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  • कोलार क्षेत्र अब कहलाएगा श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर
    PUBLISHED : Sep 19 , 8:00 AM

  • व्यवस्थित विकास से बनेगी अल्ट्रा मॉडर्न टाउनशिप
    नल-जल प्रदाय 25 दिसम्बर से तहसील कार्यालय जल्दी शुरू होगा
    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बी.ए., एम.एस.सी. कक्षाएं शुरू करने की घोषणा
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिया 156 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का उपहार


    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोलार क्षेत्र को श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर के नाम से जाना जाएगा। इसका व्यवस्थित विकास कर   सर्वसुविधायुक्त अल्ट्रा मॉडर्न टाउनशिप बनाई जाएगी। श्री चौहान आज यहां कोलार में 156 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों के शुभारंभ अवसर पर विशाल जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिन 25 दिसंबर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर में नल-जल प्रदाय होने लगेगा। इस क्षेत्र में तहसील कार्यालय भी जल्दी शुरू किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भवन का लोकार्पण किया और यहां बी.ए., बाटनी और एम.एस.सी. कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्यामाप्रसाद मुखर्जी नगर के साथ ही बैरागढ़ क्षेत्र का भी विकास किया जाएगा। श्री चौहान ने इस अवसर पर भोपाल शहर के शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को स्‍मार्ट फोन प्रदान किये। उन्होंने प्रतीक स्वरूप किसानों को खसरे की नि:शुल्क नकल भी प्रदान की। युवाओं का आव्हान करते हुये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नया मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प लें। नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बने। इसके लिये मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं का लाभ उठाने आगे आयें। श्री चौहान ने कहा कि युवाओं की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई करना और आगे बढ़कर अच्छा नागरिक बनने की है। उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। प्रतिभाशाली बच्चों की शिक्षा का खर्चा सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य किसी भी तरह खराब नहीं होने देंगे।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के लिये मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना, प्रतिभाशाली बच्चों के लिये मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना, गरीबों के लिये दीनदयाल रसोई जैसी अनूठी और नवाचारी योजनाओं का उल्लेख करते हुये कहा कि हर गरीब व्यक्ति के पास रहने के लिये अपना भूखण्ड अथवा मकान होगा। प्रदेश में अगले दो वर्षों में 15 लाख मकान बनाये जाएंगे।

    “दिल से” कार्यक्रम में बेटियों से संवाद

    श्री चौहान ने बेटियों से पढ़ाई करने और आगे बढ़ने का आव्हान करते हुये कहा कि वे जल्दी ही आकाशवाणी से “दिल से” कार्यक्रम में बहनों और बेटियों से संवाद करेंगे। उन्‍होंने इसके लिये बेटियों से सुझाव भी मांगे। श्री चौहान ने कहा कि बेटियों को स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत और सरकारी नौकरी में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि बेटियों का भविष्य संवारे बिना समाज का विकास नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर का कायाकल्प करने वाले विकास कार्यो की शुरूआत करने के लिये विधायक श्री रामेश्वर शर्मा की सराहना की। उन्होंने स्थानीय निवासियों से स्वच्छता सर्वेक्षण में भागीदारी कर भोपाल को स्वच्छता में पहले स्थान पर लाने का संकल्प दिलाया। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है और मानसिकता भी बदली है।

    राजनीति का एक मात्र उद्देश्य है जन-सेवा

    भोपाल के सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के अथक परिश्रम से आज मध्यप्रदेश सर्वाधिक तेज गति से प्रगति करने वाला राज्य बन गया है। अन्य राज्यों के लोग प्रदेश की अनूठी योजनाओं का अध्ययन करने आते हैं और उन्हें अपने यहां अपनाते हैं। श्री संजर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विकास और समृद्धि के लिये अनुकूल वातावरण तैयार किया है और यह साबित कर दिया है कि राजनीति का एक मात्र उद्देश्य जनसेवा है।

    विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि कोलार क्षेत्र का बेतरतीब विकास हुआ, यहां खेतों में मकान बने। जल-मल निकासी की व्यवस्था नहीं थी। इस क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिये कोई कॉलेज नहीं था और कई नागरिक सेवाओं की कमी थी। अब पूरा दृश्य बदल रहा है। उन्होंने 156 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की शुरूआत को क्षेत्र के लिये अनुपम उपहार बताया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर का विकास भोपाल शहर और प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो बोलते हैं, उसे पूरा करते है और उसके बाद स्वयं निरीक्षण भी करते हैं।

    महापौर भोपाल श्री आलोक शर्मा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर के निवासियों को विकास कार्यों की शुरूआत पर बधाई देते हुये कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के लोगों के विकास और समृद्धि के लिये दिन रात मेहनत की है और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

    कोलार को मिली विकास की सौगात

    मुख्यमंत्री ने कोलार क्षेत्र को आज कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होने कोलार क्षेत्र के लिये 24 करोड़ रूपये लागत की विद्युतीकरण योजना का शिलान्यास किया। सीवेज समस्या के निदान के लिये 125 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले कोलार से सीवेज नेटवर्क तक योजना के कार्य का शुभारंभ किया। राजहर्ष क्षेत्र में 7.2 करोड़ रूपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त कॉलेज शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्नातकोत्तर महाविद्यालय का लोकार्पण किया।

    कोलार का कायाकल्प

    कोलार के लिये नया तहसील कार्यालय बन रहा है। पेयजल समस्या समाधान के लिये 52 करोड़ रूपये की केरवा पेयजल योजना का काम चल रहा है। बीस लाख लीटर की क्षमता वाली 5 टंकियों में से 4 टंकियों का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। कोलार के सभी वार्डों में 159 कि.मी. में जल वितरण नलिकाएं बिछाने का काम बहुत तेजी से चल रहा है। अब तक 80 कि.मी. में नलिकाएं बिछायी जा चुकी है।केरवा डेम पर 2 लाख लीटर की क्षमता वाला वाटर प्यूरीफायर टेंक एवं केरवा में 35 फिट गहरा इंटक बनकर तैयार है।

    अमरनाथ कॉलोनी स्थित कलियासोत नदी पर 4.5 करोड़ रूपये से पुल का निर्माण जल्दी पूरा हो जाएगा। औद्योगिक नगर मंडीदीप के विभिन्न उद्योगों में कार्यरत कोलारवासियों को अब होशंगाबाद रोड़ पर लगने वाले जाम से निजात मिलने वाली है। गोल जोड़ से मंडीदीप तक लगभग 13 कि.मी. मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। पांच करोड़ रूपये लागत से साढ़े सात मीटर चौड़ा यह मार्ग पूरी तरह सी.सी. होगा।

    इस अवसर पर विधायक श्री सुरेंद्रनाथ सिंह, भोपाल संभाग आयुक्त श्री अजात शत्रु, नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रियंका दास, भोपाल कलेक्टर श्री सुदाम खाड़े, मेयर इन काउन्सिल के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
    एएस
        

  • प्रधानमंत्री के जन्म-दिन पर मुख्यमंत्री ने किया श्रमदान
    PUBLISHED : Sep 18 , 7:36 AM


  • प्रधानमंत्री के जन्म-दिन पर मुख्यमंत्री ने किया श्रमदान
    स्वच्छता अभियान चलाकर घर-घर में बनवाएं शौचालय - मुख्यमंत्री श्री चौहान
    सूखे के संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी
    छतरपुर जिले के ग्राम कनेरी में "स्वच्छता ही सेवा'' एवं "जल रोको ''अभियान में मुख्यमंत्री


    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस पर आज छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत सूरजपुर के ग्राम कनेरी पहुँचकर हितग्राही गनपत आदिवासी के आवासी शौचालय के निर्माण के लिये श्रमदान किया और 'स्वच्छता ही सेवा'' का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म-दिन प्रदेश में सेवा-दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्राम कनेरी में 'स्वच्छता ही सेवा'' और 'जल रोको'' अभियान की शुरूआत करते हुए कहा कि घर-घर में शौचालय होना बहुत जरूरी है। शौचालय नहीं होने से बीमारियाँ फैलती हैं। घर की मान-मर्यादा भंग होती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता अभियान चलाकर घर-घर शौचालय बनवाए जाएं। जन-प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग करें। श्री चौहान ने लोगों से कहा कि अपने गाँव एवं घर को स्वच्छ रखें।

    श्री चौहान ने कहा कि छतरपुर जिले में इस वर्ष बारिश 50 प्रतिशत से भी कम हुई है। इस कारण सूखे का संकट संभव है। सूखे के इस संभावित संकट के निराकरण के लिये राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी। उन्होंने कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित गनपत आदिवासी के घर के सामने शौचालय बनवाने के लिए भूमि पूजन किया और शौचालय का गड्ढा खोदकर श्रमदान किया। हितग्राही गनपत आदिवासी, हरी आदिवासी, हुलासी आदिवासी एवं जनकरानी के आवास का निरीक्षण कर हितग्राहियों से चर्चा की। श्री चौहान ने यहीं पौध-रोपण भी किया और 32 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रोत्साहन राशि के चैक वितरित किए। मुख्यमंत्री ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉल में पहुँचकर स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की जानकारी ली।

    कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव, विधायक कुंवर विक्रम सिंह, श्री मानवेन्द्र सिंह, श्री पुष्पेन्द्र नाथ पाठक, श्रीमती रेखा यादव, श्री आर.डी. प्रजापति, बुंदेलखण्ड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश प्रजापति, पूर्व विधायक श्री विजय बहादुर सिंह बुंदेला, श्री उमेश शुक्ला, पूर्व सांसद श्री जीतेन्द्र सिंह बुंदेला, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अर्चना सिंह, श्री घासीराम पटेल सहित अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री राधेश्याम जुलानिया उपस्थित थे।
    दुर्गेश रायकवार
        

  • शौचालय निर्माण के लिये श्रमदान करेंगे मुख्यमंत्री श्री चौहान
    PUBLISHED : Sep 16 , 12:11 PM

  • "स्वच्छता ही सेवा" का संदेश लेकर हर गांव-शहर जायेगें स्वच्छता रथ
    मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छता‍अभियान का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वच्छता अभियान का आज शुभारंभ किया। उन्होंने भोपाल जिले के लिये स्वच्छता और जल रोकने के जन-जागृति रथों को मुख्यमंत्री निवास से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बताया गया कि स्वच्छता अभियान के तहत चलित रथ प्रदेश के गांव-गांव, शहर-शहर में जल को रोकने और 'स्वच्छता ही सेवा' के संदेश को जन-संचार के आडियो-वीडियो माध्यम से जन-जन तक पहुंचाएंगे। इस अवसर पर महापौर श्री आलोक शर्मा भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर को मध्यप्रदेश में सेवा-दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन स्वच्छता को प्राथमिकता देने के सेवा कार्य किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं ग्रामीण अंचल में ऐसे क्षेत्रों में जाएंगे, जहां पर अभी भी शौचालयों का पर्याप्त निर्माण नहीं हुआ है। वे गांव के किसी ऐसे घर में भी जाएंगे, जहां पर शौचालय नहीं है। मुख्यमंत्री वहां शौचालय निर्माण के लिये श्रमदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान में मंत्री-परिषद के सदस्य भी शौचालय निर्माण के लिये श्रमदान करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छता और शौचालय निर्माण के प्रति संवेदनशील बनाने का यह कारगर प्रयास होगा क्योंकि जनता के सहयोग के बिना स्वच्छता अभियान की सफलता संभव नहीं है।

    श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा चलाया गया स्वच्छता अभियान जन-जन का अभियान बन गया है। मध्यप्रदेश भी इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। उन्होंने बताया कि विगत दिनों हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश के इन्दौर और भोपाल शहर क्रमश: प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहे। देश में कुल पुरस्कृत सौ नगरों में से 22 नगर मध्यप्रदेश के हैं। जिन क्षेत्रों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं, उन क्षेत्रों में इस अभियान के अन्तर्गत 15 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच विशेष प्रयास किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर स्वच्छ हो, यह जरूरी है। इसीलिये महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महापुरूष भी स्वच्छता को सर्वमान्य बनाने के पक्षधर रहे।
    अजय वर्मा

  • दिग्विजय सिंह को नर्मदा परिक्रमा में कठिन नियमों का पालन करना होगा
    PUBLISHED : Sep 15 , 9:25 AM

  • डा.नवीन जोशी
    भोपाल।
    कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की आगामी 30 सितम्बर से छह माह तक होने वाली नर्मदा परिक्रमा यात्रा में उन्हें कठिन नियमों का पालन करना होगा। इस यात्रा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनकी मदद करेंगे। दरअसल दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को राज्यसभा सदस्य के रुप में अधिकृत पत्र लिखा है कि वे 30 सितम्बर से नर्मदा परिक्रमा शुरु करेंगे तथा इस परिक्रमा के दौरान विभिन्न आवश्यक्त व्यवस्थायें शासन एवं प्रशासन की ओर से की जायें।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस पत्र के आधार पर अपने चार विभागों को समुचित व्यवस्थायें करने के लिये पाबंद कर दिया है। इनमें शामिल हैं गृह विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग।
    दिग्विजय सिंह यह नर्मदा परिक्रमा यात्र अपनी धर्मपत्नी के साथ करेंगे तथा उन्होंने इस बात की भी जानकारी मुख्यमंत्री को लिखित में दी है। यह परिक्रमा नरसिंहपुर जिले के नर्मदा नदी स्थित बरमान घाट से प्रारंभ करेंगे तथा इस परिक्रमा को वे पैदल ही करेंगे और यह छह माह में पूर्ण होगी। उनकी यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक एवं गैर राजनैतिक होगी लेकिन यात्रा के दौरान कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता एवं कार्यकत्र्ता जगह-जगह उनसे जुड़ेंगे। यात्रा वापस वापस बरमान घाट पर ही खत्म होगी।
    दिवंगत केंद्रीय राज्य मंत्री अनिल माधव दवे की भोपाल स्थित नर्मदा समग्र संस्था के अनुसार व्रत और निष्ठापूर्वक की जाने वाली नर्मदा परिक्रमा 3 वर्ष 3 माह और 13 दिन में पूरी करने का विधान है, परन्तु कुछ लोग इसे 108 दिनों में भी पूरी करते हैं। परिक्रमावासियों के लिये सामान्य नियम भी हैं कि प्रतिदिन नर्मदा जी में स्नान करें। जलपान भी रेवा जल का ही करें। प्रदक्षिणा में दान ग्रहण न करें। श्रद्धापूर्वक कोई भोजन करावे तो कर लें क्योंकि आतिथ्य सत्कार का अंगीकार करना तीर्थयात्री का धर्म है। व्यर्थ वाद-विवाद, पराई निदा, चुगली न करें। वाणी का संयम बनाए रखें। सदा सत्यवादी रहें। बाल न कटवायें। नख भी बारंबार न कटावें। वानप्रस्थी का व्रत लें, ब्रह्मचर्य का पूरा पालन करें। सदाचार अपनायें रहें। श्रृंगार की दृष्टि से तेल आदि कभी न लगावें। साबुन का प्रयोग न करें। शुद्ध मिट्टी का सदा उपयोग करें।
    राज्य शिष्टाचार अधिकारी के अनुसार, हम सिर्फ स्टेट गेस्ट को आवास,भोजन और वाहन की सुविधा प्रदान करते हैं। दिग्विजय सिंह स्टेट गेस्ट नहीं हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के रुप में सिर्फ केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है और उन्हें इसी अनुरुप सुविधायें मिलेंगी।


    प्रदेश के वन कर्मचारी अब पा सकेंगे पदोन्नति
    राज्य सरकार ने दी ग्रेड 2 एवं 3 को लेखा प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने से छूट
    भोपाल।
    प्रदेश के वन विभाग के सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारियों को अब पदोन्नति के लिये इंतजार नहीं करना होगा। राज्य सरकार ने उन्हें लेखा प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से मुक्ति प्रदान कर दी है।
    पदोन्नति हेतु छूट का यह लाभ सिर्फ 45 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3 के ही कर्मचारियों कोमिल सकेगा।
    इसके लिये राज्य सरकार ने सत्रह साल पुराने मप्र तृतीय श्रेणी लिपिक वर्गीय वन सेवा भर्ती नियम 2000 में संशोधन कर दिया है। संशोधन में कहा गया है कि वन विभाग के ऐसे सहायक ग्रेड-2 एवं सहायक ग्रेड-3, जिन्होंने 45 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो, परन्तु लेखा प्रशिक्षण उत्तीर्ण नहीं की है, तथा ज्येष्ठता सह योग्यता धारण करते हैं, को भी लेखापाल एवं उससे उच्च पदों पर पदोन्नति प्राप्त करने की पात्रता होगी।
    प्रदेश में वन विभाग के अंतर्गत करीब 1450 सहायक ग्रेड-2 एवं सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से करीब पांच सौ कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने 45 वर्ष की उम्र पूर्ण कर ली है और लेखा प्रशिक्षण उत्तीर्ण नहीं किया है। इन्हें लम्बे समय से पदोन्नति भी नहीं मिली है। यही नहीं नहीं इन्हें हर दस साल बाद मिलने वाला समयमान वेतनमान भी नहीं मिल सका है क्योंकि समयमान वेतनमान के नियम हैं कि यह उसी को मिलेगा जोकि पदोन्नत होने की योग्यता रखता है। राज्य सरकार के नये प्रावधान से अब इन पांच सौ कर्मचारियों को लेखापाल आदि पर पदोन्नति या समयमान वेतनमान का लाभ मिल सकेगा। लेखापाल के बाद ही कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-1 पर पदोन्नति मिलती है।
    विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वन विभाग में बरसों से कार्यरत सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी पदोन्नति न मिलने से परेशान थे। नियमों को देखने पर पता चला कि उन्हें लेखा प्रशिक्षण उत्तीर्ण करना जरुरी है। लेकिन 45 साल की उम्र में लेखा परीक्षण उत्तीर्ण करने की आवश्यक्ता नहीं होती है क्योंकि तब तक वे काफी अनुभव प्राप्त कर लेते हैं। उनके लिये पदोन्नति का रास्ता साफ हो इसलिये उन्हें राज्य शासन ने यह छूट प्रदान की है।

    राज्य वित्त सेवा के दो अधिकारियों के तबादले
    भोपाल।
    राज्य वित्त सेवा के दो अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किये गये हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मुख्य लेखाधिकारी जीएडी मंत्रालय भोपाल डा. सुधीर यादव को संयुक्त संचालक वित्त राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो भोपाल तथा मुख्य संयुक्त संचालक वित्त राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो भोपाल श्रीमती संतोष शर्मा सोनकिया को लेखाधिकारी जीएडी मंत्रालय भोपाल स्थानीय व्यवस्था के अंतर्गत पदस्थ किया गया है।

    बगला मुखी और पीताम्बरा पीठ के भक्तों में टकराव
    भोपाल।
    प्रदेश में देवी के दो मंदिर काफी प्रसिध्द हैं जिनमें शाजापुर जिले की लनखेड़ा में स्थित बगला मुखी मंदिर तथा दतिया जिले में मां पीताम्बरा पीठ का मंदिर है। इन दोनों देवियों के दो राजनेता भक्त हैं तथा राजनैतिक लड़ाई में दोनों की जमकर प्रतिद्वन्दिता भी है।  पेड न्यूज मामले में संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा को घेरने वाले पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती बगला मुखी मंदिर के भक्त हैं जबकि नरोत्तम मिश्रा पीताम्बरा पीठ के। पेड न्यूज मामले में हांफ दिलाने वाले राजेन्द्र भारती अपनी सफलता के लिये बगला मुखी मंदिर में पूजार्चना कर रहे हैं वहीं नरोत्तम मिश्रा अपने बचाव हेतु पीताम्बरा पीठ के। अब देखना है कि कौन सी देवी भारी पड़ती है।

    डा.नवीन जोशी

  • चंदेरी में आम लोगों से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान
    PUBLISHED : Sep 14 , 9:11 AM



  • मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज अशोकनगर जिले के चंदेरी में स्थानीय कार्यक्रम में शिरकत करने के साथ आम लोगों से मिले और उनकी समस्याएँ जानी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। श्री चौहान ने जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों से उनकी माँगों और सुझावों पर भी चर्चा की। इस दौरान ग्वालियर संभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने हेलीपेड पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
    सुनीता दुबे

  • सरकारी प्रयास संस्थागत व्यवस्था के बाहर से भी मूल्यांकित होंगे
    PUBLISHED : Sep 12 , 7:40 AM

  • फैलोज व्यवहारिक और सैद्धांतिक अनुभवों पर आधारित सुझाव दें
    मुख्यमंत्री श्री चौहान सी.एम. फैलोज उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल हुए

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सी.एम. फैलोज की अवधारणा आऊट ऑफ बॉक्स थिंकिंग का परिणाम है। प्रयास है कि योजनाओं और सुशासन के प्रयास की निगरानी और निरीक्षण की संस्थागत व्यवस्था के बाहर से भी मूल्यांकित हो। श्री चौहान आज अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान में सी.एम. फैलोज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। फैलोज प्रदेश के सभी जिलों में शासन की योजनाओं का अध्ययन कर मुख्यमंत्री सचिवालय को प्रतिवेदन देंगे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने फैलोज का आव्हान किया कि गरीबी, गंदगी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद, सम्प्रदायवाद मुक्त भारत के निर्माण के लिये आगे आयें। नवाचारी सुझाव भी दें। श्री चौहान ने कहा कि फैलोज जिले में व्यापक भ्रमण और संपर्क करें। समन्वय बनाकर योजनाओं का फीडबैक एकत्रित करें। व्यक्तिगत प्रतिभा का उपयोग करते हुए, बदलाव के लिये व्यवहारिक और सैद्धांतिक दोनों आधार पर नये सुझाव और विचार बे-झिझक दें। उन्होंने खुलेमन से विचारशील हों, कार्य करने के लिये कहा। जनता की सेवा का अभूतपूर्व अवसर है, जो फैलोज के भविष्य की अमूल्य निधि बनेगा। व्यवस्थागत सुधारों पर उनके व्यवहारिक विचारों को पूरी गंभीरता से लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने पौराणिक आख्यानों, कथाओं और प्रचलित मान्यताओं के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सकारात्मक सोच, अहंकार से मुक्त, सबको अपना मानते हुए, धैर्य और उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। कहा कि सहज व्यवहार मधुर वाणी और संवेदनात्मक दिल के साथ लोगों के बीच जायें। इस राज्य की जनता की बेहतरी में योगदान के इस ऐतिहासिक अवसर का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार संवेदनशील सरकार है। जिसमें सारी जनता को परिवार मानते हुए, योजना कार्यक्रमों का संचालन हो रहा है। सामाजिक सुरक्षा और सुशासन के लिये अनेक नवाचारी पहल हुई हैं। जिनका अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया है। प्रत्येक व्यक्ति को रहने लायक भूमि के मालिकाना हक और समय-सीमा में सेवा की गारंटी के कानून, मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिये फीस भरवाने, ऑनलाइन सेवाएँ, सी.एम. हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, जन-सुनवाई, लाड़ली लक्ष्मी, स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण आदि योजनाएँ सभी वर्गों की पंचायतें आयोजित कर जन-भागीदारी से करने का नवाचार है। निश्चित रोड मैप पर चलते हुए, यह सब हुआ है। बिजली पानी और सड़क की आधारभूत सुविधाएँ, कृषि आय में वृद्धि, महिला सशक्तीकरण, गरीबों का कल्याण सबको रोटी-कपड़ा-मकान, पढ़ाई-लिखाई इलाज के लक्ष्यों पर कार्य किया गया है, जिनके परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश की इस वर्ष अनुमानित कृषि वृद्धि दर 29.08 प्रतिशत है। सिंचित क्षेत्र करीब 40 लाख हेक्टेयर हो गया है। लखपति लाड़ली लक्ष्मियाँ साढ़े चौबीस लाख है।

    इस अवसर पर फैलोज के साथ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समय प्रबंधन, प्राथमिकताओं का नियोजन, व्यायाम और व्यक्तिगत सोच को आंतरिक ऊर्जा का आधार बताया। जीवन अपने लिये नहीं औरों के लिये है। इस सोच के साथ कार्य करने वाला व्यक्ति सदैव ऊर्जा से भरा रहता है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सी.एम. फैलोज से व्यक्तिगत परिचय भी प्राप्त किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

    संस्थान के संचालक श्री अखिलेश अर्गल ने बताया कि 18 सितम्बर को प्रत्येक जिले में सी.एम. फैलोज पहुंच जायेंगें। राज्य स्तर पर 15 दिवसीय उन्मुखीकरण का कार्य किया जा रहा है। अगला 10 दिवसीय जिला स्तर पर होगा। आभार प्रदर्शन में संस्थान के प्रधान सलाहकार श्री एम.एम. उपाध्याय ने कहा कि एक व्यक्ति की सोच कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, इसका जीवंत उदाहरण प्रदेश की कृषि विकास दर है।
        

  • मिशन 2018 के लिये 25सीटें निशाने पर ....
    PUBLISHED : Sep 11 , 8:39 AM

  • डा.नवीन जोशी
    भोपाल । बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मध्य प्रदेश बीजेपी के नेताओ की ली गई क्लास का असर अब भी दिखाई दे रहा है।पार्टी ने मिशन 2018 के मद्देनजर अभी से ऐसे 25 नेताओं को निशाने पर ले लिया है जिन्होंने 5 हजार से कम मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।सूत्रों के मुताबिक इनकी रिपोर्ट अमित शाह को भेजी गई है।वहीं कांग्रेस भी ऐसी सीटों को कब्जाने की कवायद में लग चुकी है।
    - बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मध्य प्रदेश दौरे से जाने के बाद भी बीजेपी के नेताओं की नींद उड़ीं हुई हैं।जहां सरकार में मुख्यमंन्त्री मंत्रियों की परफॉर्मेंस के साथ साथ अफसरों की क्लास ले रहे है तो संगठन भी चौथी बार पार्टी को जिताने की कवायद में लग गया है।इसके लिए संगठन 5 हजार से कम मतों के अंतर से जीते विधायको की परफॉर्मेंस ओर फीडबैक की समीक्षा कर रहा है।दरअसल बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में अमित शाह ने साफ कर दिया था कि कमजोर स्थिति और परफॉर्मेंस वाले चेहरों को चुनाव न लड़ाया जाए।इसी के मद्देनजर प्रदेश संगठन ने 25 ऐसे नेताओं की जानकारी राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज रहा है जिन्हें 5 हजार से कम अंतर से जीत मिली थी।

    कम अंतर से जीतने वाले विधायक


    सैलाना संगीत चेरल 2079

    मलहरा रेखा यादव 1514

    जौरा सूबेदार सिंह 2498 जीत का अंतर

    बड़वारा मोती कश्यप 3287

    शमसाबाद सूर्यप्रकाश मीना 3158

    मुरैना रुस्तम सिंह 1704 जीत का अंतर

    मेहगांव मुकेश चतुर्वेदी 1273

    सरदारपुर वेलसिंह भूरिया 529

    ब्यावरा नारायण पंवार 3088

    सीधी केदार शुक्ल 2360

    गुन्नौर महेंद्र सिंह 137

    मनावर रंजना बघेल 1639

    जबलपुर पूर्व अंचल सोनकर 1155

    ग्वालियर पुर्व माया सिंह 1147

    पोहरी प्रह्लाद भारती 3625

    बालाघाट गौरीशंकर बिसेन 2500

    देवतालाब गिरीश गौतम 3885

    शाजापुर अरुण भीमावत 1938

    बरघाट कमल मर्सकोले 269

    अशोक नगर गोपीलाल जाटव 3348

    सुरखी पारुल साहू 141

    कुरवाई वीरसिंह पंवार 4081

    सोनकच्छ राजेन्द्र वर्मा 880

    वजह है कि संगठन चाहे विधायक 5 हजार से जीता हो या 50 हजार से उसके परफॉर्मेंस के आधार पर ही टिकिट देने की तैयारी में है।

     2.....5 हजार से कम अंतर से जीतने वालों में अकेले विधायक नही मंत्री भी है।ऐसे में संगठन इन 25 विधायकों की समीक्षा के बहाने बाकी विधायको पर भी दबाव बनाना चाहती है कि अगले एक वर्ष में सरकार की नीतियां योजनाओं के प्रचार प्रसार के साथ साथ जनता से जीवंत संपर्क बनाए ताकि उनका जनाधार मजबूत रह सके।ऐसी सीटों समेत बाकी सीटों पर टिकिट का फैसला करने के लिए बीजेपी की चुनाव प्रबंध समिति 230 सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के नामो का पैनल तैयार करेगी,फिर केन्द्रीय नेतृत्व इनमें से अखिरी नाम तय करेगा।

    वही बीजेपी द्वारा 5 हजार से कम अंतर से जीती गईं सीटों पर अकेले बीजेपी का ही ध्यान नही है,कांग्रेस भी इन सीटों को जीतने के लिए कमर कस चुकी है। कॉंग्रेस भी इन सीटों को चिन्हित कर अभी से इन सीटों से हारे हुए प्रत्याशियों को मैदान में उतार रही है।
    - कहते है एक वोट से मिली जीत भी जीत होती है,लेकिन 5 सालो में ये कम अंतर से मिली जीत कब 6वे साल में आपको हार दिला दे कहा नही जा सकता। यही वजह है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही ऐसी सीटों पर नजर गड़ाये हुए है।वहीं इन सीटों पर बीजेपी की मेहनत को अमित शाह के फियर फेक्टर से जोड़ा जा सकता है।
    डा.नवीन जोशी

  • प्रदेश के शहर अर्थ-व्यवस्था के ईंजन बनें
    PUBLISHED : Sep 08 , 7:54 AM

  • शहरों में गरीबों के लिये बेहतर व्यवस्था करें
    मुख्यमंत्री श्री चौहान स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 की कार्यशाला में

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के शहर अर्थ-व्यवस्था के ईंजन बनें। प्रदेश के शहर अधोसंरचना, शुद्ध पेयजल, कचरा प्रबंधन, सीवेज प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बनें। इन सारे प्रयासों में गरीबों के लिये बेहतर व्यवस्था की जाये। हमारे शहर ऐसे बनाये कि दुनिया के लोग देखने आयें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 ‘नगरों को स्वच्छ बनाने की पहल’ कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के महापौर-अध्यक्ष, आयुक्त तथा नगरीय निकायों के अधिकारियों को पुरस्कृत किया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के हर शहर की अपनी विशेषता है। शहर की पहचान जनता के गर्व से जुड़े जाये, ऐसे प्रयास करें। पर्यावरण को बचाने के लिये पॉलीथिन के दुरूपयोग के बारे में जनता को जागरूक करें। शहरों में पॉलीथिन के विकल्प तैयार हों। आने वाली पीढ़ी के लिये बेहतर पृथ्वी छोड़कर जायें। शहरों में पेड़ लगायें और नदियों को स्वच्छ रखें। आने वाले तीन वर्षों में नगरीय विकास के लिये 85 हजार करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। शहरी पेयजल योजना में सभी 378 शहरों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जायेगी। कचरे के प्रबंधन के लिये प्रदेश में 26 क्लस्टर बनाये गये हैं। अब शहरों में कचरे से जैविक खाद और बिजली बनाई जायेगी।

    मेरा प्रण-मेरा शहर नंबर एक अभियान फिर से शुरू होगा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी शहरों में मेरा प्रण-मेरा शहर नंबर एक अभियान फिर से शुरू किया जाये। शहरों के हर गली-मोहल्ले में स्वच्छता की अलख जगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस आगामी 17 सितम्बर से यह अभियान शुरू किया जाये। स्वच्छता हमारे जीवन का अंग बनें इसका मिशन चलायें। लोगों को स्वच्छता के लिये जागरूक करें। शहरों में फेरी वालों के लिये हॉकर्स कॉर्नर बनायें। शहरी क्षेत्रों में गरीब फेरीवालों से वसूली की व्यवस्था नहीं चलेगी। सभी नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलायें। नागरिक सेवाओं की व्यवस्थाओं का सरलीकरण किया जाये। गरीबों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करायें। पन्नी बिनने वाले बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था सभी नगरीय निकाय करें। स्वच्छ सर्वेक्षण–2017 में हासिल उपलब्धियाँ समाज की मानसिकता में परिवर्तन का परिणाम हैं। इसके लिये सभी नगरीय निकायों ने परिश्रम किया हैं। टीम मध्यप्रदेश की इस उपलब्धि पर हमें गर्व है। अब चुनौती है कि स्वच्छता सर्वे-2018 में हमारे अधिक से अधिक नगरीय निकाय सफल हों। इसकी तैयारी शुरू करें। विचार से संकल्प, संकल्प से दृढ़ निश्चय फिर कठोर परिश्रम से संकल्प साकार होता है। अब प्रतिस्पर्धा मध्यप्रदेश के शहरों में हो कि कौन देश में सबसे स्वच्छ शहर बनेगा।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा है कि स्वच्छता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिकों को बेहतर सेवा देना लक्ष्य है। स्वच्छ सर्वे में मूल्यांकन नागरिकों के द्वारा किया जाता है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि अगले स्वच्छ सर्वे – 2018 में और बेहतर परिणाम लायें।

    प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री मलय श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छ सर्वे – 2018 आगामी 4 जनवरी से होगा। इसके लिये सभी शहर अभी से प्रयास करें। इंदौर देश के दूसरे शहरों के लिये स्वच्छता के क्षेत्र में उदाहरण बना है। आयुक्त नगरीय विकास श्री विवेक अग्रवाल ने स्वागत भाषण देते हुये कहा कि नगरीय विकास स्वच्छता में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। प्रदेश के सभी 378 नगरीय निकाय अगले स्वच्छ सर्वे में पहले 500 में रहेंगे।

    स्वच्छ सर्वे – 2017 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले सम्मानित

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वे–2017 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के महापौर-अध्यक्ष, आयुक्त-मुख्य नगर पालिका अधिकारी और संचालनालय से नियुक्त नोडल अधिकारियों को पदक और ट्राफी देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नगर निगम इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नगर पालिका खरगौन, नगर निगम जबलपुर, सागर, कटनी, ग्वालियर, नगर पालिका ओंकारेश्वर, नगर निगम रीवा, रतलाम, सिंगरौली, छिन्दवाड़ा, नगर पालिका सीहोर, नगर निगम देवास, नगर पालिका होशंगाबाद, पीथमपुर, नगर निगम खण्डवा, नगर पालिका मंदसौर, नगर निगम सतना, नगर पालिका बैतूल और छतरपुर के महापौर-अध्यक्ष, आयुक्त-मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सम्मानित किया।

    आरंभ में इंदौर महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ और बैतूल नगर पालिका अध्यक्ष श्री अलकेश आर्य ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री वी.के. जिंदल सहित प्रदेशभर के नगरीय निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। अंत में आभार प्रदर्शन नगरीय स्वच्छता मिशन संचालक श्रीमती मंजू शर्मा ने किया।
    एस.जे.

  • पत्रकार हत्या: राठौड़ ने की घटना की निंदा, राहुल बोले- दोषियों को मिले सजा
    PUBLISHED : Sep 06 , 8:34 AM


  • कैबिनेट मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने बेंगलुरू में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की निंदा की है और कहा कि वह पत्रकारों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा का विरोध करते हैं। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी वरिष्ठ कन्नड़ पत्रकार की हत्या की निंदा की और कहा कि सच को कभी दबाया नहीं जा सकता।
     
    केंद्रीय खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राठौड़ ने टवीट किया, 'बेंगलुरू से गौरी लोकेश की जन्य हत्या की खबर है। मैं पत्रकारों के खिलाफ हिंसा की निंदा करता हूं'। 

    राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'सच को कभी दबाया नहीं जा सकता। गौरी लंकेश हमारे दिलों में बसती हैं। मेरी संवेदनांए और प्यार उनके परिवार के साथ। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए'।

    कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिला पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने टवीट किया, 'गौरी एक तर्कशील थीं जिन्हें गोलियों से शांत करा दिया गया। उनकी हत्या उन लोगों को चुप कराने का प्रयास है जो विपरीत विचार रखते हैं। दुभार्ग्यपूर्ण है।'  केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया है।

    फेसबुक पोस्ट पर लिखी हत्या की बात
    उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, उनकी हत्या की खबर 'स्तब्ध' कर देने वाली है। 
         
    केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथाला और केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने भी वरिष्ठ पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया। वहीं दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और विमन्स प्रेस क्लब (आई डब्ल्यू पी सी) ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है।

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकार की ह्तया को खतरनाक करार दिया।

    हिंदुत्ववादी राजनीति के खिलाफ खुलकर विचार जाहिर करने वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की राज राजेश्वरी इलाके में उनके आवास के प्रवेश द्वार पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
    गौरी कन्नड़ टैबलॉयड गौरी लंकेश पत्रिके का संपादन करती थीं। इसके अलावा कुछ दूसरे प्रकाशन की भी मालकिन थीं।

    व्यवस्था विरोधी रख के लिए विख्यात पत्रकार थीं गौरी लंकेश

    अपने आवास के बाहर हत्या का शिकार हुईं गौरी लंकेश एक पत्रकार-कार्यकर्ता थीं जो व्यवस्था विरोधी, गरीब समर्थक और दलित समर्थक रख रखती थीं।
     
    कन्नड़ पत्रकारिता में कुछ महिला संपादकों में शामिल गौरी प्रखर कार्यकर्ता थीं जो नक्सल समर्थक थीं और वामपंथी विचारों को खुले तौर पर प्रकट करती थीं।
     
    वर्ष 1962 में जन्मीं गौरी कन्नड़ पत्रकार और कन्नड़ साप्ताहिक टैबलॉयड लंकेश पत्रिके के संस्थापक पी़ लंकेश की बेटी थीं।
    उनकी बहन कविता और भाई इंद्रजीत लंकेश फिल्म और थियेटर हस्ती हैं। अपने भाई और पित्रिका के प्रोपराइटर तथा प्रकाशक इंद्रजीत से मतभेद के बाद उन्होंने लंकेश पत्रिका के संपादक पद को छोड़कर 2005 में के गौरी लंकेश पत्रिका की शुरूआत की थी।
       बेंगलुरु: वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या

    भाजपा सांसद प्रह्लाद जोशी और पार्टी पदाधिकारी उमेश दोषी द्वारा दायर मानहानि मामले में पिछले वर्ष हुबली के मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था जिन्होंने 23 जनवरी 2008 को उनकी पत्रिका में प्रकाशित एक खबर पर आपत्ति जताई थी।
               
    गौरी समाज की मुख्य धारा में लौटने के इच्छुक नक्सलियों के पुनर्वास के लिए काम कर चुकी थीं और राज्य में सिटीजंस इनिशिएटिव फॉर पीस (सीआईपी) की स्थापना करने वालों में शामिल रही थीं।

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान से ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रतिनिधि मंडल ने की भेंट
    PUBLISHED : Sep 02 , 1:12 PM


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    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रतिनिधि मण्डल ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत और ब्रिटेन के कॉमनवेल्थ के अन्तर्गत प्रगाढ़ रिश्तों का जिक्र करते हुए प्रदेश में शहरी गरीब बस्तियों के उन्नयन और शिक्षा के क्षेत्र में ब्रिटिश हाई कमीशन के साथ पारस्परिक सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयासों को नई दिशा दी है।

    श्री चौहान ने ब्रिटिश हाई कमीशन से भेंट के दौरान बताया कि सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल और पर्यटन गतिविधियों में सहयोग की अपार संभावनाएँ हैं। प्रदेश में विकास दर दस प्रतिशत तक पहुंच गई है। विगत 5 वर्षों से कृषि विकास दर औसतन 20 प्रतिशत बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2022 तक नये भारत के निर्माण की अवधारणा अनुसार मध्यप्रदेश के नव-निर्माण के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में सभी वर्गो का आर्थिक विकास सुनिश्चित करने कोशिशें जारी हैं। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की विशेष पहल हुई है। स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके फलस्वरूप 56 प्रतिशत महिलाएँ निर्वाचित हुईं हैं। महिलाओं को शासकीय सेवाओं में (वन विभाग को छोड़कर) 33 प्रतिशत और शिक्षक के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इन प्रयासों से सत्ता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाएँ प्रदेश में चलाई गई हैं ताकि महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़े और सामाजिक सोच में बदलाव आये।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समाज को जोड़ने की पहल में 'मिल बाँचे मध्यप्रदेश' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि 2 लाख 15 हजार से अधिक प्रबुद्धजन स्वत: ही स्कूलों और बच्चों से जुड़े हैं। इन लोगों ने स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग भी दिया है। इनमें राजनेता, पत्रकार, अधिकारी, व्यवसायी और व्यापारी सभी शामिल हैं। श्री चौहान ने शिक्षा के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंग्रेजी के ज्ञान से रोजगार की वैश्विक संभावनाएँ बढ़ती है। राज्य के ग्रामीण अंचलों में इस दिशा में बहुत कार्य किया जा सकता है। विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टतम बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। इंदौर विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट बनाया जा रहा है। पर्यटन के क्षेत्र पर फोकस करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धता का जिक्र किया।

    ब्रिटिश हाई कमीशन के मिनिस्टर ऑफ कल्चर अफेयर्स श्री एलन गेममेल ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को बताया कि वे दूसरी बार भोपाल आये हैं। जनजातीय संग्रहालय देख कर अत्यंत प्रभावित हैं। उन्होंने संग्रहालय को विश्व के सर्वोत्कृष्‍ट संग्रहालयों जैसा बताया। श्री गेममेल ने प्रदेश में ब्रिटिश पर्यटकों को आमंत्रित करने में सहयोग का आग्रह किया। उच्च शिक्षा में अंग्रेजी शिक्षण प्रणाली, शोध और प्राथमिक शिक्षकों के अंग्रेजी प्रशिक्षण में किये जा रहे सहयोग के बारे में भी बताया। उन्होंने न्यायालयीन प्रणाली, प्रशासन तंत्र और पर्यटन से जुड़े अमले के लिए अंग्रेजी के कौशल उन्नयन की परियोजनाओं की जानकारी दी तथा इन क्षेत्रों में राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में विकास और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं की प्रगति से प्रतिनिधि मंडल अत्यंत प्रभावित है।

    प्रतिनिधि मंडल में ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन की डायरेक्टर वेस्ट इंडिया सुश्री हेलन सिलवेस्टर, सीनियर रीजनल एडवाइजर मध्यप्रदेश श्री यश मेहरा, पार्टनरशिप हेड श्री वर्णन डिसूजा भी शामिल थे।
    अजय वर्मा

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