International
  • जाते-जाते मोदी सरकार को नसीहत दे गए प्रणब मुखर्जी, कहा -अध्यादेश लाने से बचें
    PUBLISHED : Jul 24 , 8:53 AM


  • नई दिल्ली: निवर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कहा कि सरकार को कोई कानून लाने के लिए अध्यादेश के विकल्प से बचना चाहिए और सिर्फ अपरिहार्य परिस्थितियों में ही इसका इस्तेमाल होना चाहिए. संसद भवन के केंद्रीय सभागार में आयोजित विदाई समारोह में राष्ट्रपति ने कहा, "मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि अध्यादेश का इस्तेमाल सिर्फ अपरिहार्य परिस्थितियों में ही करना चाहिए और वित्त मामलों में अध्यादेश का प्रावधान नहीं होना चाहिए." गौरतलब है कि देश की मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार शत्रु संपत्ति अध्यादेश पांच बार ला चुकी है, क्योंकि विपक्ष को इसके कुछ प्रावधानों पर आपत्ति है.

    इससे पहले रविवार को संसद के सेंट्रल हॉल में देश के सांसदों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को औपचारिक विदाई दी. इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सम्मान में विदाई भोज दिया था. रविवार को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संसद के दोनों सदनों के सदस्य उपस्थित थे.

    25 जुलाई को राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हो रहे प्रणब मुखर्जी ने जोर देकर कहा कि अध्यादेश का रास्ता सिर्फ ऐसे मामलों में चुनना चाहिए, जब विधेयक संसद में पेश किया जा चुका हो या संसद की किसी समिति ने उस पर चर्चा की हो.

    मुखर्जी ने कहा, "अगर कोई मुद्दा बेहद अहम लग रहा हो तो संबंधित समिति को परिस्थिति से अवगत कराना चाहिए और समिति से तय समयसीमा के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहना चाहिए."

    उल्लेखनीय है कि अध्यादेश जारी किए जाने के छह महीने तक इसकी वैधता बनी रहती है और उसके बाद यह स्वत: रद्द हो जाता है. सरकार को इसके बाद या तो इसकी जगह कानून पारित करना होता है या फिर से अध्यादेश जारी करना होता है.
     अन्य कई अध्यादेशों पर सरकार की किरकिरी हो चुकी है. भूमि अध्यादेश पर जमकर बवाल हुआ था जिसके बाद सरकार ने उसे वापस ले लिया था.

  • मध्यप्रदेश करेगा दूसरी कृषि क्रांति-मुख्यमंत्री श्री चौहान
    PUBLISHED : Jul 21 , 8:13 AM
  • मध्यप्रदेश करेगा दूसरी कृषि क्रांति-मुख्यमंत्री श्री चौहान
    प्याज खरीदी और नीलामी में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
    अब तक 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज खरीदी, डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों को हुआ लाभ

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब दूसरी कृषि क्रांति करेगा। इसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा और उनकी समस्या का स्थायी समाधान होगा। देश को भी नई दिशा मिलेगी। आज यहाँ मंत्रालय में प्याज खरीदी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्याज खरीदी और नीलामी की मानिटरिंग के लिये उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी, बिक्री और नीलामी की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

    श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी की पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। उच्च-स्तरीय निगरानी समिति अगले तीन महीने तक इस व्यवस्था के संचालन की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि प्याज खरीदी की जाँच भी की जायेगी। इसके लिये जिन केन्द्रों से शिकायत मिलेगी, वहाँ विशेष जाँच दल भेजकर जाँच करायी जायेगी।

    बैठक में बताया गया कि अब तक 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत प्याज की नीलामी की जा चुकी है। भारत सरकार ने प्याज की खरीदी की मात्रा को देखते हुए 20 प्रतिशत प्याज खराब होने के संभावना जतायी थी जबकि अभी केवल 5 प्रतिशत प्याज खराब हुआ है। राशन दुकानों से गरीबों को प्याज उपलब्ध करवाने की सुचारु व्यवस्था अत्याधिक सफल रही है। जल्दी ही प्याज के शेष स्टॉक का निराकरण किया जायेगा। प्याज खरीदी के माध्यम से 1 लाख 54 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि खरीदी और नीलामी की प्रक्रिया की जाँच करते समय किसानों को भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होना चाहिये।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी से जुड़ा जो सरकारी अमला सरकार की मंशा और तय प्रक्रिया के अनुरूप कार्य कर रहा है, उसे पूरा संरक्षण दिया जायेगा। अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रावाई होगी। बैठक में बताया गया कि प्याज खरीदी की व्यवस्था से प्याज उत्पादक किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिल गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है। श्री चौहान ने कृषि लागत मूल्य निर्धारण आयोग की जल्दी स्थापना कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिये।

    बैठक में कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    ए.एस./एस.जे.

  • अब मप्र सरकार अपनी योजनाओं में आधार अनिवार्य करेगी
    PUBLISHED : Jul 19 , 8:56 AM

  • सभी विभागों को निर्देश जारी हुये

    डॉ नवीन जोशी
    भोपाल।
    अब मप्र सरकार अपनी सभी योजनाओं में हितग्राहियों से आधार नम्बर लिया जाना अनिवार्य करने जा रही है। इसके लिये वित्त विभाग ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिये हैं। यह कार्यवाही भारत सरकार के केबिनेट सचिवालय द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश पर की जा रही है।
    राज्य के सभी विभागों से कहा गया वे भारत सरकार एवं राज्य सरकार की योजना एवं कार्यक्रम की सूची बनायें। योजना में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रासंफर यानी डीबीटी लागू करने का आकलन किया जाये जिसमें उद्देश्य लक्षित हितग्राही, योजना क्रियान्वयन और फण्डफ्लो सम्मिलित हो। आधार कानून 2016 के तहत राज्य की संचित निधि से पोषित योजनाओं में आधार सीडिंग हेतु अधिसूचना जारी करने की कार्यवाही की जाये। केंद्र सरकार एवं राज्य की संचित निधि से हितग्राही मूलक पोषित योजनाओं के वर्तमान हितग्राहियों को डिजिटाईजेशन किया जाये, उनकी आधार सीडिंग एवं उपलब्ध डाटाबेस का आधार आधारित सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जाये एवं विभागीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों के लिये ऐसी प्रक्रिया/साफ्टवेयर तैयार किया जाये जिसके द्वारा नवीन जोड़े जाने वाले हितग्राही को योजना में सम्मिलित करते समय/आवेदन के साथ ही आधार सीडिंग की जा सके एवं मोबाईल नंबर दर्ज किया जा सके। वस्तु वितरण में आधार के माध्यम से हितग्राहियों का सत्यापन किया जाये।
    सभी विभागों से यह भी कहा गया है कि प्रत्येक विभाग की योजनाओं में डीबीटी के क्रियान्वयन के लिये विभाग द्वारा एक टीम का गठन किया जाये जिसमें तकनीकी नोडल अधिकारी, एक गैर तकनीकी नोडल अधिकारी तथा एक वित्त नोडल अधिकारी नामांकित किया जाये और इससे संचालनालय कोष एवं लेखा को अवगत कराया जाये।

    अब कंपनियों के डायरेक्टर वीडियो कान्फे्रन्सिंग से भी बोर्ड की बैठकों में भाग ले सकेंगे
    भोपाल।
    अब कंपनियों के डायरेक्टर वीडियो कान्फे्रन्सिंग से भी बोर्ड की बैठकों में भाग ले सकेंगे। इस संबंध में भारत सरकार ने कंपनी अधिनियम 2013 के तहत बने नियमों में संशोधन कर उसे सोमवार से प्रभावशील कर दिया है। नवीन संशोधन में कहा गया है कि कोई निदेशक जो इलेक्ट्रानिक मोड के माध्यम से बैठक में भाग लेना चाहता है, वह कैलेण्डर वर्ष के प्रारंभ में ही ऐसी भागीदारी के विषय में सूचित कर सकता है और ऐसी घोषणा एक वर्ष के लिये विधि मान्य होगी। परन्तु ऐसी घोषणा से उसे वैयक्तिक रुप से बैठक में भाग लेने से नहीं रोका जायेगा, जिसके लिये संबंधित निदेशक कंपनी को वैयक्तिक रुप से भाग लेने के उसके आशय की अग्रिम सूचना देगा। सरकार ने एक नया प्रावधान यह भी किया है कि अब कंपनी बोर्ड की बैठक में बहुमत से लिये गये निर्णय के मसौदे के कार्यवृत्त की पुष्टि होने तक कंपनी द्वारा संरक्षित रखा जायेगा।
    डॉ नवीन जोशी

  • प्रदेश के वृध्दजनों की देखभाल का जिम्मा सीएम ने संभाला
    PUBLISHED : Jul 18 , 8:59 AM


  • .डॉ नवीन जोशी
    भोपाल।
    प्रदेश के वृध्दजनों की देखभाल का जिम्मा अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं सम्हालेंगे। इससे पहले यह दायित्व सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव के पास था।
    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने दस साल पहले पूरे देश में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 प्रभावशील किया था। इसके तहत मप्र सरकार ने वर्ष 2009 में मप्र माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियम जारी किये थे। इन नियमों में प्रावधान था कि
    राज्य के वरिष्ठ नागरिकों की एक राज्य परिषद गठित होगी जो राज्य सरकार को अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर सलाह देगी तथा वरिष्ठ नागरिकों के संबंध में ऐसे कृत्यों का निर्वहन करेगी जैसा कि राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाये। इन नियमों में यह भी प्रावधान था कि राज्य परिषद सामजिक न्याय मंत्री की अध्यक्षता में गठित होगी तथा सामाजिक न्याय, गृह, स्वास्थ्य तथा वित्त विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव,
    आयुक्त जनसम्पर्क,संचालक पेंशन, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु कार्यरत दो सामाजिक कार्यकत्र्ता तथा पेंशनर संगठनों के दो प्रतिनिधि इस परिषद के सदस्य होंगे। आयुक्त सामाजिक न्याय को परिषद को सदस्य सचिव बनाने का प्रावधान था।
    लेकिन दस साल बाद उक्त नियमों में बदलाव कर दिया गया है। अब इस राज्य परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे जबकि सामाजिक न्याय मंत्री, सामाजिक न्याय राज्य मंत्री तथा राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट एक वरिष्ठ नागरिक परिषद के पदेन उपाध्यक्ष होंगे जबकि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, गृह तथा वित्त विभाग प्रत्येक से राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट एक-एक सदस्य, आयुक्त जनसम्पर्क, आयुक्त/संचालक पेंशन तथा बीमा, चार सामाजिक कार्यकत्र्ता जिनमें एक महिला तथा एक अजाजजा का होगा को तथा पेंशनभोगी संगठन के दो प्रतिनिधि परिषद के सदस्य होंगे जबकि आयुक्त/संचालक सामाजिक न्याय सदस्य सचिव होंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वरिष्ठ नागरिक उसे माना जाता है जो साठ वर्ष या उससे अधिक उम्र का है।
    विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु प्रावधानित राज्य परिषद वृहद स्वरुप की थी जिसमें कई महत्वपूर्ण विभाग थे। ऐसे में सिर्फ एक विभाग के मंत्री द्वारा अध्यक्ष के रुप में निर्णय कराया जाना सरल नहीं था। इसीलिये अब मुख्यमंत्री की पदेन अध्यक्षता में राज्य परिषद होने का प्रावधान किया गया है तथा इसे वरिष्ठजनों के कल्याण हेतु लिये गये निर्णय जल्द क्रियान्वित हो सकेंगे।

    किसान आंदोलन ने रोका धातु संग्रह
    भोपाल।
    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि आदि शंकराचार्य की ओंकारेश्वर में भव्य प्रतिमा स्थापित करने के लिये 1 जून से 30 जून तक देश-प्रदेश में धातु संग्रह किया जायेगा। लेकिन किसान आंदोलन प्रारंभ होने से यह अभियान चल नहीं पाया। अब इसे वर्षाकाल के बाद प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया है।
    डॉ नवीन जोशी

  • भारतीय सेना की गोलीबारी से नदी में गिरा पाक सेना का वाहन, चार सैनिकों की मौत
    PUBLISHED : Jul 17 , 9:15 AM


  • इस्लामाबाद : भारतीय सेना की तरफ से की गई गोलाबारी में पाक सेना के चार जवान मारे गए. पाकिस्तान की सेना की तरफ से सोमवार को जारी बयान में बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की घटना में भारतीय सैनिकों ने उनके वाहन पर गोलीबारी की, जिसके कारण उनके चार जवान नदी में डूब गए.
    पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मुजफ्फराबाद से 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आठमुकाम में नीलम नदी के पास चल रहे वाहन को निशाना बनाया गया. गफूर ने बताया कि भारतीय सेना की तरफ से हुई गोलीबारी से वाहन नदी में गिर गया और नियंत्रण रेखा संघर्ष विराम उल्लंघन की घटना में चार सैनिक मारे गए.
    उन्होंने बताया कि एक सैनिक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि चार में से तीन की खोज जारी है. पाकिस्‍तानी सेना की तरफ से रविवार रात जम्‍मू-कश्‍मीर के बालाकोट सेक्‍टर (पुंछ) में सीजफायर का उल्‍लंघन किया गया. पाकिस्‍तानी सेना की तरफ से किए गए सीज फायर उल्‍लंघन में मोर्टार दागे गए. पड़ोसी मुल्‍क की सेना की तरफ से सीजफायर उल्‍लंघन के बाद भारतीय सेना जवाबी फायरिंग कर रही है. फिलहाल दोनों तरफ से फायरिंग जारी है. इसके अलावा राजौरी सेक्‍टर के मांजाकोट में भी सीजफायर उल्‍लंघन की खबर आ रही है. दोनों तरफ से चल रही फायरिंग में अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
    एजेंसी

  • KGMU में आग लगने के बाद अफरातफरी के बीच 8 मरीजों की मौत, जांच के आदेश
    PUBLISHED : Jul 16 , 9:48 AM


  • लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार देर शाम भीषण आग लग गई. आग की वजह से अफरातफरी के माहौल में समय से इलाज न मिल पाने के कारण 8 मरीजों की मौत की बात सामने आई है. हालांकि मरीजों की मौत की अधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.

    इस मामले में केजीएमयू के सीएमएस एसएन शंखवार ने बताया कि इलाज के अभाव में किसी मरीज की मौत नहीं हुई है. वहीं इलाज के दौरान मरीज की मौत एक सामान्य प्रकिया. उन्होंने बताया कि ट्राॅमा सेंटर में अति संवेदनशील मरीज आते हैं. फिलहाल टाॅमा सेंटर पर मरीजों का इलाज सुचारु रूप से शुरू हो गया हैं.

    घटना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं. वहीं सीएम योगी ने आग लगने की घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त को जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं.

    बता दें, कि फायरब्रिगेड की करीब डेढ़ दर्जन गाड़‍ियां मौके पर पहुंची और देर रात तक घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. सूचना म‍िलते ही डीएम कौशल राज शर्मा, एसएसपी दीपक कुमार सह‍ित सभी बड़े अध‍िकारी मौके पर मौजूद थे.

    आग की सूचना म‍िलते ही मरीजों को बाहर न‍िकाला गया. करीब 150 मरीजों को 8 अलग-अलग सरकारी हॉस्प‍िटल में भर्ती कराया गया है.  बताया जाता है क‍ि ट्रॉमा सेंटर में करीब 300 मरीज भर्ती थे, ज‍िसमें से 37 वेट‍िंलेटर पर थे. 100 से ज्यादा मरीज को शताब्दी मेड‍िकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. इसके अलावा गांधी वार्ड समेत कई प्राइवेट यूनिट में मरीजों को शिफ्ट कराया गया है.
     

  • फैसला खिलाफ भी आए तो भी मंत्री बने रहेगे नरोत्तम मिश्रा ..!
    PUBLISHED : Jul 14 , 8:30 AM


  • नवीन जोशी
    भोपाल:पेड न्यूज मामले में अगर दिल्ली हाइकोर्ट का फैसला प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डां नरोत्तम मिश्रा के  खिलाफ भी आता है तो भी वह मंत्री बने रहेगे।इस मामले में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने अगली रणनीति तय कर ली है।इसके संकेत वित्त मंत्री जयंत मलैया नेभी दिए।जब उनसे पत्रकारो ने इस संबंध में सवाल किया तो उन्होने स्पष्ट कहा कि यह आप सब को भी पता है कि बना चुनाव लड़े भी छह महिने तक कोई भी मंत्री बना रह सकता है इसलिए डां नरोत्तम मिश्रा मंत्री बने रहेगे।मुख्यमंत्री का यह विशेष अधिकार है कि वह चुनाव नही लड़े व्यक्ति को मंत्री बना सकते है उस व्यक्ति को छह माह के भीतर चुनाव लडऩा होता है। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह के शासन काल मे इब्राहीम कुरेशी सदन के सदस्य ना होते हुवे अल्पसंख्यक मंत्री बने रहे थे ।

  • पिस्टल लहराकर बजरंग दल ने दी चेतावनी, अमरनाथ का बदला लो नहीं तो...
    PUBLISHED : Jul 13 , 8:53 AM


  • आगरा में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के विरोध में प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर 15 दिन में इस हमले का बदला नहीं लिया गया तो वे खुद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कानून अपने हाथ में ले लेंगे.

    बजरंग दल के नेता गोविंद पराशर हाथ में पिस्टल लहराते हुए कहा, “ हम भारत सरकार को बता देना चाहते हैं कि अगर 15 दिन के भीतर अमरनाथ आतंकी हमले का बदला नहीं लिया गया तो हम लोग श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कानून पाने हाथ में ले लेंगे.”

    पराशर ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वे श्रद्धालुओं की सुरक्षा करे. अगर वह सक्षम नहीं है तो हम खुद उनकी सुरक्षा करेंगे. उन्होंने कहा कि आगरा से युवा श्रीनगर जाएगा और उनकी सुरक्षा करेगा.
    इससे पहले बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने हाथों में पिस्टल, राइफल और तलवार लेकर उग्र प्रदर्शन किया.

    बता दें गोविंद पराशर वही जिन्होंने जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्लाह के सिर पर एक लाख का इनाम घोषित किया था.

  • UP Budget 2017: स्कूली बच्चों को बैग बांटने के लिए 100 करोड़ का बजट- वित्त मंत्री
    PUBLISHED : Jul 12 , 8:26 AM


  • योगी सरकार आज बजट पेश करने जा रही है। बजट सत्र की शुरुआत आज विधानसभा में विपक्ष द्वारा कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामे के साथ हुई जिसके परिणाम स्वरप प्रश्नकाल में व्यवधान उत्पन्न हुआ। 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी सदस्यों ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों के मुद्दे को जोर शोर से उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और बैनर तथा पोस्टर लेकर सदन के बीचो बीच आ गए।

    योगी सरकार के बजट में थी ये सारी चीजें

        कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वालों को 1 लाख का अनुदान, सिंधु दर्शन के लिए 10 हजार प्रति व्यक्ति की योजना।
        स्कूलों में बच्चों को बैग बांटने के लिए 100 करोड़ का बजट।
        सस्ती हवाई सेवाओं से प्रमुख शहरों से जोड़ने की व्यवस्था, आगरा एयरपोर्ट का विकास एवं उच्चीकरण किया जाएगा इसके साथ हेलीकाप्टर सेवा का भी विस्तार करने की योजना।
        33200 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी।
        प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 3 हजार करोड़, बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए 200 करोड़ और पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के लिए 300 करोड़ का बजट।
        बजट में 55 हजार 781 करोड़ की नई योजनाएं शामिल- वित्त मंत्री
        कौशल विकास को बढ़ावा देना बजट में शामिल, 24 जनवरी UP दिवस मनाने की योजना, पूंजी निवेश योजना की नीति लागू की जा रही- वित्त मंत्री
        2017-18 में 12 हजार 278 करोड़ रुपए की बचत का अनुमान: वित्त मंत्री
        किसानों की कर्ज माफी के लिए 36 हजार करोड़ का बजट।
        वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने 3.84 लाख करोड़ का बजट सदन में पेश किया।
        विधानसभा में वित्त मंत्री ने पेश किया बजट, कहा- प्रदेश में गरीबी समाप्त करना हमारी पहली प्राथमिकता।
        सदन में सभी ने कल आतंकी हमले में मारे गए लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
        सीएम योगी ने कल हुए अमरनाथ हमले की निंदा की। अमरनाथ हमले के बाद सीएम कंवड यात्रा को देखते हुए प्रदेश हाई अलर्ट जारी किया।
        11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद सदन को कुछ देर के लिए स्थगित करना पड़ा।

  • प्रदेश के सभी कालेजों को सख्त फरमान, शिक्षक एवं विद्यार्थी अनुपस्थित न रहें
    PUBLISHED : Jul 12 , 8:15 AM


  • डॉ नवीन जोशी
    भोपाल।
    उच्च शिक्षा आयुक्त नीरज मण्डलोई ने प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी कालेजों के प्राचार्यों को अध्ययन, अध्यापन एवं कैम्पस के बारे में सख्त फरमान जारी किया है।
    ये दिये निर्देश :
    एक, समस्त शिक्षकों की कालेज में प्रतिदिन उपस्थिति सुनिश्चित करने बायोमीट्रिक मशीन लगाने की कार्यवाही करें। यदि मशीन खराब है तो तत्काल उसकी मरम्मत कराई जाये। मशीन चालू न होने पर प्राचार्य के विरुध्द कार्यवाही की जायेगी।
    दो, समस्त विद्यार्थियों को निर्देश जारी किये जायें कि वे कालेज में पढ़ाई के दौरान अनिवार्य रुप से उपस्थित रहें। यदि कोई विद्यार्थी लगातार दस दिन तक अनुपस्थित रहता है तो उनके माता-पिता/संरक्षक को पंजीकृत डाक से सूचित किया जाये।
    तीन, शासकीय कन्या महाविद्यालयों में छात्राओं के अतिरिक्त किसी अन्य बाहरी व्यक्ति को प्रवेश न दिये जाने की सुरक्षा व्यवस्था की जाये। यदि छात्राओं के परिवार के किसी सदस्य को प्रवेश देना आवश्यक हो तो विधिवत पहचान करने के पश्चात रजिस्टर में उनके नाम, हस्ताक्षर, मोबाईल नम्बर, पहचान आदि सभी जानकारियां दर्ज होने के बाद ही प्रवेश दिया जाये।
    चार, कालेज परिसर में किसी रैली, जुलूस अथवा निजी कार्यक्रम पर पूर्णत: रोक रहेगी, इसके निर्देश कालेज के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जायें।
    पांच, कालेज में प्रतिदिन ध्वजारोहण फहराने तथा राष्ट्रगान का गायन सुनिश्चित किया जाये और इस हेतु रजिस्टर का संधारण किया जाये।
    छह, कालेज परिसर में धूम्रपान, गुटका आदि पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा।


    14 वी बार बढ़ा बैकलाग
    भोपाल।
    राज्य सरकार ने चौदहवीं बार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्गों एवं नि:शक्तजनों के बैलाग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु चलाये जा रहे विशेष भर्ती अभियान की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब यह तिथि 30 जून 2018 तक रहेगी।
    डॉ नवीन जोशी

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...