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  • सेना के जवानों को बहनों की राखियां मिलने पर होगा अपार हर्ष
    PUBLISHED : Jul 21 , 8:16 AM

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रक्षा रथ को किया रवाना


    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर बहनों की राखियां और शुभकामना संदेश जब सरहद पर तैनात जवानों को मिलेगे, तब उनका मनोबल और आत्मबल कई गुना बढ़ जायेगा। इस भावनात्मक प्रयास के लिये नव दुनिया परिवार बधाई का पात्र है। श्री चौहान ने यह बात आज मुख्यमंत्री निवास में नवदुनिया की पहल पर भारत रक्षा पर्व के अंतर्गत रक्षा रथ की फ्लैग ऑफ सेरेमनी में कही। इस अवसर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह भी मौजूद थीं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम अपने घरों में चैन से सोते हैं क्योंकि देश की सीमाओं पर हमारे जवान मुस्तैद रहते हैं। हमारे जवान सीमाओं की रक्षा के लिये होली, दीपावली और रक्षा बंधन आदि त्यौहार भी घर पर नहीं मनाते हैं। सदैव जान हथेली पर लेकर देश भक्ति के जज्बे के साथ सरहद की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन पर्व पर जब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की हजारों बहनों की राखियां और शुभकामना संदेश लेकर नवदुनिया का रक्षा रथ उनके पास पहुंचेगा, तब जवानों को अपार हर्ष होगा, भावनात्मक प्रसन्नता की अनुभूति होगी। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि विधान से रक्षा रथ को रवाना किया।

    इस अवसर पर बताया गया कि नवदुनिया द्वारा भारत रक्षा पर्व के अंतर्गत रक्षा रथ के माध्यम से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भ्रमण कर बहनों से राखियां, ग्रीटिंग कार्ड और मैसेज का संकलन किया जा रहा है। संकलित सामग्री सेना के माध्यम से सीमा पर तैनात जवानों को उपलब्ध करवाई जायेगी।

    इस अवसर नवदुनिया के संपादक श्री सुनील शुक्ला, स्टेट ब्यूरो हेड श्री धनंजय प्रताप सिंह, श्री राजीव सोनी, हेड श्री विनित कौशिक सहित मॉडल स्कूल के एन.सी.सी.के छात्र एवं नव दुनिया के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।
    अजय वर्मा

  • *कर्मचारियों को आनंद का पाठ पढ़ाएगी सरकार*
    PUBLISHED : Jul 17 , 9:24 AM


  • भोपाल।* राज्य सरकार शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को आनंद का कोर्स कराएंगे। इसके लिए एक पाठ्यक्रम बनाया गया है। *'ए लाईफ ऑफ हैप्पीनेस एण्ड फुलफिलमेंट'* नामक इस पाठ्यक्रम को डॉ. राज रघुनाथन ने तैयार किया है। इस कोर्स को इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैदराबाद भी उपलब्ध करा रहा है। यह ऑनलाइन पाठ्यक्रम होगा। इस कोर्स का नि:शुल्क अथवा सशुल्क दोनों तरह से अध्ययन किया जा सकेगा।
    शासकीय कर्मचारी को कोर्स की फीस का विभाग द्वारा अधिकतम बीस हजार रुपये भुगतान किया जाएगा। हालांकि कार्यक्रम की फीस इससे अधिक हो तो उसका भुगतान संबंधित सेवक को स्वत: करना होगा। कोर्स पूरा करने के बाद प्रमाण पत्र के आधार पर जो लोक सेवक राज्य आनंद संस्थान को प्रमाण पत्र भेजेंगे उनको संस्थान में आनंदक-रिसोर्स पर्सन के रूप में पंजीकृत किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार संपर्क कर उन्हेें स्वयं सेवक के रूप में कार्य करने का अवसर दिया जाएगा।
    वर्तमान में यह कोर्स अंग्रेजी भाषा  में उपलब्ध है। राज्य आनंद संस्थान द्वारा इसका अनुवाद किया जा रहा है। 3 माह के बाद इसका हिंदी संस्करण भी वेबसाइट पर उपलब्ध हो सकेगा।यह समस्त कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा डिपार्टमेंट आफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने शासकीय अधिकारियों के लिए मान्य किया हैं। यह सुविधा ऐसे नियमित एवं अनुबंध पर कार्य कर चुके अधिकारी एवं कर्मचारियों को मिल सकेगी, जो अपनी नौकरी के दौरान  तीन वर्ष की निरंतर सेवा दे चुके हो।
    आनंद विभाग द्वारा इन संस्थाओं से पृथक से एमओयू किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कार्यक्रम की जानकारी और उनका कैलेण्डर एक सितंबर, 2017 से उपलब्ध होगा। जिसके बाद इस पाठ्यक्रम में भाग लेने के लिए अधिकारी-कर्मचारी को राज्य आनंद संस्थान के माध्यम से पंजीकृत होना होगा।

    *यह संस्थाएं कराएगी कोर्स*

         *संस्थान का नाम*
    1    द आर्ट ऑफ लीविंग फाउण्डेशन बैंगलोर-
            *कार्यक्रम का नाम*
    बिल्डींग कम्पेटेंसेस फार पर्सनल एक्सलेंस इन पब्लिक गवर्नेंस।

         *संस्थान का नाम*
    2     आईसी सेंटर फार अवर्नेंस (आईसीसीजी) पंजगंज-
            *कार्यक्रम का नाम*
        इथीक्स इन पब्लिक सर्विस

         *संस्थान का नाम*
    3    ईशा (फांउडेशन) योगा सेंटर कोयम्बटूर -
            *कार्यक्रम का नाम*
    इन्नेर इंजीनियरिंग लीडरशीप प्रोग्राम।


    *इनका कहना है*
    दफ्तर और आम जीवन शैली में आनंद (हेप्पनिंग) का माहौल बने, लोगों की लाइफ स्टाइल खुशनुमा हो इस उद्देश्य को ध्यान मेें रखते हुए यह कोर्स तैयार किया गया है।  इसे शासकीय कर्मचारी से लेकर एक आम आदमी तक कर सकता है। इस कोर्स का हिंदी पाठ्क्रम भी तैयार किया जा रहा है। जिसे जल्द ही आन-लाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
    प्रवीण गंगराडे, संचालक राज्य आनंद संस्थान
    डा.नवीन जोशी

  • स्नातक परीक्षाओं में सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने के आदेश जारी
    PUBLISHED : Jul 14 , 8:35 AM

  • स्नातकोत्तर परीक्षाओं में लागू रहेगी सेमेस्टर प्रणाली

    डॉ नवीन जोशी
    भोपाल।
    राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में बीए,बीकाम एवं बीएससी की स्नातक परीक्षाओं में सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने के आदेश जारी कर दिये। अब सिर्फ स्नातकोत्तर परीक्षाओं में सेमेस्टर प्रणाली लागू रहेगी।
    आदेश में कहा गया है कि इसी शैक्षणिक सत्र वर्ष 2017-18 से स्नातक परीक्षाओं में वार्षिक पध्दति अपनाई जायेगी जिसमें वार्षिक तथा आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्थायें क्रमश: 80 एवं 20 के अनुपात में होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियामक संस्थाओं यथा एआईसीटीई यानी आल इण्डिया कौंसिल फार टेक्रिकल एजुकेशन, एनसीटीई यानी नेशनल कौंसिल फार टीचर एजुकेशन, बीसीआई यानी बार कौंसिल आफ इण्डिया आदि द्वारा स्नातक स्तर के निर्धारित पाठ्यक्रमों में, नियामक संस्थाओं के प्रावधानुसार निर्धारित प्रणाली को अपनाया जायेगा।

    केपी श्रीवास्तव बने राज्य शिक्षा केंद्र के लेखाधिकारी
    भोपाल।
    राज्य वित्त सेवा के अधिकारी कृष्ण प्रसाद श्रीवास्तव को राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल का लेखाधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे लेखाधिकारी एमपीआरआरडीए सागर थे। इसी प्रकार, विकास आयुक्त कार्यालय भोपाल में लेखाधिकारी देरावर सिेह भाटी को मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम परिषद भोपाल में लेखाधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है। संयुक्त संचालक वित्त मप्र खादी एवं ग्रामोद्योग भोपाल ओपी पंथी को संचालनालय विमानन भोपाल में संयुक्त संचालक वित्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
    इसी प्रकार, प्रशासकीय अधिकारी जेएएच समूह ग्वालियर दिनेश पाठक को लेखाधिकारी मानसिक चिकित्सालय ग्वालियर, सहायक संचालक कोष एवं लेखा ग्वालियर संजय बाबू भदौरिया को लेखाधिकारी एमपीआरआरडीए सागर, लेखाधिकारी एमपीआरआरडीए पन्ना-1 सुनील श्रीवास्तव को प्रशासकीय अधिकारी जेएएच समूह ग्वालियर तथा जिला पेंशन अधिकारी छतरपुर अनिल कुमार खरे को वित्त नियंत्रक महाराजा छत्रसाल विवि छतरपुर पदस्थ किया गया है।
    दो पदोन्नत :
    राज्य वित्त सेवा के दो अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान में पदोन्नत कर उनकी नवीन पदस्थापना की गई है। पदोन्नति के बाद अब मप्र ग्रामीण आजीविका मिशन भोपाल में पदस्थ दिलीप कुमार सक्सेना उप संचालक के स्थान पर संयुक्त संचालक तथा सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल में पदस्थ सतीश चन्द्र उपाध्याय अपर सचिव के स्थान पर उप सचिव हो गये हैं।
    डॉ नवीन जोशी

  • सोशल मीडिया का हद से ज्यादा इस्तेमाल, डाल सकता है रिलेशनशिप में दरार
    PUBLISHED : Jul 06 , 8:33 AM


  • आज के दौर में लाइफ जितनी सोशल हो चुकी है रिलेशन उतनी ही कॉम्पलीकेटड होती जा रही है. सोशल मीडिया के इस दौर में यह एक साइन है जो यह बताता है कि आप अपने रिश्ते में इंसिक्योर है. अगर आपका पार्टनर ये चीज बहुत अधिक करता है तो आपको चिंता करनी चाहिए.

    आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अगर आपका पार्टनर सेशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव होता है तो हो सकता है कि वो इंसिक्योर महसूस करता हो. सामाजिक वैज्ञानिक अनुसंधान के अनुसार, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया साइट एक प्रमुख इंडीकेटर हो सकता है. जो ये बताये कि आपका रिश्ता कितना मजबूत है.

    एक अध्ययन में पता चला है कि सोशल मीडिया किसी भी रिश्ते को बनाने और तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अनुसंधान के मुताबिक जो लोग अपने रिश्ते के बारे में ज्यादा सोचते हैं, वो लोग फेसबुक पर ज्यादा एक्टिव रहते हैं. जरूरत से ज्यादा फोटो अपलोड करते हैं. और जो लोग ज्यादा असुरक्षित फील करते हैं वो सोशल मीडिया पर अपने फोटोज ज्यादा शेयर करते हैं. इसका कारण ये भी हो सकता है कि अगर आपने कोई फोटो अपलोड की और उस पर ज्यादा लाइक और कमेंट आये तो आपक रिलेशन खतरे में पड़ सकता है. क्योकि आपका पार्टनर इस बार से जैलस फील कर सकता है.

    जो लोग अपने रिश्ते में ज्यादा खुश और सबसे ज्यादा सुरक्षित फील करते हैं, वो सोशल मीडिया से उनके रिश्ते को दूर रखने की कोशिश करते हैं. क्योंकि ऐसे लोग सोचते हैं कि उन्हें अपने रिश्ते को दुनिया को दिखाने की जरूरत नहीं है.

    जरूरत से ज्यादा सोशल मीडिया का उपयोग करना डिप्रेशन का शिकार माना जाता है, क्योंकि जो इस चीज का शिकार होते है वो अपने रिशते को दूसरों के रिशते से कम्पेयर करने की कोशिश करते हैं. वो दिखाते हैं कि उनका रिश्ता औरों से बेहतर है. लेकिन जो लोग असुरक्षित नहीं होते हैं वो अपनी जिंदगी जीते हैं. उन्हें किसी और से कोई मतलब नहीं होता है. वो एक-दूसरे के लिए टाइम निकालते हैं.

    वास्तव में ऐसा बिल्कुल नहीं है कि अगर आप में से कोई एक ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताता है तो आपका रिश्ता टूट सकता है या आप एक-दूसरे से प्यार नहीं करते. लेकिन सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करता है वो इंसक्योर हो सकता है.

  • नाइट शिफ्ट में काम करने से बुरी तरह प्रभावित होता है लीवर
    PUBLISHED : Jun 25 , 11:58 AM



  • लंदन : रात के वक्त यानी नाइट शिफ्ट में काम करना आपके स्वास्थय के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है. एक शोध में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नाइट शिफ्ट में जिगर यानी लीवर बुरी तरह प्रभावित होता है. लिवर 24 घंटों में दिन और रात के हिसाब से भोजन और भूख के चक्र का आदी हो जाता है.

    रात की ड्यूटी यानी नाइट शिफ्ट के चलते आप समय पर भोजन नहीं कर पाते, जिसका सीधा असर आपके लिवर पर पड़ता है. शोधकर्ताओं ने चूहों पर प्रयोग कर पाया कि लिवर का आकार रात में बढ़ता है और वह खुद को ज्यादा खुराक के लिए तैयार करता है, लेकिन उसे समय पर उतनी खुराक नहीं मिल पाती.
    सेल नामक पत्रिका में प्रकाशित एक रिसर्च आधारित लेख में शोधकर्ताओं ने बताया है कि जब सामान्य जैविक क्रिया की लय उलट जाती है तो लिवर के घटने-बढ़ने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.

    शोधकर्ताओं का कहना है कि व्यावसायिक बाधाओं या निजी आदतों के चलते हमारी जैविक घड़ी यानी बायोलॉजिकल क्लॉक और दिनचर्या बिगड़ती है. जिसका सीधा असर लिवर के महत्वपूर्ण कामकाज पर पड़ता है. प्रयोग के दौरान चूहों को रात में चारा दिया गया, जबकि दिन में आराम करने दिया गया.

    इस मामले में जिनेवा यूनिवर्सिटी के शोध प्रमुख फ्लोर सिंटूरल ने कहा कि हमने देखा कि रात में सक्रिय चरण यानी एक्टिव फेज़ के दौरान लिवर 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ता है और दिन के दौरान यह शुरुआती आकार में वापस आ जाता है. बायोलॉजिकल क्लॉक में बदलाव से यह प्रक्रिया प्रभावित होती है.
    एजेंसी

  • 2000 और 500 के तर्ज पर अब आएगा एक रुपये का नया नोट
    PUBLISHED : Jun 02 , 8:39 AM


  • जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक 1 रुपए के नए नोट को जारी करेगा।  इस नए नोट के बाजार में आने के बाद भी मौजूदा नोट और सिक्‍के चलन में बने रहेंगे। नया नोट, जिसे सरकार द्वारा छापा जाता है, शुरुआती जानकारी के अनुसार एक रुपये का नया करेंसी नोट गुलाबी-हरे रंग का होगा और इसके पिछले हिस्‍से पर एक रुपए के सिक्‍के की तस्‍वीर छपी होगी। इस नए नोट पर आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास के हिंदी और अंग्रेजी में हस्‍ताक्षर होंगे। आपको बता दें की एक रुपये के नोट के अलावा बाकी सभी नोटों पर आरबीआई गवर्नर के हस्‍ताक्षर होते हैं, लेकिन केवल एक रुपए का नोट ऐसा है, जिस पर आर्थिक मामलों के सचिव के हस्‍ताक्षर होते हैं।

    नई तकनीक का होगा इस्तेमाल 
    नोटों की प्रिंटिंग में उच्च तकनीक का इस्तेमाल करने के बाद लागत में आई कमी आई है। इसको देखते हुए सेंट्रल बैंक दोबारा प्रिंटिंग पर विचार कर रहा है। फिलहाल देश में एक रुपए के सिक्के ढ़ाले जाते हैं। करीब 20 साल पहले आरबीआई ने एक रुपए का नोट छापना बंद कर दिया था। नए नोट अधिक सिक्योरिटी फीचर्स से लैस होंगे।
    ऐसा दिखेगा एक रुपये का नया नोट
    एक रुपए के नए नोट पर आरबीआई की जगह हिंदी और अंग्रेजी में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लिखा होगा। इस नोट पर गवर्नर के सिग्‍नेचर नहीं होंगे। नोट का फ्रंट कलर फीका गुलाबी और हरे रंग का होगा।

    1 रुपए के नोट से जुड़े फैक्ट्स

        आरबीआइ ने प्रिंटिंग कॉस्ट अधिक होने के चलते 1994 मे एक रुपए के नोट की छपाई बंद कर दी थी।
        इसके बाद 2015 मे विशेष छपाई कर एक रुपए के कुछ नोट जारी किए गए थे।
        एक अधिकारी ने बताया कि 1994-95 मे एक रुपए के नोट की छपाई की कीमत 1.48 रुपए आती थी।
        2015 मे एक रुपए के नोट की प्रिंटिंग कॉस्ट 1.14 रुपए आई थी।
        अब जिस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है उससे एक रुपए के नोट की प्रिंटिंग कॉस्ट करीब 78.5 पैसे आएगी।
        इस तकनीक से दस रुपए के नोट की प्रिंटिंग कॉस्ट करीब 70 पैसे और 20 रुपए के नोट की प्रिंटिंग कॉस्ट 95 पैसे आ रही है।
        सूत्रो का कहना है कि लागत कम होने के बाद आरबीआइ एक रुपए के नोट फिर से जारी करने पर विचार कर रहा है।

  • अब भर सकेंगे मधुमेह रोगियों के जख्म, नहीं काटने पड़ेंगे संक्रमित अंग
    PUBLISHED : May 30 , 8:28 AM



  • टोरंटो: मधुमेह के रोगियों के लिए एक राहत भरी खबर है. इलाज का एक ऐसा नया तरीका ईजाद किया गया है, जिससे मधुमेह के रोगियों को चोट लगने पर उनके जख्म भर जाएंगे, जो अब तक नहीं हो पाता था और इसी वजह से कई बार उनके अंग काट देने पड़ते थे.

    मधुमेह के रोगियों को अक्सर पैरों पर जख्म होते रहते हैं जिसे खराब रक्त संचार के कारण ठीक करना अमूमन मुश्किल होता है. इन घावों से होने वाले गंभीर संक्रमण की हालत में व्यक्ति का संक्रमित अंग काटना पड़ जाता है ताकि बाकी अंगों को संक्रमण से बचाया जा सके.

    कनाडा में यूनिवर्सिटी ऑफ मांट्रियल हॉस्पिटल रिसर्च सेन्टर में स्नायु विज्ञानी ज्यां फ्रांस्वा केलेर ने कहा, ‘‘इस तरह के उपचार से हम जख्मों को भरने और मधुमेह रोगी को होने वाले जख्मों को भरने में कामयाब हो सकते हैं. हम अंग विच्छेद से बच सकते हैं.’’ शोधकर्ताओं ने कहा कि हमने एक ऐसा तरीका ईजाद किया है जिससे कुछ खास श्वेत रक्त कोशिकाओं में बदलाव किया जा सकता है और उन्हें त्वचा संबंधी जख्मों को तेजी से भरने में सक्षम बनाया जा सकता है.

    शोधकर्ताओं ने कहा कि यह जानी पहचानी बात है कि श्वेत रक्त कोशिकाएं जख्मों को भरने की सामान्य प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती हैं. इन श्वेत कोशिकाओं को कोशिकीय स्वच्छ प्रक्रियाओं में महारत होती है और ये उतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक होती है.

    यह अध्ययन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी में प्रकाशित हुआ है.
    एजेंसी

  • हाई ब्लड प्रेशर साइलेंट किलर क्यों है? जानिए जरूरी बातें
    PUBLISHED : May 18 , 8:18 AM



  • नई दिल्ली : उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है जिसके कोई विशेष लक्षण नहीं होते और इसी वजह से इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है. विशेषज्ञों का कहना है सिर दर्द, नजर कमजोर होने, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है और नियमित दवाई से ही इसे नियंत्रित रखा जा सकता है.
    विशेषज्ञों के मुताबिक उच्च रक्तचाप एक साइलेंट किलर है क्योंकि इसके अपने कोई विशेष लक्षण नहीं होते. कई बार रोगियों को सिर में दर्द या चक्कर आने की शिकायत होती है लेकिन ज्यादातर बार मस्तिष्क, हृदय, किडनी और आंखों तक पर असर होता है.

    हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है

    आंकड़ों का हवाला देते हुए वह बताते हैं कि एक आकलन के अनुसार 33.8 प्रतिशत शहरी और 27.6 प्रतिशत ग्रामीण आबादी उच्च रक्तचाप की शिकार है जिसका अर्थ हुआ कि हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है. यह लोगों की मृत्यु की भी बड़ी वजह है. पिछले कुछ सालों में बदली जीवनशैली ने लोगों के हाइपर टेंशन को बढ़ाया है. इनमें शारीरिक व्यायाम की कमी, अधिक नमक और बसा वाला जंक फूड, अल्कोहल और तंबाकू के सेवन और मानसिक तनाव आदि कारण हो सकते हैं.

    बीपी रोगियों को उपचार और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए

    समय पर बीपी पर नजर रखकर और उसे नियंत्रित रखकर जटिलताओं को कम किया जा सकता है. रोजाना 25 से 30 मिनट की कसरत, कम नमक का प्रयोग, कम वसा वाले भोजन के इस्तेमाल से मानसिक तनाव से बचा जा सकता है और इसका बीपी रोगियों पर सकारात्मक असर दिखाई देता है. बीपी रोगियों को उपचार और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

    उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है

    उच्च रक्तचाप के प्रति जागरकता लाने के लिए हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है. उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है और हृदय रोगों, किडनी के निष्क्रिय होने जैसी अनेक समस्याओं के पीछे रक्तचाप अधिक होना प्रमुख वजह है. कई रोगियों को अधिक रक्तचाप का पता नहीं चलता क्योंकि कोई खास लक्षण नहीं होता. सिर में दर्द, देखने में दिक्कत, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है.
    ज़ी न्यूज़ डेस्क

  • कई समस्याओं का इलाज नारियल तेल
    PUBLISHED : May 13 , 6:24 AM


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    नारियल ऐसा फल है, जो चाहे कच्चा हो या पका, ठंडक प्रदान करने वाला माना जाता है। चाहे वह पिया जाने वाला नारियल पानी हो, बड़े चाव से खाई जाने वाली नारियल गिरी हो या विभिन्न व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाने वाला पका नारियल यानी गोला हो, ठंडी तासीर के होने के कारण गर्मी के मौसम में फायदेमंद होता है। यही नहीं, पके नारियल से बना तेल अपने एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगस गुणों से भरपूर होता है। बनावट में हल्का और त्वचा में आसानी से अवशोषित होने वाला नारियल तेल शरीर को ठंडक प्रदान करता है और गर्मियों में होने वाली अनेक समस्याओं के समाधान में मरहम की भूमिका अदा करता है।

    पसीने की दुर्गन्ध रोकने में सहायक
    गर्मियों में पसीने की समस्या से दो चार होना आम बात है। नारियल तेल में मौजूद लौरिक एसिड पसीने की दुर्गन्ध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारता है। नहाते समय अपनी बाल्टी में एक नीबू का रस और नारियल तेल की 5-6 बूंदे डाल कर नहाएं तो इससे पसीने से राहत मिलती है और दुर्गन्ध भी कम होती है। आप अपने अंडरआर्म्स पर थोड़ा-सा नारियल तेल लगा लें तो दुर्गन्ध कम होगी।

    सनबर्न या सनटैन दूर करने में मददगार
    गर्मियों में सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के कारण त्वचा को सनबर्न या सनटैन से बचाने में नारियल तेल कारगर साबित होता है। नारियल तेल में थोड़ा सा टमाटर का रस मिला कर प्रभावी जगह पर नियमित रूप से लगाने पर त्वचा का रंग ठीक हो जाता है।

    त्वचा को रूखी होने से बचाए
    सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के प्रभाव और पानी की कमी के कारण त्वचा की प्राकृतिक नमी पर भी असर पड़ता है। एसपीएफ और मॉइस्चराइजिंग गुणों से धनी नारियल तेल त्वचा में होने वाली लालिमा, चकत्ते, बेजान और रूखेपन को दूर करता है। ठंडी प्रकृति का होने के कारण यह त्वचा में होने वाली जलन और खुजली को शांत करता है और मॉइस्चराइज करके मुलायम बनाए रखता है। इसके लिए नहाने के बाद पूरे शरीर पर हल्का-हल्का तेल लगाने से त्वचा में ताजगी बनी रहती है। सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के प्रभाव से आपकी त्वचा का बचाव करने में नारियल का तेल एक सनस्क्रीन का भी काम करता है।
    गर्मियों में अगर आपको दिन में अपनी त्वचा पर क्रीम या मॉइस्चराइजर लगाने में परेशानी हो, चिपचिपाहट महसूस हो या पसीना आता हो तो त्वचा को नमी युक्त और मुलायम रखने के लिए रात में इस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप मॉइस्चराइजर में नारियल तेल की कुछ बूंदें मिलाकर लगाएं तो सोने पर सुहागा होगा।

    करे शरीर की सफाई
    स्क्रबर की तरह इस्तेमाल होने वाला नारियल तेल मॉइस्चराइजिंग का काम बखूबी करता है। एक छोटे चम्मच नारियल के तेल में चीनी या समुद्री नमक मिला कर त्वचा पर रगड़ने पर मृत त्वचा बड़ी आसानी से उतर जाती है और त्वचा मुलायम और चमकदार हो जाती है। इससे कुहनी, घुटनों, गर्दन जैसे शरीर के विभिन्न अंगों में होने वाली कालिमा भी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।

    करे लिप बाम का काम
    शरीर में डीहाइड्रेशन या पानी की कमी का असर होंठों पर भी पड़ता है। कटे-फटे होंठों में से खून भी आने लगता है। नारियल तेल इनके लिए बेहतरीन बाम का काम करता है। दिन में 3-4 बार उंगली की टिप से नारियल तेल होंठों पर लगाना काफी फायदेमंद साबित होता है।

    संक्रमण से करे बचाव
    गर्मियों में बैक्टीरियल संक्रमण से अकसर अंदरूनी अंगों के आसपास दाने, लाल चकत्ते हो जाते हैं, जिनके कारण असहनीय खुजली और जलन होती है। नारियल का तेल लगा कर इन पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

    फंगल इन्फेक्शन को करे दूर
    माइक्रोबियल गुण से भरपूर नारियल तेल गर्मियों में होने वाले दाद-खाज जैसे फंगल इन्फेक्शस में भी प्रभावी है। प्रभावित जगह पर नियमित रूप से नारियल तेल लगाने से आराम मिलता है।

    कीट से करे बचाव
    गर्मियों में मच्छर के कहर से बचाने में नारियल तेल काफी प्रभावी है। नारियल तेल के साथ लेवेंडर, पेपरमिंट, रोज ऑयल मिलाकर अपनी त्वचा पर हल्का-हल्का लगाना फायदेमंद है। इनकी तेज खुशबू से मच्छर या दूसरे कीट आपसे दूर रहेंगे। अगर मच्छर या कोई दूसरा कीड़ा काट भी लेता है तो उससे होने वाली जलन और खुजली पर नारियल तेल लगाने से आराम मिलता है।

    बालों को भी दे पोषण
    हमारे बाल भी मौसम की चपेट में आ जाते हैं। अल्ट्रावायलेट किरणों और पसीने के कारण बाल अकसर चिपचिपे, रूखे और बेजान हो जाते हैं, जिस कारण वे झड़ने भी लगते हैं। इसके अलावा क्लोरीन युक्त पानी के इस्तेमाल और स्विमिंग पूल के पानी का बालों पर खासा असर पड़ता है। इसके लिए जरूरी है नियमित रूप से बालों की सफाई। धोने से पहले बालों में नारियल तेल की मालिश असरदार रहती है। रात को सोते समय मालिश करना बेहतर है। अगर संभव न हो तो नहाने से एक घंटे पहले नारियल के हल्के गर्म तेल से मालिश जरूर करें। रूसी की समस्या हो तो तेल में थोड़ा-सा कपूर मिलाकर लगाएं। इससे बाल कम टूटते हैं और इन्हें पोषण भी मिलता है। सिर धोने के बाद अगर बाल ज्यादा ड्राई हों तो हल्का सा नारियल तेल लगाने से चमक बरकरार रहती है।

    (आरोग्य हेल्थ केयर के नेचुरोपैथ डॉ. संजीव कुमार से की गई बातचीत पर आधारित)

  • नारियल तेल अकेला दस तरह के कॉस्‍मेटिक के बराबर है
    PUBLISHED : May 09 , 8:29 AM


  • बेदाग और खूबसूरत त्वचा तो सभी को चाहिए, मगर ऐसी त्वचा पाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल करना नुकसानदेह हो सकता है. पर अगर आप इन केमिकल की जगह नारियल तेल का इस्‍तेमाल करेें तो उसके नतीजे किसी महंगी क्रीम से कहीं बेहतर साबित होंगे.
    नारियल के फायदों से यूं तो हम सभी वाकिफ हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही जानते हैं कि नारियल का तेल फेस वॉश, मॉइश्चराइज़र, फेस स्‍क्रब और मेकअप रिमूवर का भी काम कर सकता है. बालों के साथ-साथ त्‍वचा को निखारने के लिए भी नारियल तेल बहुत उपयोगी है.
    ऐसे में हम आपको बता रहे हैं नारियल तेल के पांच अनोखे प्रयोग, जहां आप सौंदर्य प्रसाधन की तरह उसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं
    नारियल तेल से बनाएं फेस-वॉश
    किसी पैन में एक कटोरी नारियल का तेल गर्म करें. इसमें एक बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा और पांच चम्मच अपना पसंदीदा खुशबूदार तेल मिला लें. इस मिश्रण को ठंडा होने दें. फिर इसे किसी जार में इकठ्ठा करके रखें. नारियल तेल से बना फेस-वॉश तैयार है.
    लिप बाम
    अपने लिप बाम या लिपस्टिक में नारियल के तेल की कुछ बूंदें मिला लें. इसका इस्तेमाल करके आप रूखे होंठों से निजात पा सकते हैं.
    मॉइश्चराइजर
    अगर आप अपने रोजमर्रा के मॉइश्चराइजर में नारियल तेल की कुछ बूंदें मिला लें तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. नारियल तेल चेहरे की त्वचा में पर्याप्त नमी बनाए रखता है. यदि आपको कील-मुंहासे की समस्या न हो तो सिर्फ नारियल का तेल भी लगा सकते हैं.
    धूप से राहत

    सूरज की तेज रौशनी त्वचा को न सिर्फ रूखा करती है बल्कि इससे झुर्रियां भी होती हैं. इसलिए धूप में निकलने से पहले और धूप से लौटने के बाद चेहरे पर नारियल का तेल जरूर लगाएं.

    मेकअप रिमूवर

    केमिकल वाले मेकअप रिमूवर से कई गुना बेहतर है मेकअप रिमूवर के रूप में नारियल के तेल का इस्तेमाल करना. रूई के फाहे में नारियल के तेल की कुछ बूंदें डालकर मेकअप हटाएं. इससे न सिर्फ मेकअप आसानी से हट जाएगा बल्कि त्वचा को भरपूर पोषण भी मिलेगा.
    फेस स्क्रब

    नारियल के तेल में शक्कर मिलाकर इसे किसी डिब्बे में सुरक्षित रख लें. इस मिश्रण का इस्तेमाल फेस स्क्रब की तरह करें. यह त्वचा को न सिर्फ कील-मुंहासों से बचायेगा, बल्कि त्वचा को भरपूर पोषण भी देगा. इस मिश्रण को किसी ठंडी जगह पर ही रखें.

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