी ग्राम पंचायत में कहॉ-कहॉ और कितना खनन होना है। खनन की अनुमति ग्राम पंचायतें ही देंगी तथा प्राप्त रायल्टी भी ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर ही खर्च की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रायसेन जिले के सिलवानी तहसील मुख्यालय पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आयोजित किसान महा-सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत नियम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उत्पादन लागत घटाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितम्बर से प्रदेश के हर विकासखण्ड मुख्यालय पर संगोष्ठियाँ की जाएंगी। इन संगोष्ठियों में किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि विभाग का अमला भाग लेगा। संगोष्ठी में तय होगा कि किस क्षेत्र की जमीन पर कौन सी फसल लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि कृषि पर निर्भरता कम करने के लिए दुग्ध उत्पादन, कृषि वानिकी और खाद्य प्र-संस्करण जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जायेगा। खाद्य प्र-संस्करण उद्योग लगाने के लिए किसानों को बैंकों के माध्यम से ऋण दिलाया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में दूध उत्पादन का महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार अब गरीब किसानों को पाँच दुधारू पशु मुहैया कराएगी। इन पशुओं के लिये तीन माह का पौष्टिक पशु-आहार भी दिया जाएगा। इससे गरीब किसानों को आय का अतिरिक्त स्त्रोत मिलेगा।

    श्री चौहान ने कहा कि 3 माह में अविवादित बँटवारा, सीमांकन और नामांतरण प्रकरणों के निपटारे के लिए प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। नामांतरण के प्रपत्र घर-घर पहुँचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि फसल कटाई प्रयोग सावधानी से कराये जायें ताकि किसानों को कम वर्षा से फसल खराब होने की स्थिति में नुकसान नहीं हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लाभ के लिये भावांतर भुगतान योजना शुरू की गई है। यदि किसान अपनी उपज बाजार भाव को देखते हुए कुछ समय बाद बेचना चाहते हैं, तो गोदाम में फसल रखने की स्थिति में गोदाम का किराया भी सरकार देगी।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महा-सम्मेलन में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा खरीफ 2016 के दावा राशि के स्वीकृति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने 19 करोड़ 94 लाख रूपए की लागत के 6 निर्माण कार्यों का शिलान्यास तथा 6 करोड़ 26 लाख रूपए लागत के 7 निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बेगमगंज में गरीबों के लिए 308 आवास बनाने और सिलवानी में सामुदायिक भवन बनाने का आश्वासन दिया।

    सम्मेलन में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री रामकिशन पटेल सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
    रवि शर्मा
        

  • मोदी-अबे मीटः देश को आज मिलेगा बुलेट ट्रेन का तोहफा, भारत-जापान के बीच होंगे 5 लाख करोड़ के 15 करार
    PUBLISHED : Sep 14 , 9:20 AM


  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो अबे आज साबरमती रेलवे स्टेशन के पास एथलेटिक स्टेडियम में महत्वाकांक्षी 1.08 लाख करोड़ रुपये (17 अरब डॉलर) के अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली यह देश की पहली बुलेट ट्रेन 508 किमी का फासला 3 घंटे में तय करेगी। मौजूदा समय में यह दूरी तय करने में 7 से 8 घंटे का समय लगता है। ट्रेन की रफ्तार 320 किमी/घंटे के करीब होगी। इसके शुरू होने से मेक इन इंडिया को और ताक़त मिलेगी क्योंकि भारत में इसके उपकरण और कोच बनेंगे। इसके अलावा आज दोनों देशों के बीच पांच लाख करोड़ रुपये के 15 करार होंगे।

    2022 तक पूरा करने का लक्ष्य
    2022 तक पूरा करने का लक्ष्य इस परियोजना पर 1.08 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह परियोजना आंशिक रूप से जापान द्वारा वित्तपोषित है। परियोजना को दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि जैसे संकेत मिल रहे हैं उससे लगता है कि सरकार इसे 2022 में ही पूरा कर लेगी।

    गांधी आश्रम में लिखा-लव एंड थैंक्यू

    जापान के प्रधानमंत्री ने गांधी आश्रम की वीआइपी विजिटर बुक में लिखे शुभकामना संदेश के अंत में लव एंड थैंक यू लिखा। इसके बाद शिंजो व अकी ने अपने-अपने नाम लिखे।

    भारतीय परिधान में दिखे प्रधानमंत्री शिंजो एबी और उनकी पत्नी अकी

    एयरपोर्ट पहुंचे तब पश्चिमी परिधान में थे। लेकिन, रोड शो के दौरान भारतीय परिधान में नजर आए। शिंजो एबी कुर्ता और पायजामा के साथ नीली जैकेट पहने दिखे। वहीं अकी एबी सलवार कुर्ता और दुपट्टे में नजर आई।

    बापू के चरखा का तोहफा प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी पीएम को गांधी आश्रम की यात्रा के बाद बापू का चरखा भेंट किया। इससे पहले मोदी, शिंजो व अकी एबी ने गांधीजी के कमरे में उनके चरखे, डेस्क आदि वस्तुओं के साथ फोटो खिंचाए।

    मिशन गुजरातः रोड शो से मोदी ने गुजरात में चुनावी बिगुल फूंका

    16वीं सदी की मस्जिद देखी

    गांधी आश्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी और शिंजो एबी 16वीं सदी की मस्जिद 'सिद्दी सैयद की जाली' देखने गए। यह मस्जिद अपनी जालीदार खिड़कियों के लिए मशहूर है। गुजरात सल्तनत के आखिरी सुल्तान शम्स-उद-दीन मुजफ्फर शाह तृतीय के सेनापति अहमद शाह बिलाल झजर खान के अनुयायियों ने 1573 में इस मस्जिद का निर्माण कराया था। मोदी ने खुद अबे दंपति को सिद्दी मस्जिद की अहमियत और इतिहास की जानकारी दी। यह मस्जिद अपनी जाली खिड़कियों के लिए मशहूर है। गुजरात सल्तनत के अंतिम सुल्तान शम्स-उद-दीन मुजफ्फर शाह तृतीय की सेना के एक जनरल अहमद शाह बिलाल झजर खान के अनुयायियों ने 1573 में इस मस्जिद का निर्माण कराया था। यह मस्जिद संस्कृति और खूबसूरती का मिश्रण है। इस मस्जिद को हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल माना जाता है। इस मस्जिद की खास बात यह है कि शाम के वक्त जब ढलते सूरज की किरणें मस्जिद की जाली से निकलती हैं तो अद्भुत नजारा होता है। इस मस्जिद की जालियों में कल्पवृक्ष और खजूर के पेड़ एक साथ बने हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में अबूधाबी की मशहूर शेख जायद मस्जिद का दौरा किया था।

    भारत के साथ संबंध बेहद विशेष : शिंजो अबे
    भारत के दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने भारत के साथ अपने देश के संबंधों को बेहद महत्वपूर्ण और विशेष करार दिया। उन्होंने कहा कि जापान, भारत के तीव्र आर्थिक विकास में सहयोग के तौर पर अपना प्रौद्योगिकी समर्थन जारी रखेगा।

    100 जापानी कंपनियां कारोबार के लिए भारत आ रही हैं
    शिंजो अबे ने कहा कि प्रति वर्ष करीब 100 जापानी कंपनियां कारोबार के लिए भारत आ रही हैं। अक्तूबर 2016 में 1305 जापानी कंपनियां काम कर रही थीं। भारत और जापान के तकनीशियन विनिर्माण इकाइयों में साथ मिलकर काम कर रहे हैं और इस तरह से भारत-जापान आर्थिक संबंधों को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में योगदान कर रहे हैं।

     बढ़ सकता है परमाणु ऊर्जा से जुड़े गैर-ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग
    भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के पहले सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों देश परमाणु ऊर्जा से जुड़े गैर-ऊर्जा क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ा सकते हैं। अधिकारी ने हालांकि कहा कि देश में परमाणु बिजली घर बनाने के लिए जापान से उपकरणों की खरीद के लिए समझौता होने की संभावना कम ही है क्योंकि फ्रेंच कंपनी ईडीएफ और अमेरिकी कंपनी वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक कंपनी से बातचीत जारी है।

    कांग्रेस ने उठाया सवाल

    कांग्रेस ने जापानी प्रधानमंत्री शिंजो एबी की राजकीय यात्रा राष्ट्रीय राजधानी के बजाय अहमदाबाद से शुरू होने पर सवाल उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि जापान जैसे महत्वपूर्ण देश के प्रधानमंत्री का स्वागत नई दिल्ली में नहीं किया गया। उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि किसी विदेशी अतिथि की राजकीय यात्रा का इस्तेमाल गुजरात के विधानसभा चुनाव में नहीं किया जाएगा।' 

  • ग्रैंड वेलकमः मोदी करेंगे जापान के PM शिंजो अबे की अगवानी, अहमदाबाद एयरपोर्ट से साबरमती आश्रम तक 8 किमी लंबा रोड शो
    PUBLISHED : Sep 13 , 9:23 AM


  • जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे आज दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के अहमदाबाद में उनकी अगवानी करेंगे। दोनों नेता अहमदाबाद में आज एक रोड शो करेंगे। 8 किलोमीटर लंबा रोड शो दोपहर 3.30 बजे अहमदाबाद के सरदार बल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से शुरू होगा और साबरमती आश्रम पर खत्म होगा।

    1 घंटे तक चलने वाले इस भव्य रोड शो में दोनों नेताओं को 28 स्थानों पर सांस्कृतिक झांकियां दिखाई जाएंगी। 28 अलग-अलग राज्यों के नर्तक पारंपरिक वेश भूषा में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। रोड शो साबरमती रिवरफ्रंट से भी गुजरेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो एबी की चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था में 9000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिसकर्मियों की तैनाती शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर होगी। सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

     भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, रोड शो साबरमती रिवरफ्रंट के समांतर बनी सड़क से भी गुजरेगा। रास्ते में 28 स्थानों पर इतने ही राज्यों के कलाकारों की झांकी भी प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जापान भारत के सबसे भरोसमंद साथियों में से हैं और उनके प्रधानमंत्री के स्वागत में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। यह रोड शो करीब एक घंटे तक चलेगा। मंगलवार को रोड शो का अभ्यास भी किया गया।

    दोनो नेता शाम सवा छह बजे यहां वास्तुकला का बेजोड़ नमूना माने जाने वाले पुराने शहर स्थित सीदी सैयद की मजार पर जाएंगे और अगासिये रेस्त्रां में रात का भोजन करेंगे। इस दौरान करीब एक सौ तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे। पत्नी के साथ आ रहे अबे रात्रि विश्राम वस्त्रापुर के हयात होटल में करेंगे। 14 सितंबर की सुबह करीब दस बजे दोनों साबरमती रेलवे स्टेशन के निकट एक समारोह में मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद अबे मोदी के साथ गांधीनगर में दांडी कुटीर संग्रहालय देखने जाएंगे। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में  दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की 12वीं भारत जापान वार्षिक शिखर बैठक होगी जिसमें परस्पर लाभ के कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

    अभूतपूर्व स्वागत की तैयारी

    3.30 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर अगवानी

    01 घंटे चलेगा रोड शो दोनों नेताओं का

    28 स्थानों पर सांस्कृतिक झांकियां दिखाई जाएंगी

    6.30 बजे सीदी सैय्यद की मजार पर जाएंगे

    8.30 बजे अगासिये रेस्तरां में रात्रिभोजन करेंगे

    गुजरात में 15 जापानी कंपनियां निवेश करेंगी

    जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे की यात्रा के दौरान वहां की करीब 15  कंपनियां गुजरात में निवेश के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करेंगी।  जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) से राज्य को इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए सस्ता ऋण भी मिलेगा। 12वें जापान-भारत वार्षिक सम्मेलन के दौरान ये समझौते होंगे।

    गुजरात औद्योगिक विकास निगम (के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डी थारा ने कहा कि शिखर सम्मेलन के दौरान 17-18 समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे,  जिनमें से 15 समझौते जापानी कंपनियों और निगम के बीच होंगे।

    जापान के साथ अपने संबधों को भारत काफी महत्व देता है। मैं प्रधानमंत्री शिंजो आबे का स्वागत करने को उत्सुक हूं। प्रधानमंत्री अबे और मैं 13-14 सितंबर को कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे, इन कार्यक्रमों का मकसद द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाना है। 

  • किसानों के बेटे-बेटियों को खाद्य प्र-संस्करण इकाइयाँ खोलने मिलेगा दो करोड़ तक का लोन
    PUBLISHED : Sep 12 , 7:35 AM

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया भावांतर भुगतान योजना के पोर्टल का शुभारंभ
    अपने खेत में घर बनाने पर किसान के लिये जमीन का डायवर्सन जरूरी नहीं होगा

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों के बेटे-बेटियों को खाद्य प्र-संस्करण इकाइयाँ खोलने के लिये 10 लाख से 2 करोड़ तक का लोन उपलब्ध करवाया जायेगा। लोन की गारंटी राज्य सरकार लेगी। खाद्य प्र-संस्करण इकाइयाँ खुलने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    आज यहाँ स्थानीय समन्वय भवन में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर वर्कशॉप और विकासखण्डीय कृषि संगोष्ठियों की श्रंखला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यदि किसान अपने खेत पर स्वयं के उपयोग के लिये घर बनाता है तो उसे जमीन के डायवर्सन की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in का शुभारंभ किया और इसे प्रदेश के लिये कृषि में नई क्रांति बताया। उन्होंने किसानों से इस पोर्टल पर जाकर अपना पंजीयन कराने का आग्रह किया।

    15 सितम्बर से किसान सम्मेलन

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक सभी जिलों में किसान सम्मेलन होंगे। इनमें किसानों की आय दोगुना करने की रणनीति पर चर्चा होगी। हर विकासखण्ड का अलग से रोडमैप बनेगा।

    श्री चौहान ने कहा कि 378 शहरों में किसान बाजार बनाये जायेंगे जहाँ किसान अपनी उपज सीधे ग्राहकों को बेच सकेंगे। इसके लिये संबंधित नगर पालिका, नगर परिषद जमीन उपलब्ध करवायेगी और मंडी बोर्ड बाजार की अधोसंरचना बनाने में मदद करेगा। श्री चौहान ने बताया कि प्याज के भण्डारण के लिये भण्डार गृह बनाने वाले किसानों को राज्य सरकार 50 प्रतिशत की सबसिडी देगी।

    श्री चौहान ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में प्रत्येक किसान की आय दोगुनी करने के लिये राज्य सरकार संकल्पित है। यह चुनौतीपूर्ण काम है लेकिन किसानों के सहयोग से संभव है। उन्होंने कहा कि इस साल सूखे के आसार दिख रहे हैं लेकिन इस संकट से निजात पा लेंगे। खेती-किसानी के काम में आपात परिस्थितियाँ आती रहती हैं।

    श्री चौहान ने कहा कि कृषि उत्पादन की लागत कम करना, कृषि उत्पादन का वाजिब दाम किसानों को दिलवाना और उत्पादन बढ़ाना मुख्य प्राथमिकताएँ हैं। इसके अलावा किसानों को अन्य सहयोगी व्यवसाय से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में भरपूर संभावनाएँ हैं।

    डेयरी उद्योग का होगा विस्तार

    श्री चौहान ने कहा कि किसानों के हित में काम करने के लिये साहसपूर्ण फैसले करना जरूरी है। कई ऐसे रचनात्मक काम किये गये हैं जिनके कारण अगले साल से खेती करना आसान हो जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन की विपुल संभावनाएँ हैं। वर्तमान में डेयरी उद्योग कुछ जिलों तक ही सीमित है। पूरे प्रदेश में इसका विस्तार किया जायेगा। यदि दुग्ध उत्पादन आशातीत बढ़ेगा तो इसका भी न्यूनतम मूल्य घोषित किया जायेगा। दुग्ध के प्र-संस्करण और दूध उत्पाद बनाने के क्षेत्र में निजी निवेशकों को प्रोत्साहित किया जायेगा ताकि अतिरिक्त दूध की खपत हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिये जैविक सब्जियों के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जायेगी। सब्जियों के रूट तय किये जा रहे हैं।

    कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक, कृषक मित्र, कृषक दीदी, प्रगतिशील किसान और कृषि विभाग के मैदानी अमले ने भाग लिया। कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, कृषक आयोग के अध्यक्ष श्री ईश्वरलाल पाटीदार, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक बर्णवाल ने भी कार्यशाला को संबोधित किया।
    ए.एस.

  • प्रद्युम्न मर्डर केस : रेयान इंटरनेशनल स्कूल के रीजनल और एचआर हेड गिरफ्तार, लाठीचार्ज मामले में एसएचओ सस्पेंड
    PUBLISHED : Sep 11 , 8:45 AM


  • रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र प्रद्युम्न की हत्या के मामले में रविवार को स्कूल के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। वहीं हत्या की जांच कर रही तीन सदस्यों की एसआईटी टीम ने अपनी जांच में कई गड़बड़ियां पाई है। एसआईटी टीम ने सीसीटीवी लगाने में गड़बड़ी पाई है। कैमरों को ठीक से इंस्टॉल नहीं किया गया था। इसके अलावा कर्माचारियों के लिए अलग से टॉयलेट की व्यवस्था भी नहीं है। स्कूल में रखे गए कर्मचारियों का ठीक तरीके से पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया गया है। बताया जा रहा है कि प्रद्युम्न का परिवार सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।

    जांच से खुलासा

    तीन सदस्यीय एसआईटी टीम ने अपनी जांच में पाया कि सीसीटीवी लगाने में गड़बड़ी की गई थी साथ ही स्कूल के अंदर ड्राइवर और कंडक्टरों के लिए अलग से कोई टॉयलेट की व्यवस्था नहीं थी। स्कूल की बाउंड्री भी टूटी हुई थी और टॉयलेट बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं थे। एसआईटी के सदस्यों ने यह भी बताया कि स्कूल में रखे गए कर्मचारियों की भी सही तरीके से पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कि जाती है। एसआईटी द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद गुरुग्राम के डीसी ने माध्यमिक शिक्षा के निदेशक को पत्र लिखकर हरियाणा स्कूल शिक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
    इंसाफ मांगा तो मिली लाठी, रेयान की मान्यता नहीं होगी रद्द

    किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज
    शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने बताया कि स्कूल प्रबंधन और मालिक के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम (जे जे एक्ट) की धारा 75 के तहत कार्रवाई की जा रही है। हालांकि अन्य बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल की मान्यता रद्द नहीं की जाएगी। शर्मा ने यह भी कहा कि अगर पूरी जांच से प्रद्युम्न के माता-पिता संतुष्ट नहीं होंगे तो सरकार किसी भी एजेंसी से मामले की जांच के लिए तैयार है।

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि जांच एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी और जो लोग दोषी पाए जाएंगे उन्हें सजा मिलेगी।
    प्रद्युम्न हत्याकांड: सरकार हर जांच को तैयार,जानें दिनभर क्या हुआ

    सीबीआई जांच की मांग
    प्रद्युम्न के परिवार ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इसके लिए वह सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।

    सीईओ ने तोड़ी चुप्पी
    रायन इंटरनैशनल स्कूल्स ग्रुप के सीईओ रायन पिंटो ने घटना के तीसरे दिन चुप्पी तोड़ी। रविवार को एक बयान में उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं जाहिर करते हुए कहा कि स्कूल अपनी स्थापना से अब तक के सबसे दुखद समय का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, 'यह समझा जा सकता है कि सभी हम से जवाब चाहते हैं। इसलिए हम पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। हमें कानून पर पूरा भरोसा है। हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि जांच चल ही रही है और हमें अभी से दोषी ना ठहराया जाए, जबकि हम खुद दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति के पीड़ित हैं।

    भारी बवाल
    हत्या से आक्रोशित अभिभावक स्कूल पर कार्रवाई की मांग को लेकर गेट के पास जमा हो गए। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने स्कूल के पास स्थित शराब के ठेके में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोकसभा सांसद पप्पू यादव भी निशाना बने। लाठीचार्ज में अभिभावकों और पत्रकारों को चोटें आई हैं। उधर, प्रद्युम्न के परिवार से मिलने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी पहुंचे।

  • सरकारी अस्पतालों के दस साल पुराने मेडिकल वेस्ट प्रदूषण का निपटारा हुआ.....
    PUBLISHED : Sep 11 , 8:41 AM


  • डा.नवीन जोशी
    भोपाल।
    राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों जिनमें 13 जिला चिकित्सालय, 30 सिविल अस्पताल, 194 सामुदायिक अस्पताल, 127 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 10 अन्य चिकित्सकीय संस्थायें शामिल हैं, के दस साल पुराने मेडिकल वेस्ट प्रदूषण की बकाया राशि का निपटारा कर दिया है।
    ज्ञातव्य है कि इन सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट जिसमें खून, रुई, सिरिंज, पट्टियां आदि प्रदूषणकारी कचरा शामिल है, के प्रदूषण नियंत्रण मंडल की गाईड लाईन एवं नियमों के अनुसार निपटारे हेतु कार्यवाही करना होती है तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल को हर साल निर्धारित शुल्क जिसे अथोराईजेशन फीस कहा जाता है देकर इस निपटारे का प्रमाण-पत्र लेना होता है। भारत सरकार ने वर्ष 1998 में इस निपटारे हेतु गाईड लाईन बनाई थी और वर्ष 2008 में नियम। लेकिन प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत उक्त सरकारी अस्तपालों ने वर्ष 1998 से वर्ष 2008 तक एक भी वर्ष में उक्त गाईड लाईन एवं नियमों का पालन नहीं किया।
    यह मामला शासन स्तर के साथ-साथ एनजीटी में भी पहुंचा। वर्ष 2008 के बाद से तो इन सरकारी अस्पतालों द्वारा हर साल आथोराईजेशन फीस प्रदूषण मंडल को जमा कर सर्टिफिकेट लिया जाता रहा परन्तु पूर्व के दस वर्षों की फीस वह जमा नहीं कर पाया था। प्रदूषण मंडल और राज्य शासन के बीच उच्च स्तरीय बैठकों में इस बारे में कई बार चर्चा की गई तथा प्रदूषण मंडल ने इस दस सालों की करीब दो करोड़ रुपये राशि अथाराईजेशन फीस मांगी। लेकिन शासन स्तर पर 98 लाख 69 हजार 100 रुपये की राशि ही देने का फैसला हुआ।
    अब स्वास्थ्य विभाग ने उक्त सभी 374 सरकारी अस्पतालों की वर्ष 1998-2008 के लिये अथाराईजेशन फीस प्रदूषण मंडल को देने के लिये स्वीकृत कर दी है तथा इसके आदेश जारी कर दिये हैं। आदेश में कहा गया है कि इस राशि का प्रदूषण मंडल को भुगतान कर आथोराईजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाये।
    विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के बायोमेडिकल वेट मेनेजमेंट एण्ड हैण्डलिंग नियम 2016 के तहत वर्ष 1998-2008 के लिये आथोराईजेशन फीस जमा करना थी। यह राशि मंजूर होने से अब इन्हें मंडल के नियमों के तहत आथोराईजेशन सर्टिफिकेट जारी करने की कार्यवाही की जायेगी।

    मंत्रालय में रिटायर्ड अपर सचिव और अनुभाग अधिकारी को मिली संविदा नियुक्ति
    भोपाल।
    राज्य शासन ने मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थ दो अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद एक वर्ष की संविदा नियुक्ति प्रदान की है। इनमें सेवानिवृत्त अपर सचिव केके कातिया को इसी पद पर तथा सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी राधेश्याम दुबे को भी उसी पद पर संविदा नियुक्ति दी गई है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिये हैं।
    अवर सचिव का तबादला :
    इधर मंत्रालय में नगरीय विकास एवं आवास विभाग में पदस्थ अवर सचिव राधेश्याम वर्मा का तबादला कर उन्हें राजस्व विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ कर दिया गया है।
    डा.नवीन जोशी

  • जन-हित में काम नहीं करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा - मुख्यमंत्री श्री चौहान
    PUBLISHED : Sep 08 , 7:43 AM

  • सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकी, कई कर्मचारियों को किया निलंबित

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार लोगों के हित में काम करने वाली सरकार है। लोक सेवाओं के प्रदाय और शासन की योजनाओं के लाभ से लोगों को वंचित रखने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। श्री चौहान आज मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के बाद कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीसीएफ स्तर के अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने, तहसीलदार, पटवारी, ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारी और कई कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिये।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने झाबुआ जिले के मातासुला ग्राम पंचायत गांव की सरपंच श्रीमती कपना सडिया वसुनिया को अपनी पंचायत की पेयजल समस्या के लिये समाधान ऑन लाइन में आने की सराहना की। किसी एक विकास कार्य के लिये एक लाख रूपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और बताया कि नल–जल प्रदाय योजना स्वीकृत कर दी गई है और इसी गर्मी से घरों में नल से पानी मिलने लगेगा।

    रतलाम के मथुरी गांव के किसान श्री बद्रीलाल पाटीदार ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोयाबीन की फसल नुकसान की शिकायत के बावजूद बीमा कंपनी सर्वे के लिये नहीं पहुँची। कई किसान बीमा दावा राशि मिलने से वंचित रह गये। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि ऐसे प्रकरणों में किसानों की शिकायत पर तत्काल कार्यवाई करें। उन्होंने सभी कलेक्टरों की निर्देश दिये कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रीमियम राशि जमा करने और बीमा संबंधी अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाये। फसल हानि के आंकलन के लिये फसल कटाई प्रयोग भी समय पर पूरा करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस साल सूखे के संकट से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसलिये किसानों का फसल बीमा अवश्य करवा लें। पानी रोकने का काम प्राथमिकता से करें और इस संबंध में किसानों का भी सहयोग लें।

    कटनी के खितौली गांव के शेख अजमेर की शिकायत थी कि उन्हें बलराम तालाब बनाने की पहली किश्त मिली दूसरी नहीं मिली। मुख्यमंत्री की इसी गंभीरता से लेते हुए सहायक भू-संरक्षण अधिकारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने सभी प्रकरणों में तालाब निर्माण की राशि का भुगतान का करने के निर्देश दिये।

    रीवा के दुबडा गांव के एक प्रकरण में श्री सुमधनधर शर्मा ने बताया कि उसकी भूमि गैर कानूनी तरीके से हडप कर बेच दी गई। भूमि की गैर कानूनी रूप से अदला बदली करने और दस्तावेज में हेराफेरी करने के मामले में लापरवाही बरतने पर उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार, वर्तमान तहसीलदार, तत्कालीन एवं वर्तमान पटवारी को निलम्बित करने का निर्देश दिये। साथ ही आपराधिक कार्य कर जमीन खरीदने और उस पर लोन लेने वालों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने को कहा। उन्होंने इस पेचीदा मामले में सूक्ष्म छानबीन करने के लिये रीवा कलेक्टर को बधाई दी।

    खरगोन के अजनगांव में मिट्टी की खदान धसकने में तीन परिवारों के एक-एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी। मुख्ममंत्री ने पीडि़त परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक-एक लाख रूपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दी।

    खंडवा के रोहणी गांव के नानक राम ने बताया कि उसकी छह बकरियों को रीझ खा गया था। सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने के बाद उसे मुआवजा की राशि मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि इतनी देर क्यों लगी। असंतोषजनक जबाब मिलने पर उन्होंने सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये। इस प्रकरण को संतोषजनक कार्यवाही किये बिना बंद नहीं करने पर रेंजर के विरूद्ध विभागीय जांच कर सेवा से निकालने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

    मंडला के उमरिया गांव के श्री केशलाल ने शिकायत की कि पावर ग्रिड कारपोशन से संबंधित कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइन लगाते समय पेड़ काट लिये और उन्हें मुआवजा भी शासन के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुये कहा कि इस संबंध में ऊर्जा मंत्रालय को अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिनके पेड़ कटे हैं उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिलाया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर से ऐसे सभी प्रकरणों पर निगरानी रखने और राज्य शासन के ध्यान में लाने के निर्देश दिये।

    छिंदवाडा के एक प्रकरण में शिकायतकर्ता श्री शैलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिक्षकों के शाला नहीं आने की शिकायत की थी। इसके बाद बीआरसीसी परासिया ने शिक्षकों को समझाइश देकर प्रकरण बंद कर दिया। मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुये कहा कि वे संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिये।

    जबलपुर के श्री सुरेन्द्र काछी ने बताया कि उन्हें जननी सुरक्षा योजना की प्रसूति सहायता राशि 16 अगस्त को मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि दो साल बाद भुगतान क्यों हुआ। इस पर असंतोषजनक जबाव मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

    शहडोल की नदियाटोल गांव की सरस्वती महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती ममता बहन ने बताया कि उन्हें 18 महीनों का रूका हुआ पैसा का भुगतान हो गया है। मुख्यमंत्री ने भुगतान में विलम्ब के लिये संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

    स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया से लड़ने की तैयारी रखें

    मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे स्वाइन फ्लू के फैलने के खतरे को देखते हुये अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी रखें। सभी विभाग मिलकर समन्वय के साथ युद्ध-स्तर पर काम करें। पड़ोसी राज्यों से स्वाइन फ्लू का संक्रमण प्रदेश में आने का खतरा है। अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिये पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने निजी अस्पतालों का भी सहयोग लेने और निजी अस्पतालों के चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ को भी लगातार जागरूक रखने के निर्देश दिये।

    मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे सभी जिलों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये टास्क फोर्स का सहयोग लें। यह सबकी साझा जिम्मेदारी है। इससे निपटने के लिये युद्ध-स्तर पर तैयारी रखें। हर दिन संभावित प्रकरणों पर निगरानी रखें। दवाईयों की कोई कमी नहीं है। आपात स्थिति में गरीब मरीजों के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से प्रकरण स्वीकृत किये जा सकते हैं। आम लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिये जिला-स्तरीय अभियान चलायें। आइसोलेशन बार्ड स्थापित करें और प्रायवेट अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का भी उपयोग करें। उन्होंने डेंगू और मलेरिया के प्रकरणों पर निगरानी रखने के निर्देश दिये।

    सूखे के संकट से निपटने की रणनीति बनायें

    मुख्यमंत्री ने इस साल कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सभी जिलों में आपात योजनायें बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने पानी रोकने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश देते हुये कहा कि किसानों को समान जल-वितरण करने की कार्ययोजना तैयार रखें। पेय जल की संभावित समस्या को देखते हुये अभी से रणनीति तैयार रखें।

    प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस के रूप में मनेगा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिले प्रधानमंत्री के ‘’संकल्प से सिद्धी’’ अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर को 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस पर कार्यक्रमों की श्रंखला बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है।

    मुख्यमंत्री ने राजस्व के नामांतरण एवं बटवारे एवं अन्य प्रकरणों में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के मुख्य सचिव की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण चुनौती के रूप में स्वीकार करें। यह सभी कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये कि वे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की सूची बनायें जिन्होंने पचास साल की आयु और बीस साल की सेवा पूरी कर ली है। ऐसे अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा।

    15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसान सम्मेलन

    श्री चौहान ने कहा कि 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसानों के सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति करने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी कृषि की विकास दर प्राथमिक रूप से 29.8 प्रतिशत रही है। इसके लिये किसान और जमीनी अमले को बधाई। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को कवर करने के निर्देश दिये। उन्होंन नर्मदा सेवा मिशन के अंतर्गत कार्य-योजनाओं को पूरी तरह से जमीन पर उतारने के लिये जिला-स्तरीय रणनीति बनाने के निर्देश देते हुये कहा कि नर्मदा के किनारे जितने भी पौधे लगाये गये हैं उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम करें।

    मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्प लाइन 181 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी नियम के अंतर्गत 371 सेवाओं को शामिल किया गया है। जिनमें से 121 सेवायें ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि लोकसेवाओं के प्रदाय अधिनियम के क्रियान्वयन की जिलेवार समीक्षा की जायेगी।
    ए.एस

  • शिक्षकों को तीस साल की सेवा पूर्ण करने पर मिलेगा तीसरा समयमान वेतन
    PUBLISHED : Sep 06 , 8:25 AM

  • भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिये 25 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे
    शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए आयोग बनेगा
    मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा राज्य-स्तरीय समारोह में 67 शिक्षक सम्मानित

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षकों की होने वाली भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिये 25 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाएंगे। उनकी अलग परीक्षा होगी। शिक्षकों की भर्ती में खेल शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। विद्यालयों में खेल का पीरियड अनिवार्य होगा। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए आयोग बनाया जाएगा। तीस वर्ष का सेवाकाल पूरे करने वाले शिक्षकों को तीसरा समयमान वेतनमान दिया जाएगा। वरिष्ठता के आधार पर पद नाम में परिवर्तन किया जाएगा। शिक्षकों की वर्गीकृत व्यवस्था को एकात्म किया जाएगा। श्री चौहान ने आज राज्य-स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं की। यह समारोह लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर में आयोजित किया गया था।

    गुरूजनों का योगदान अतुलनीय

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गुरुजनों का योगदान अतुलनीय है। शिष्यों को शिक्षक द्वारा दिखाई गई सही राह जितनी जिदंगी बना सकती है, गलत राह उतनी ही बिगाड़ भी सकती है। शिक्षक राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं। इसलिये शिक्षकों का चयन सावधानी से किया जाए। शिक्षण कला है जिसमें अंकों का नहीं पढ़ाने की तड़प का महत्व है। शिक्षक, शिक्षा को मिशन बना लेंगे, तब सुविधाओं, वेतन आदि का ध्यान नहीं आएगा, ऐसे शिक्षक ही राष्ट्र निर्माता का निर्माण करते हैं। उन्होंने शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुविधा विहीन दूरस्थ अंचलों के शिक्षक चमत्कार कर रहे हैं। मंडला, डिण्डोरी, धार जिलों और बैगा जनजाति के बच्चे आई.आई.टी., आई.आई.एम. में चयनित हो रहे हैं। सरकार द्वारा लेपटॉप दिये जाने की योजना में भी आधे से ज्यादा सरकारी स्कूलों के बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन जीने की कला शिक्षक सिखाता है। शिक्षक नया जीवन देता है। गुरु की महिमा से अनेकों ग्रंथ भरे हैं। उन्होंने एवजी शिक्षक की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी इक्का-दुक्का घटनाओं से पूरा शिक्षक समाज बदनाम होता है। मुख्यमंत्री ने आव्हान किया कि गलत लोगों को स्वयं समाज से बाहर कर दें। नये भारत निर्माण के अनुरूप भावी पीढ़ी के निर्माण के लिये प्रतिबद्ध हों। शिक्षकों की सम्मानजनक जिन्दगी का पूरा इंतजाम किया जाएगा। सरकार ने शिक्षा के लिये 20 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है।

    शिक्षा व्यवस्था में बदलाव

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि शिक्षा राज्याश्रित नहीं होना चाहिये। समाज आधारित शिक्षा व्यवस्था हो। शिक्षक किसी पर आश्रित नहीं रहें। उन्होंने बदलाव के लिये चिंतन की जरूरत बताते हुए कहा कि प्रदेश में इस दिशा में पहल की जाए। ऐसी शिक्षा व्यवस्था हो, जिसमें सरकारी धनाभाव नहीं शिक्षा समाज की जिम्मेदारी हो। शिक्षा व्यवस्था बनाना राजनेता और सरकार का काम नहीं हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के अवमूल्यन के प्रसंग का उल्लेख करते हुए शिक्षा कर्मी, 500 के मानदेय पर गुरुजी जैसी अस्त-व्यस्त स्थिति उत्तराधिकार में मिलने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि इसमें निरंतर सुधार के प्रयास हो रहे हैं। आज शिक्षकों को 33 हजार रुपये से लेकर 43 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलने लगा है। उन्होंने प्राचीन भारत की शिक्षा प्रणाली का विवरण देते हुए कहा कि राज्याश्रय वाली शिक्षा में कौरवों-पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य गरीब एकलव्य का अंगूठा मांग लेते थे जबकि समाज आधारित व्यवस्था में गुरू संदीपन के उज्जैन आश्रम में कृष्ण और सुदामा को एक समान शिक्षा मिलती थी। उन्होंने समुदाय आधारित स्कूलों की उत्कृष्ट व्यवस्था का उदाहरण देते हुए चिंतन की जरूरत बताई।

    विद्यालय की यादों का स्मरण किया

    श्री चौहान ने कहा कि वे कार्यक्रम में पूर्व छात्र के रूप में शामिल हो रहे है, जहाँ उन्होंने 9, 10 और 11वीं कक्षा की शिक्षा प्राप्त की। इसी विद्यालय से नेतृत्व का गुण उन्हें मिला। उन्होंने छात्रसंघ अध्यक्ष चुनाव के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान हेडबॉय और हेड गर्ल की उपमाएँ उन्हें आकर्षक नहीं लगी। उन्होंने पूर्व छात्रों, पूर्व शिक्षकों, श्री रतनचंद जैन, शैलबाला मैडम, कश्यप सर, कौशिक मैडम, तैलंग सर, अरोरा सर, बारी सर का स्मरण करते हुए कहा कि इन्हीं शिक्षकों ने उनके व्यक्तित्व का निर्माण किया। उन्होंने शिक्षकों के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा का उल्लेख करते हुए विद्यालय की खेलकूद व्यवस्थाओं और स्टडी टूर की जानकारी ली और गोवा-मुम्बई के टूर की घटनाओं के दौरान बस वाहन चालक रफीक भाई और जमील भाई का स्मरण किया। उनको बताया गया कि बाघा बार्डर पर विद्यार्थियों का दल भेजा जा रहा है।

    बचपन को नहीं मारे

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पालकों से कहा कि वे बच्चों को कैसा जीवन देना चाहते हैं, इस पर विचार करें। बच्चों को मशीन नहीं बनायें। स्वस्थ नैसर्गिक विकास होने दें। उन्होंने बच्चों पर कुंठा और पाश्चात्य प्रभाव से होने वाली आत्महत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्लू व्हेल वीडियो गेम को प्रतिबंधित करवाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों की इस दशा के लिए पालक, परिवार, समाज और सरकार सभी जिम्मेदार हैं। उन्होंने शिक्षकों की टीम बनाकर बस्तों का बोझ खत्म करने की दिशा में पहल करने के लिये कहा।

    प्रकृति से खिलवाड़ नहीं

    श्री चौहान ने वर्तमान समय की वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रकृति से खिलवाड़ नहीं करने के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि जब प्रकृति खेलती है, तो विभीषिकाएँ आती हैं।

    महिला संस्कृत विद्यालय खुलेगा

    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि राज्य में पहली बार महिला संस्कृत विद्यालय शुरू किया जा रहा है। स्कूलों में सभी धर्मों, समाजों और वर्गों के पर्वों, उत्सवों की जानकारियाँ, दीनदयाल उपाध्याय के जीवन चरित्र पर आधारित चित्रावली और तिरंगे की कहानी की पुस्तकें तैयार की गई हैं। शीघ्र ही 40 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सभी उत्कृष्ट विद्यालयों में कम्प्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास और वातानुकूलित ऑडीटोरियम बनवाने के प्रयास किये जा रहे हैं। बच्चों को अच्छा शैक्षणिक माहौल देने के निरतंर प्रयास जारी हैं।

     परिणामों में भारी भेद खत्म हो

    स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने शिक्षकों का आव्हान किया कि शैक्षणिक परिणामों में कहीं 90 प्रतिशत तो कहीं 15 प्रतिशत होना अत्यंत चिंतनीय है। इसे समाप्त करने की दिशा में और अधिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वर्ष 2003 के पूर्व की शिक्षकों की अलग-अलग वर्गीकृत व्यवस्था को शिक्षा व्यवस्था तोड़ने का उपक्रम बताते हुए कहा कि शिक्षकों को एक प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास हो रहा है। शिक्षक कर्मचारी नहीं, प्रदेश निर्माता है, इस भावना से कृत-संकल्पित हों। राष्ट्र निर्माता बनें।

    शिक्षक के साथ आस्था का सम्मान

    अनुसूचित जाति-जनजाति विकास राज्य मंत्री श्री लालसिंह आर्य ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान उनके विद्यालय और उनकी आस्था का सम्मान है। अच्छे बालक-बालिका का निर्माण नये भारत का निर्माण करेगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा गरीब एवं कमजोर वर्ग की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब दूरस्थ अंचल के विद्यार्थी आज विदेशों में अध्ययन कर रहे हैं।

    प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने बताया कि ये सम्मान कक्षा शिक्षण, खेल प्रशिक्षण, बालिका शिक्षा और विद्यालय उन्नयन में विशिष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा शीघ्र ही शिक्षकों को विचारों, अनुभवों और समस्याओं के आदान-प्रदान का मंच उपलब्ध करवाया जा रहा है जिसमें शिक्षक ही समस्या का समाधान बताएंगे। शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक आधार स्तंभ हैं। उनके कौशलवर्धन के लिये उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है ताकि शिक्षक बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाने में सक्रिय सहयोग कर सकें।

    समारोह में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2015 से सम्मानित 13, राज्य-स्तरीय शिक्षक सम्मान 2017 से सम्मानित 51 और राष्ट्रीय शिक्षक संगोष्ठी के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। प्रारंभ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा और पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय सर्वपल्ली राधाकृष्णन् के चित्र पर पुष्प-माला अर्पित एवं दीप-प्रज्जलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती, उपाध्यक्ष श्री भागीरथ कुमरावत, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
    अजय वर्मा

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